स्मार्टफोन की घंटी और सोशल मीडिया की भागदौड़ से भरी आधुनिक ज़िंदगी के बीच हैदराबाद के युवाओं में एक नया और अनोखा बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर की युवा पीढ़ी अब चकाचौंध से भरी आधुनिक जीवनशैली से ब्रेक लेकर 80 और 90 के दशक की सादगी और सुकून भरे पलों की तरफ रुख कर रही है। हैदराबाद में बने कई खास थीम वाले कैफे इस विंटेज और रेट्रो माहौल को फिर से जीवंत कर रहे हैं। पुरानी कैसेट्स, कॉमिक्स, एंटीक घड़ियों और बीते जमाने के सदाबहार गानों से सजे ये कैफे लोगों को उनके बचपन और 90 के दशक के सुनहरे पलों की सैर करा रहे हैं।
मज़ूरी कैफे: विंटेज सामान और पुरानी यादों का अनूठा संगम
मज़ूरी कैफे का पूरा इंटीरियर 80 और 90 के दशक के माहौल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँ की दीवारों और टेबल पर पुराना नक्काशीदार लकड़ी का काम, रेट्रो लालटेन, चेक पैटर्न वाले टेबलक्लॉथ और पुराने ज़माने की दीवार घड़ियाँ लगाई गई हैं। कैफे की दीवारों पर बीते दौर के चर्चित विज्ञापनों के पोस्टर सजाए गए हैं। इसके अलावा यहाँ आने वाले मेहमानों के देखने के लिए पुरानी ऑडियो कैसेट्स, पुरानी मैगज़ीन, कॉमिक्स और एक क्लासिक CRT टेलीविज़न भी डिस्प्ले में सजाकर रखा गया है।
गाचीबोवली का सेंट्रल पर्क: 90s के न्यूयॉर्क कैफे कल्चर का अनुभव
गाचीबोवली और कोंडापुर इलाके में स्थित सेंट्रल पर्क कैफे 90 के दशक के मशहूर अमेरिकी टीवी शो फ्रेंड्स की थीम पर बनाया गया है। यह कैफे युवाओं का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। यहाँ शो में दिखाया गया आइकॉनिक नारंगी सोफा, जगमगाती नियॉन लाइट्स और 90 के दशक का न्यूयॉर्क कैफे कल्चर देखने को मिलता है। लोग यहाँ बैठकर चाय और कॉफी की चुस्कियों के साथ पुरानी यादों को ताजा करते हैं।
द होल इन द वॉल कैफे: 80s के रॉक म्यूजिक और क्लासिक ब्रेकफास्ट का मज़ा
जुबली हिल्स में स्थित द होल इन द वॉल कैफे उन लोगों के लिए बेहतरीन जगह है जिन्हें 80 के दशक का रॉक और पॉप संगीत पसंद है। ईंटों की देहाती दीवारें, पुराने कैसेट प्लेयर्स, विनाइल रिकॉर्ड्स और क्लासिक इंग्लिश ब्रेकफास्ट इस कैफे की मुख्य पहचान हैं। यहाँ आने वाले लोग पुराने गानों की धुन पर अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
ऑटम लीफ कैफे: जुबली हिल्स का शांत और सादगी भरा विंटेज बंगला
जुबली हिल्स के ही एक पुराने विंटेज बंगले में बना ऑटम लीफ कैफे 80 के दशक के शांत और सरल वातावरण का अहसास कराता है। सागवान की पुरानी कुर्सियाँ, पीतल के पारंपरिक सजावटी सामान, पेंडुलम वाली घड़ियाँ और एक खुला हरा-भरा आंगन इस कैफे को बेहद खास बनाते हैं। शहर के शोर-शराबे से दूर यहाँ आने वाले लोगों को अद्भुत शांति और सुकून मिलता है।
सिकंदराबाद का रेट्रो क्लब कल्चर: हेरिटेज इलाके की पुरानी यादें
सिकंदराबाद के ऐतिहासिक हेरिटेज इलाके में स्थित रेट्रो लाउंज और कैफे 80 के दशक के क्लासिक क्लब कल्चर को आज भी सहेजे हुए हैं। यहाँ की ब्लैक एंड व्हाइट फ्लोरिंग, दीवारों पर लगी पुरानी तस्वीरें और पारंपरिक स्नैक्स यहाँ आने वाले मेहमानों को बीते ज़माने के क्लब लाइफ की याद दिलाते हैं।



















