जौनपुर में मकान की बाहरी दीवारों को रंगने का विचार बना रहे हैं, तो केवल पेंट के शेड और उसकी कीमत पर ध्यान केंद्रित करना नाकाफी साबित हो सकता है। बाहरी दीवारों को सालभर धूप, बारिश और अत्यधिक नमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि आप गलती से अंदरूनी हिस्सों में इस्तेमाल होने वाला पेंट बाहर लगवा देते हैं, तो कुछ ही महीनों में दीवारें बदरंग होने लगती हैं और पेंट उखड़ने की समस्या सामने आ जाती है। इस प्रकार की परेशानियों से बचने के लिए हमेशा बाहरी सतहों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए पेंट्स का ही उपयोग करना चाहिए।
एक्सपर्ट्स की सलाह और बेहतरीन विकल्प
निश्चय जायसवाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घर के बाहरी हिस्से के लिए हमेशा खास तौर पर तैयार किए गए पेंट्स का ही चयन करना समझदारी है। बाजार में एशियन पेंट्स के तहत Ace, Apex और Apex Ultima जैसे बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें मकान मालिक अपनी वित्तीय स्थिति और जरूरत के अनुसार चुन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक दीवारों पर लगाए जाने वाले पेंट्स बाहरी मौसम की कठोरता को नहीं झेल पाते हैं, जिससे बारिश के दिनों में दीवारों की रंगत उड़ने और सुरक्षा परत नष्ट होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
Apex Ultima और Ace पेंट्स की खासियत
यदि आप बाहरी दीवारों को लंबे समय तक सुरक्षित और चमकदार रखना चाहते हैं, तो Apex Ultima एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। निश्चय जायसवाल के अनुसार, इस विशेष पेंट पर कंपनी की तरफ से पूरे आठ साल की वारंटी प्रदान की जाती है और इसकी अनुमानित कीमत लगभग 9,500 रुपये प्रति ड्रम है। इसके विपरीत, जो लोग थोड़े सीमित बजट में अपने घर को रंगना चाहते हैं, उनके लिए Ace का विकल्प भी उपलब्ध है, जिस पर कंपनी चार साल की वारंटी देती है। हालांकि, पेंट की वास्तविक कीमत, मिलने वाली वारंटी और इसका परफॉर्मेंस उत्पाद के प्रकार, उसकी पैकिंग और आवेदन की शर्तों पर पूरी तरह निर्भर करता है।
पेंटिंग से पहले दीवार की मरम्मत और तैयारी
केवल महंगा उत्पाद खरीदकर लगा देने मात्र से बाहरी दीवारें सुरक्षित नहीं हो जातीं, बल्कि इसके लिए सतह को सही ढंग से तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। निश्चय ने बताया कि पेंट का काम शुरू करने से पहले दीवार के प्लास्टर की जांच करनी चाहिए। अगर कहीं प्लास्टर उखड़ा हुआ है या उसमें दरारें पड़ चुकी हैं, तो सबसे पहले उन कमियों को दुरुस्त कराना आवश्यक है। इसके बाद जरूरत के अनुसार सही पुट्टी और प्राइमर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दीवार को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए वाटरप्रूफ पुट्टी और वाटरप्रूफ प्राइमर का उपयोग करना एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है।
वाटरप्रूफ प्राइमर और कोटिंग का महत्व
दीवारों को मौसम की मार से बचाने के सिलसिले में उन्होंने आगे बताया कि एशियन पेंट्स का टैमशील्ड प्राइमर भी बाहरी सुरक्षा के लिए एक उपयोगी विकल्प है। दीवार की सतह को कायदे से तैयार करने के बाद प्राइमर लगाना और उसके ऊपर पेंट की दो परतें चढ़ाना सबसे प्रभावी परिणाम देता है। हालांकि, इन सभी उत्पादों का उपयोग हमेशा निर्माता कंपनी द्वारा तय किए गए निर्देशों के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए, ताकि मनमुताबिक नतीजे मिल सकें।
पेंट खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान
बाहरी दीवारें साल के बारह महीने मौसम के तमाम बदलावों का सामना करती हैं। गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और बरसात के दिनों में नमी दीवारों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। यही वजह है कि पेंट खरीदते वक्त उसकी कुल गुणवत्ता, मौसम सहन करने की उसकी क्षमता और वारंटी की शर्तों की पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लेनी चाहिए। सही उत्पाद का चुनाव और पेंटिंग का सही तरीका अपनाने से मकान की खूबसूरती लंबे समय तक बरकरार रहती है और बार-बार रंगरोगन कराने पर होने वाले बेमतलब खर्च से भी राहत मिल जाती है।



















