दैनिक भोजन में रोज की सब्जियों से हटकर कुछ नया खाने का विचार हो, तो रसोई में ज्यादा समय बिताए बिना एक बेहतरीन व्यंजन तैयार किया जा सकता है। यदि घर के सभी सदस्यों को पनीर खाना पसंद है, तो इस बार मटर पनीर या शाही पनीर के बजाय मटका पनीर बनाने का प्रयास किया जा सकता है। पारंपरिक मिट्टी के बर्तन में धीमी आंच पर तैयार होने वाला यह व्यंजन अपनी सोंधी महक और अनोखे देसी स्वाद के लिए बेहद खास माना जाता है। मटके के अंदर मसालों के साथ पकने की प्रक्रिया के दौरान पनीर ग्रेवी के सभी स्वादों को अच्छी खासी मात्रा में अपने भीतर सोख लेता है। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इस लजीज व्यंजन को तैयार करने के लिए किसी भी प्रकार की बेहद दुर्लभ या जटिल सामग्री की आवश्यकता बिल्कुल नहीं पड़ती है।
घर में आमतौर पर मौजूद प्याज, टमाटर, दही और सामान्य मसालों की मदद से ही एक शानदार और स्वादिष्ट ग्रेवी बनकर तैयार हो जाती है। अंत में ऊपर से कसूरी मेथी और ताजा हरा धनिया छिड़क देने से इसकी खुशबू और खाने का स्वाद कई गुना अधिक बढ़ जाता है। इस स्वादिष्ट व्यंजन को तंदूरी रोटी, नरम नान या खस्ता लच्छा पराठे के साथ गरमा-गरम परोसा जाए, तो एक साधारण सा रात्रि भोज भी किसी प्रसिद्ध ढाबे के खाने जैसा खास बन जाता है।
मटका पनीर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस लजीज डिश को बनाने के लिए सबसे पहले 250 ग्राम पनीर को लेकर उसे छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें। इसके अलावा खाना बनाने के लिए दो बड़े आकार के प्याज, दो टमाटर, एक बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, दो हरी मिर्च और तीन से चार चम्मच अच्छी तरह फेंटा हुआ दही अपने पास रख लें। स्वाद और सुगंध को बढ़ाने के लिए एक तेजपत्ता, एक बड़ी इलायची, दो छोटी इलायची, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा और चार से पांच लौंग की आवश्यकता होगी। सूखे पिसे हुए मसालों में एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच हल्दी पाउडर और आधा चम्मच गरम मसाला शामिल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त एक चम्मच कसूरी मेथी, लगभग तीन बड़े चम्मच कुकिंग ऑयल या शुद्ध देसी घी, स्वादानुसार नमक और जरूरत के अनुसार बारीक कटा हुआ हरा धनिया अवश्य जुटा लें।
मिट्टी के बर्तन में ऐसे तैयार करें देसी स्वाद
इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत में सबसे पहले एक साफ मिट्टी के मटके को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लेना चाहिए। बर्तन को अचानक तेज आंच पर सीधे चढ़ाने के बजाय हमेशा हल्की आंच पर धीरे-धीरे और क्रमिक रूप से गर्म करना उचित रहता है। लगभग पांच मिनट बीत जाने के बाद इसमें तेल या शुद्ध देसी घी डाल दिया जाए। मिट्टी के बर्तनों के साथ काम करते समय तापमान में अचानक होने वाले भारी बदलाव से हमेशा बचना चाहिए। अब जैसे ही घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, उसमें पहले से निकाले गए तेजपत्ता, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, दालचीनी और लौंग को छोड़ दें। जब इन साबुत मसालों से सोंधी खुशबू हवा में फैलने लगे, तब इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालकर उसे सुनहरे रंग का होने तक अच्छी तरह भून लें।
प्याज के अच्छी तरह भुन जाने के बाद कड़ाही में अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च मिला दी जाती है। इस मिश्रण को एक-दो मिनट तक चम्मच से चलाने के बाद हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर सभी चीजों को भली-भांति मिला लें। अब इसमें टमाटर की प्यूरी या फिर पहले से बारीक कटे हुए टमाटर मिला दें और मसाले को तब तक पकने दें जब तक कि यह मिश्रण पूरी तरह गाढ़ा होकर चारों तरफ से तेल न छोड़ने लगे। इसके बाद चूल्हे की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और थोड़ा-थोड़ा करके फेंटा हुआ दही उसमें उड़ेल दें। दही मिलाते समय ग्रेवी को लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि दही के फटने की कोई भी संभावना न बचे। इसके पश्चात आवश्यकता के अनुसार थोड़ा सा पानी डालकर इस पूरी ग्रेवी में एक अच्छा उबाल आने दें।
दम पर पकाने की अंतिम प्रक्रिया
ग्रेवी के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद अब इसमें कटे हुए पनीर के टुकड़े और कसूरी मेथी मिला दी जाती है। इन सारी सामग्रियों को बहुत ही हल्के हाथों से आपस में मिलाया जाना चाहिए ताकि नाजुक पनीर के टुकड़े टूटने न पाएं। अब इस मटके के मुंह को एक ढक्कन से अच्छी तरह ढककर उसके किनारों को गूंथे हुए आटे की मदद से पूरी तरह सील कर दिया जाता है। इसे बिल्कुल धीमी आंच पर लगभग 8 से 10 मिनट तक दम पर पकने के लिए छोड़ दिया जाता है। गैस या चूल्हा बंद करने के तुरंत बाद मटके को बिना खोले करीब पांच मिनट तक वैसे ही रखा रहने दें। इसके बाद सावधानी के साथ मटके का ढक्कन खोलकर ऊपर से ताजा हरा धनिया बिखेर दें और गरमा-गरम मटका पनीर को खाने के लिए परोस दें।
किस भोजन के साथ इसका स्वाद सबसे अच्छा लगता है
तैयार किए गए इस खास मटका पनीर को तंदूरी रोटी, बटर नान, कुरकुरे लच्छा पराठे या फिर सादे उबले हुए जीरा राइस के साथ बेहद चाव के साथ खाया जा सकता है। यदि घर पर भोजन की मेज पर रखने के लिए कोई छोटा मिट्टी का मटका उपलब्ध हो, तो इसी बर्तन में खाना परोसने से इस पूरे व्यंजन का पारंपरिक और देसी रूप और अधिक आकर्षक दिखाई देता है। खाना बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि मिट्टी के किसी भी बर्तन को कभी भी अचानक तेज आंच पर न रखें और पूरी पकाने की प्रक्रिया के दौरान आंच को हमेशा धीमा ही रखें। इस छोटी सी सावधानी को अपनाकर घर के साधारण से डिनर को भी बेहद खास और यादगार बनाया जा सकता है।



















