घने, लंबे और मजबूत बाल पाना हर किसी की ख्वाहिश होती है, मगर आज के समय में हेयरफॉल एक बहुत बड़ी परेशानी बन चुका है। खराब खानपान, बढ़ते प्रदूषण, मौसम में बदलाव, अधिक हीट स्टाइलिंग और सही तरीके से देखभाल न करना इसके प्रमुख कारण हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग अक्सर महंगे शैंपू, सीरम और तमाम हेयर ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये बहा देते हैं, जबकि असल जरूरत दैनिक जीवन की सामान्य आदतों में सुधार करने की होती है।
डॉक्टर मोहम्मद इकबाल की सलाह
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल का कहना है कि अगर आप भी बालों के टूटने से परेशान हैं, तो अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक राहत पा सकती हैं। गर्मियों के मौसम में हफ्ते में तीन बार बाल धोना सही रहता है। बाल धोने के बाद उन्हें तेज गति से रगड़ने के बजाय किसी मुलायम तौलिए से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। इसके साथ ही खानपान और स्कैल्प की सेहत पर भी पूरा ध्यान देना जरूरी है।
तेल मालिश और हेयर स्टाइलिंग के सही तरीके
भारतीय घरों में सदियों से बालों में तेल लगाने की परंपरा चली आ रही है। आप हफ्ते में एक या दो बार अपने बालों और स्कैल्प पर तेल लगा सकती हैं, लेकिन मालिश करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि स्कैल्प पर ज्यादा दबाव न पड़े। उंगलियों के पोरों का इस्तेमाल करके बिल्कुल हल्के हाथों से मसाज करें और तेल लगाने के एक से दो घंटे बाद किसी माइल्ड शैंपू से सिर धो लें, जिससे बालों का रूखापन दूर रहता है। इसके अलावा, बालों को बहुत ज्यादा कसकर बांधने से उन पर खिंचाव पड़ता है जिससे वे कमजोर होकर टूटने लगते हैं। खासकर रात को सोते वक्त टाइट पोनीटेल बनाने से बचें और इसके बजाय बालों की ढीली चोटी गूथ लें।
पिलो कवर और स्कैल्प की सही मालिश
सोते समय तकिए के साथ बालों की रगड़ होने से भी बाल उलझते और टूटते हैं, जिससे बचने के लिए सिल्क या सैटिन के पिलो कवर का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। स्कैल्प की सेहत सुधारने के लिए रोज कुछ मिनट उंगलियों के पोरों से गोल-गोल घुमाते हुए धीरे-धीरे मालिश करें। कभी भी मसाज करते समय नाखूनों का प्रयोग न करें, क्योंकि ज्यादा जोर से रगड़ने से स्कैल्प छिल सकती है या उसमें जलन पैदा हो सकती है।
हीट टूल्स का सीमित इस्तेमाल
बालों को सीधा करने वाले स्ट्रेटनर, कर्लिंग आयरन और ब्लो ड्रायर की अत्यधिक गर्मी बालों को बेहद रूखा और कमजोर बना देती है। यदि आप रोज इन उपकरणों का प्रयोग करती हैं, तो इनकी आवृत्ति को कम करने का प्रयास करें। यदि ब्लो ड्रायर चलाना ही पड़े, तो तापमान को लो या मीडियम पर सेट रखें और हीट प्रोटेक्शन स्प्रे का उपयोग करें। जहां तक संभव हो सके, बालों को अपने आप प्राकृतिक तरीके से ही सूखने दें।
पोषण और डॉक्टर से सलाह
डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के अनुसार, सिर्फ बाहरी तौर पर बालों की देखभाल करना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर को अंदर से उचित पोषण मिलना भी उतना ही आवश्यक है। अपनी दैनिक डाइट में दालें, पनीर, दही, अंडे, चने, राजमा, हरी पत्तेदार सब्जियां, विभिन्न बीज और मौसमी फलों को अवश्य शामिल करें। शरीर और बालों के समग्र स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन तथा आयरन जैसे पोषक तत्वों की मौजूदगी बेहद जरूरी होती है। यदि इसके बाद भी बालों का झड़ना बंद न हो, सिर में गंजेपन के पैच बनने लगें या अचानक से हेयरफॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो इसे केवल घरेलू नुस्खों पर न छोड़ें। ऐसी स्थिति में किसी योग्य डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि बालों की समस्या के कई आंतरिक कारण हो सकते हैं जिनकी सही पहचान करना जरूरी है।

















