यूरोक्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति ने अक्टूबर के दौरान रफ्तार पकड़ी है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस साझा मुद्रा क्षेत्र में वार्षिक सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी एचआईसीपी 4 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह आंकड़ा ठीक बाजार के अनुमानों के अनुरूप है और सितंबर के 3.8 प्रतिशत के स्तर से स्पष्ट बढ़ोतरी दर्शाता है। महीने-दर-महीने आधार पर देखें तो कीमतों में बढ़ोतरी की गति 0.4 प्रतिशत रही, जो सितंबर में दर्ज की गई 0.6 प्रतिशत की मासिक वृद्धि के मुकाबले कुछ धीमी रही है। यह आंकड़ा यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मूल्य दबाव के बने रहने का संकेत देता है।
कोर महंगाई के आंकड़े और मासिक बदलाव
अस्थिर खाद्य, ऊर्जा, अल्कोहल और तंबाकू उत्पादों को अलग रखने वाला कोर एचआईसीपी भी स्थिर बना हुआ है। अक्टूबर में कोर वार्षिक महंगाई दर 2.5 प्रतिशत पर दर्ज की गई, जो पूर्व अनुमानों और सितंबर के पिछले आंकड़े के पूरी तरह बराबर है। हालांकि, अगर मासिक आधार पर कोर महंगाई का आकलन किया जाए, तो इसमें सितंबर की तुलना में तेजी देखने को मिली है। सितंबर के 0.2 प्रतिशत के मुकाबले अक्टूबर में कोर एचआईसीपी 0.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य उत्पादों में यह मासिक उछाल बताता है कि अर्थव्यवस्था के अंदरूनी हिस्सों में मूल्य दबाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
अमेरिकी मध्यावधि नतीजों से डॉलर पर दबाव और मुद्राओं की स्थिति
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की शुरुआती मतगणना से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर को भारी दबाव में ला दिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) अपनी दो सप्ताह की गिरावट को थामते हुए 0.6965 के आसपास स्थिर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नई गिरावट ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी से जुड़ी उम्मीदों के असर को बेअसर कर दिया, जिससे डॉलर और कमजोर हुआ। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अपेक्षाकृत नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित दायरे में बांधे रखा।
येन के मुकाबले डॉलर का पतन और सरकारी गतिरोध की आशंका
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) के जोड़े पर बुधवार को भारी बिकवाली का असर साफ दिखा। शुरुआती चुनावी रुझानों के बाद अमेरिकी डॉलर लुढ़ककर एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके चलते USD/JPY एशियाई सत्र में 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गिरा। वाशिंगटन में नई संसद के अंदर गतिरोध पैदा होने की आशंकाओं ने सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन संपत्तियों की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ाया। निवेशकों के बॉन्ड बाजार की ओर मुड़ने से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों में गिरावट आई, जिसने अमेरिकी मुद्रा को नीचे की तरफ धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई।
सोने में उछाल और 4,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर
डॉलर की व्यापक कमजोरी और राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में सोने ने अपनी सुरक्षित संपत्ति की पहचान को और मजबूत किया है। शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान पीली धातु अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब बनी रही और 4,000 डॉलर प्रति औंस के मजबूत मनोवैज्ञानिक आंकड़े के काफी ऊपर टिकी रही। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) और सीनेट दोनों में डेमोक्रेट्स की जीत ने वाशिंगटन के नीतिगत स्तर पर विधायी गतिरोध की संभावनाओं को हवा दी है। इस अनिश्चित माहौल में निवेशकों ने पूंजी की सुरक्षा के लिए सोने को प्राथमिकता दी, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड घटी और सर्राफा बाजार को भारी समर्थन हासिल हुआ।
अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर टिकीं बाजार की निगाहें
वित्तीय बाजारों की नजर अब अमेरिका के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों पर जा टिकी है। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) रिसर्च इंस्टीट्यूट बुधवार को अक्टूबर महीने के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़े जारी करने वाला है। बाजार के विश्लेषक और निवेशक रोजगार सृजन में मध्यम मंदी का अनुमान लगा रहे हैं। सहमति अनुमानों के मुताबिक अक्टूबर में एडीपी रोजगार बदलाव के तहत 69 हजार नए निजी रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है, जो सितंबर के 90 हजार नए रोजगार के आंकड़े की तुलना में साफ गिरावट को दर्शाता है।


















