सिनेमा जगत में अपने खास निर्देशन और शैली के लिए पहचाने जाने वाले दिवंगत फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता की प्रार्थना सभा में उनके करीबी साथी और फिल्ममेकर मिलाप जावेरी बेहद भावुक नजर आए। अपने मेंटर और गॉडफादर को याद करते हुए मिलाप जावेरी की आंखें भर आईं। उन्होंने उपस्थित लोगों के सामने साझा किया कि जब वह केवल 21 वर्ष के थे, तब संजय गुप्ता ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया और उन्हें करियर का पहला बड़ा ब्रेक दिया था।
प्रार्थना सभा में जुटे सिनेमा जगत के लोग
इस प्रार्थना सभा का आयोजन दिवंगत निर्देशक के जीवन, उनके सिनेमाई योगदान और उनकी सहज दयालुता को नमन करने के लिए किया गया था। इस कार्यक्रम का संचालन अभिनेता रोहित रॉय कर रहे थे, जो मंच पर बोलते हुए खुद काफी भावुक दिखाई दिए। सभा के दौरान फिल्म जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे और उन्होंने निर्देशक के साथ बिताए पलों को याद किया। सभागार की पहली पंक्ति में संजय गुप्ता की पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता अपने बच्चों के साथ बैठी थीं और सभी अपने आंसुओं को थामने की कोशिश कर रहे थे।
21 की उम्र में 'कांटे' का मिला था जिम्मा
मिलाप जावेरी ने अपने संबोधन में बताया कि उनका रिश्ता निर्देशक के साथ केवल पेशेवर नहीं था, बल्कि वह उन्हें पिता तुल्य मानते थे। उन्होंने उस दौर को याद किया जब वह बिल्कुल नए थे और सिर्फ 21 साल की छोटी उम्र में संजय गुप्ता ने उन पर विश्वास दिखाते हुए अपनी चर्चित फिल्म 'कांटे' के संवाद और लेखन का अहम जिम्मा सौंप दिया था। इस शुरुआती समर्थन ने उनके पूरे करियर की दिशा तय कर दी थी।
सोशल मीडिया पर साझा किया मार्मिक संदेश
प्रार्थना सभा का एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए मिलाप जावेरी ने एक भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने अपने मेंटर को याद करते हुए लिखा कि जो किसी के आगे नहीं झुकता था और जो प्यार बांटने में कभी पीछे नहीं रहता था, वही असली संजय गुप्ता थे। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशक की पत्नी अनुराधा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि पिछले 25 वर्षों से अनुराधा उनसे कहती आई थीं कि वह उनके लिए घिसी-पिटी पंक्तियां लिखते हैं, लेकिन यह आखिरी बार था। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे बादशाह थे जो हमेशा सभी के दिलों में जिंदा रहेंगे।
घर में गिरने से हुआ था आकस्मिक निधन
संजय गुप्ता का निधन 59 वर्ष की उम्र में 30 अक्टूबर 2026 को हुआ था। पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, फिल्म निर्देशक अपने आवास की रसोई में अचानक अपना संतुलन खो बैठे थे। फिसलने के कारण उनके सिर के पिछले हिस्से पर गंभीर चोट लग गई थी। यह हादसा रात के समय हुआ जब घर के अन्य सभी सदस्य सो रहे थे, जिसके चलते परिवार को घटना की जानकारी अगली सुबह मिल सकी। उन्हें फौरन कूपर अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।



















