कड़कड़ाती धूप में अधिक समय बिताने के बाद त्वचा की चमक फीकी पड़ जाना और उस पर कालापन छा जाना एक सामान्य बात है। सूर्य की तेज किरणों का सीधा और तीव्र असर सबसे पहले हमारे चेहरे, गर्दन, हाथों तथा पैरों की खुली त्वचा पर दिखाई देता है। इस कालेपन या टैनिंग से छुटकारा पाने की जल्दी में बहुत से लोग तुरंत ब्लीच, केमिकल पील या बाजार में मिलने वाले महंगे सौंदर्य प्रसाधनों का रुख करते हैं। इस तरह के रासायनिक उत्पाद हर प्रकार की संवेदनशील त्वचा के अनुकूल नहीं होते और कई बार त्वचा में जलन या नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए त्वचा की खोई हुई प्राकृतिक चमक और असली रंगत को वापस पाने के लिए घरेलू और सुरक्षित उपाय अपनाना सबसे मुफीद फैसला माना जाता है।
यदि आप किसी भी प्रकार के कठोर ब्लीचिंग उत्पादों का प्रयोग किए बिना अपनी त्वचा से जिद्दी टैनिंग की परत को हटाना चाहते हैं, तो घर पर ही तैयार किया गया प्राकृतिक डी-टैन साबुन एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इसे बनाने के लिए आवश्यक सभी सामग्रियां रसोई या घरेलू उपयोग में बेहद सरलता से मिल जाती हैं। यह साबुन त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ-साथ उसे ताजगी और कोमलता प्रदान करने में सहायक होता है।
धूप के संपर्क में आने से त्वचा का रंग क्यों बदलने लगता है
जब भी हमारी त्वचा सूर्य से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों के सीधे संपर्क में आती है, तो हमारे शरीर का प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो जाता है। इस प्रक्रिया में त्वचा को यूवी किरणों से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए शरीर मेलानिन नामक गहरे रंग के पिगमेंट का अतिरिक्त उत्पादन शुरू कर देता है। मेलानिन का यह बढ़ा हुआ स्तर त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण करता है, लेकिन इसके चलते त्वचा की रंगत असमान, बेजान और सांवली दिखने लगती है। बोलचाल में इसी बदलाव को टैनिंग कहा जाता है। इस अतिरिक्त पिगमेंटेशन को आहिस्ता-आहिस्ता हटाकर त्वचा के मूल स्वरूप को वापस लाने की प्रक्रिया को डी-टैनिंग के नाम से जाना जाता है।
घर पर डी-टैन साबुन तैयार करने की आवश्यक सामग्री
इस प्राकृतिक साबुन को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी और गुणकारी चीजों की आवश्यकता होगी
- ग्लिसरीन साबुन का बेस
- 1 चम्मच सूखे संतरे के छिलके का बारीक पाउडर
- मसूर दाल का पाउडर
- चावल का आटा
- मुल्तानी मिट्टी
- विटामिन ई कैप्सूल का तेल
साबुन बनाने की पूरी और आसान विधि
डी-टैन साबुन तैयार करने के लिए सबसे पहले एक साफ बर्तन में मसूर दाल का पाउडर, चावल का आटा, मुल्तानी मिट्टी और 1 चम्मच सूखे संतरे के छिलके के पाउडर को एक साथ डालकर अच्छी तरह मिला लें, ताकि एक समान सूखा मिश्रण बन जाए। इसके बाद ग्लिसरीन साबुन के बेस को चाकू की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को एक कटोरे में रखकर डबल बॉयलर तकनीक के जरिए धीमी आंच पर पिघलाएं। जब ग्लिसरीन साबुन का बेस पूरी तरह पिघलकर तरल रूप ले ले, तब उसमें पहले से तैयार किया गया सूखा मिश्रण धीरे-धीरे डालें। इस दौरान मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि उसमें कोई गांठ या गुठली न पड़े और सभी चीजें एकसार हो जाएं।
इसके तुरंत बाद आंच को बंद कर दें और इसमें विटामिन ई कैप्सूल को काटकर उसका तेल अच्छी तरह मिला दें। जब यह पूरा घोल हल्का ठंडा लेकिन तरल रहे, तभी इसे मनचाहे आकार वाले साबुन के सांचे में सावधानीपूर्वक उड़ेल दें। अब इस सांचे को किसी समतल जगह पर रखकर लगभग 4 से 5 घंटे तक जमने के लिए छोड़ दें। निर्धारित समय के बाद जब साबुन पूरी तरह सख्त और ठोस हो जाए, तो इसे सांचे से बाहर निकाल लें। आपका घरेलू प्राकृतिक डी-टैन साबुन उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।
उपयोग करने का सही तरीका
इस घरेलू साबुन का इस्तेमाल आप रोजाना नहाते समय पूरे शरीर पर अथवा केवल चेहरे और हाथ-पैरों की सफाई के लिए कर सकते हैं। उपयोग करते वक्त साबुन को गीली त्वचा पर हल्के हाथों से लगाएं और कुछ मिनट तक गोलाकार गति में धीरे-धीरे मसाज करें। इसके बाद सामान्य साफ पानी से त्वचा को धो लें। नियमित रूप से इस साबुन का प्रयोग करने से त्वचा पर जमा मैल और अतिरिक्त पिगमेंटेशन साफ होता है, जिससे त्वचा अधिक खिली हुई, साफ और तरोताजा महसूस होती है।



















