भारतीय रसोई में लोहे का तवा सबसे ज्यादा काम आने वाले बर्तनों में से एक है। सुबह के नाश्ते के कुरकुरे पराठे हों या दोपहर और रात के खाने की रोटियां, रोजाना इसका उपयोग लगातार किया जाता है। नियमित रूप से तेल और घी के सीधे संपर्क में रहने के कारण तवे के किनारों और सतह पर धीरे-धीरे तेल की मोटी परत जमा होने लगती है। लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह चिकनाई जलकर सख्त काले निशान का रूप ले लेती है, जिसे सामान्य बर्तन धोने वाले साबुन और स्क्रबर से छुड़ाना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे जिद्दी काले तवे को बिना नुकसान पहुंचाए नए जैसा चमकाने के लिए कुछ आसान घरेलू नुस्खे बेहद प्रभावी साबित होते हैं।
नींबू और नमक का प्राकृतिक मेल
अगर तवे के किनारों पर चिकनाई और मैल की सख्त परत जम चुकी है, तो नमक और नींबू का नुस्खा सबसे बेहतर उपाय है। इसके लिए तवे के गंदे और काले हिस्सों पर थोड़ा सा सूखा नमक छिड़क दें। इसके बाद आधा कटा हुआ नींबू लेकर नमक वाली जगह पर हल्के दबाव के साथ धीरे-धीरे रगड़ें। नमक के बारीक कण एक प्राकृतिक स्क्रब की तरह काम करके मैल को खुरचते हैं, जबकि नींबू में मौजूद प्राकृतिक साइट्रिक एसिड जमी हुई चिकनाई को तेजी से काटता है। पूरी सतह अच्छी तरह साफ हो जाने के बाद तवे को साफ गीले कपड़े से पोंछ लें।
गुनगुने पानी से ढीली करें जली हुई परत
रोटी या पराठा बनाते समय कई बार आटे या तेल के जले हुए अंश तवे पर चिपक कर सूख जाते हैं। ऐसे सूखे और कड़े टुकड़ों को सीधे खुरचने के बजाय तवे के ठंडा होने पर उस पर थोड़ा गर्म पानी डालें। गर्म पानी के संपर्क में आते ही सख्त जली हुई पपड़ी और पुरानी चिकनाई नरम होकर ढीली पड़ जाती है। कुछ देर बाद सामान्य स्क्रबर से हल्के हाथों से घिसने पर ही सारा जला हुआ हिस्सा बर्तन से अलग हो जाता है और तवा साफ दिखने लगता है।
बेकिंग सोडा के पेस्ट से मिटाएं पुराने दाग
तवे की सतह पर कई दिनों से जमे काले दागों को हटाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक कटोरी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा लेकर उसमें हल्का सा पानी मिलाएं और एक गाढ़ा लेप तैयार करें। इस गाढ़े पेस्ट को तवे के दाग-धब्बों और काली परत वाले हिस्सों पर अच्छी तरह फैलाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। जब पेस्ट गंदगी को सोख ले, तब स्क्रबर या कपड़े से हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें। इससे तवे पर जमा जिद्दी गंदगी बिना ज्यादा मेहनत के साफ हो जाती है।
धोने के बाद तेल से करें सीजनिंग
लोहे के बर्तन को धोने के बाद खुला छोड़ देना जंग लगने का सबसे बड़ा कारण बनता है। तवे को अच्छी तरह धोने के बाद कपड़े से सुखाएं और जब वह पूरी तरह सूख जाए, तो उसकी सतह पर खाना पकाने वाले तेल की कुछ बूंदें डालें। किसी साफ कपड़े या किचन टिश्यू पेपर की मदद से तेल की इस पतली परत को पूरे तवे पर समान रूप से फैला दें। ऐसा करने से लोहे की आवश्यक सीजनिंग सुरक्षित रहती है और हवा में मौजूद नमी से जंग लगने का खतरा टल जाता है।
हानिकारक केमिकल वाले क्लीनर से बनाएं दूरी
लोहे के बर्तनों पर बाजार में मिलने वाले तेज केमिकल वाले क्लीनर या एसिडिक लिक्विड का प्रयोग करने से हमेशा बचना चाहिए। ये कठोर उत्पाद लोहे की सतह पर वर्षों से बनी प्राकृतिक सुरक्षात्मक कोटिंग यानी सीजनिंग को नष्ट कर देते हैं, जिससे धातु कमजोर होने लगती है और भोजन चिपकने लगता है। इसलिए रासायनिक उत्पादों के स्थान पर बेकिंग सोडा, नमक और गर्म पानी जैसे सुरक्षित विकल्पों का ही जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना चाहिए।
लंबी उम्र के लिए जरूरी है नियमित देखभाल
लोहे का तवा अपनी मजबूती की वजह से दशकों तक बिना खराब हुए चल सकता है, बशर्ते उसका सही रखरखाव किया जाए। इस्तेमाल के बाद नियमित रूप से सफाई करना, उसे कभी भी गीला न छोड़ना, अच्छी तरह पोंछकर सुखाना और अंत में तेल की हल्की परत लगाना इसकी उम्र को कई गुना बढ़ा देता है। यह बुनियादी आदत तवे को जंग से सुरक्षित रखती है और वह हर समय बिना चिपके रोटियां व पराठे बनाने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।


















