दीपावली के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी की आराधना में कमल के पुष्प का स्थान सबसे प्रमुख माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक देवी लक्ष्मी को कमल अत्यंत प्रिय है और इसके बिना उनका पूजन अधूरा माना जाता है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष रूप से बाजार से कमल के फूल खरीदकर घर लाते हैं। हालांकि सबसे बड़ी समस्या यह सामने आती है कि बाजार से लाने के चंद घंटों के भीतर ही कमल की पंखुड़ियां मुरझाने और लटकने लगती हैं। यदि आप चाहते हैं कि पूजन के समय तक यह पुष्प एकदम खिला और ताजा नजर आए, तो कुछ बेहद सरल व कारगर घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं।
कमल की नाजुक बनावट और मुरझाने का मुख्य कारण
अन्य सामान्य फूलों के मुकाबले कमल का फूल बेहद कोमल और संवेदनशील प्रकृति का होता है। यह जलीय वातावरण में पनपता है, इसलिए पानी से अलग होते ही इसे नमी की भारी कमी महसूस होने लगती है। तेज गर्मी, सीधी धूप और खुश्क हवा के संपर्क में आते ही इसकी पंखुड़ियां तेजी से अपनी ताजगी खोने लगती हैं। बाजार से घर लाने के पश्चात इसे खुली हवा या गर्म कमरे में बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए। सही देखभाल और नमी का संतुलन बनाकर ही आप इसकी प्राकृतिक सुंदरता को कई दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं।
साफ और ठंडे पानी के बर्तन में रखें डंडी
कमल को तरोताजा बनाए रखने का सबसे बुनियादी और असरदार उपाय है कि उसे तुरंत साफ पानी का सहारा दिया जाए। इसके लिए किसी चौड़े मुंह वाले बर्तन अथवा कटोरे में ठंडा और स्वच्छ पानी भरें। इसके बाद कमल के फूल की निचली डंडी को इस पानी के अंदर डुबोकर रख दें। यहां एक खास सावधानी बरतनी जरूरी है कि पानी केवल डंडी तक ही सीमित रहे, फूल की पंखुड़ियों को पानी में बिल्कुल नहीं डूबने देना चाहिए। यदि पंखुड़ियों पर लगातार पानी टिका रहेगा तो वे गल सकती हैं। इसके अलावा उस बर्तन का पानी समय-समय पर बदलते रहें ताकि पानी साफ रहे और उसमें किसी तरह की गंदगी या दुर्गंध न पनपने पाए।
छायादार और ठंडी जगह पर रखना है जरूरी
कमल के फूल की पंखुड़ियां धूप और तेज रोशनी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पाती हैं। सूरज की तेज किरणें और गर्म हवाएं पंखुड़ियों की प्राकृतिक नमी को सोखकर उन्हें झुलसा देती हैं। इसलिए कमल के फूल को सदैव घर के सबसे ठंडे, छायादार और हवादार कोने में रखना चाहिए। ऐसे सुरक्षित स्थान पर रखने से फूल का तापमान नियंत्रित रहता है, उसकी नमी बरकरार रहती है और वह समय से पहले सूखने से बच जाता है।
हल्के गीले सूती कपड़े का सुरक्षा कवच
यदि आप कमल को पानी के बर्तन में नहीं रख पा रहे हैं, तो नम सूती कपड़े का प्रयोग एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। इसके लिए एक साफ सूती कपड़ा लें और उसे पानी से हल्का सा गीला कर लें। इसके बाद इस कपड़े को फूल की डंडी के चारों तरफ अच्छी तरह लपेट दें। यह ध्यान रखें कि कपड़ा बहुत अधिक भीगा हुआ या टपकता हुआ न हो, बल्कि उसमें केवल हल्की नमी होनी चाहिए। यह नम कपड़ा डंडी के जरिए जरूरी नमी पहुंचाता रहता है, जिससे पंखुड़ियों में खिंचाव और ताजगी बनी रहती है।
फ्रिज के वेजिटेबल कंपार्टमेंट का करें इस्तेमाल
कमल के फूल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटर की ठंडक का भी सहारा लिया जा सकता है। इसके लिए फूल को किसी हल्के गीले सूती कपड़े में बहुत संभालकर लपेटें। इसके बाद इसे फ्रिज के फ्रीजर में बिल्कुल न रखें, बल्कि नीचे वाले हिस्से में जहां सब्जियां रखी जाती हैं, वहां सुरक्षित रख दें। जब शाम को अथवा शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करनी हो, तो पूजन से कुछ समय पूर्व फूल को बाहर निकाल लें। सामान्य कमरे के तापमान पर आने के बाद ही इसे पूजा की थाली में अर्पित करें।
बार-बार छूने और छेड़ने से बचें
कमल की पंखुड़ियां अत्यंत नाजुक और संवेदनशील होती हैं। कई लोग उत्सुकतावश फूल को बार-बार हाथ लगाते हैं, उसकी पंखुड़ियों को जबरन खोलने या फैलाने का प्रयास करते हैं। ऐसा करने से पंखुड़ियां टूट सकती हैं, उन पर काले निशान पड़ सकते हैं और उनकी प्राकृतिक बनावट बिगड़ जाती है। फूल को बार-बार छूने या दबाने से पूरी तरह परहेज करें और उसे किसी सुरक्षित व साफ स्थान पर स्थिर रहने दें।
खरीदारी के समय रखें इन बातों का ध्यान
इन सभी घरेलू उपायों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपने बाजार से किस गुणवत्ता का फूल खरीदा है। बाजार में कमल का चयन करते समय हमेशा ऐसा फूल चुनें जिसकी डंडी पूरी तरह हरी और मजबूत हो। साथ ही यह देख लें कि पंखुड़ियां पहले से मुरझाई या किनारे से काली न पड़ रही हों। एक अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा कमल इन आसान उपायों की मदद से पूजा संपन्न होने तक पूरी तरह खिला रहेगा।



















