दीपावली के पावन पर्व पर घर के कोने-कोने को दीपों की कतारों से सजाया जाता है। मुख्य द्वार, बालकनी, आंगन और छत पर जलने वाले मिट्टी के दीये न केवल वातावरण को उत्सव के रंग में रंगते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। अक्सर देखा जाता है कि नए मिट्टी के दीये बहुत तेजी से तेल सोख लेते हैं, जिसके चलते उनकी बत्ती जल्दी बुझ जाती है। इसके अलावा हवा का हल्का झोंका भी इनकी लौ को शांत कर देता है। इस परेशानी से निपटने के लिए आमतौर पर लोग महंगे कांच के कवर तलाशते हैं, जबकि घर में रखी एक साधारण पारदर्शी नेल पॉलिश इस मुश्किल को बेहद किफायती तरीके से सुलझा सकती है।
मिट्टी के छिद्रों को बंद करने का विज्ञान
कुम्हार द्वारा तैयार किए गए नए मिट्टी के दीयों की सतह में बारीक और अनगिनत प्राकृतिक छिद्र पाए जाते हैं। जब इनमें पहली बार सरसों का तेल या घी भरा जाता है, तो सूखी मिट्टी उस चिकनाई को भीतर की ओर तेजी से सोखने लगती है। नतीजा यह होता है कि बत्ती तक पहुंचने से पहले ही तेल का बड़ा हिस्सा दीवारों में समा जाता है और दीया ज्यादा देर तक रोशनी नहीं दे पाता। यदि दीये की भीतरी सतह पर पारदर्शी यानी ट्रांसपेरेंट नेल पॉलिश की एक महीन कोटिंग चढ़ा दी जाए, तो यह परत एक सुरक्षा कवच का काम करती है। इससे मिट्टी के सभी रोमछिद्र पूरी तरह बंद हो जाते हैं, तेल का रिसाव रुक जाता है और लौ कई घंटों तक बिना रुकावट जलती रहती है।
नेल पॉलिश लगाने की सही विधि
इस आसान तरीके को आजमाने के लिए सबसे पहले बाजार से लाए गए नए मिट्टी के दीयों को सूखे कपड़े या हल्के पानी से अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि उन पर जमी धूल हट जाए। इसके बाद किसी साफ ब्रश की सहायता से दीये के अंदरूनी हिस्से में पारदर्शी नेल पॉलिश की एक पतली और एकसमान परत लगाएं। इसे खुली हवा में लगभग 20 से 30 मिनट तक पूरी तरह सूखने के लिए छोड़ दें। जब यह परत बिल्कुल सूख जाए और उसकी गंध उड़ जाए, तभी दीये में आवश्यकतानुसार घी या तेल भरें। इसके बाद अच्छी तरह भिगोई हुई रुई की बाती रखकर दीपक प्रज्वलित करें।
हवा के झोंकों से बचाव और जरूरी सावधानियां
खुली जगहों जैसे छत या बालकनी में दीयों को हवा से बचाने के लिए कुछ व्यावहारिक उपाय अपनाए जा सकते हैं। खुले मैदान के बजाय दीयों को दीवारों की ओट या सुरक्षित कोनों में सजाना चाहिए। इसके अलावा निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें
- दीपक की लौ को स्थिर रखने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली और थोड़ी मोटी बत्ती का प्रयोग करें।
- हवा के तेज बहाव से बचाने के लिए कांच के छोटे गिलास, चिमनी या सजावटी लालटेन के भीतर दीये रखें।
- दीये में तेल या घी की मात्रा हमेशा पर्याप्त रखें, ताकि बाती सूखने न पाए।
- सुरक्षा के लिहाज से दीयों को हमेशा परदों, सजावटी कागजों, सूखे फूलों और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से उचित दूरी पर रखें।
- छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दीपक दूर रखें और खुली छत पर जलते दीयों के आसपास पर्याप्त खुली जगह बनाए रखें ताकि आग लगने की कोई अप्रिय घटना न हो।



















