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घर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर रहें सतर्क, कमरे का लॉक लगने पर इन बातों का रखें ध्यानपेरेंटिंग
1 सित॰ 2026, 5:08 pm (44 मिनट पहले)· 2

घर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर रहें सतर्क, कमरे का लॉक लगने पर इन बातों का रखें ध्यान

छोटे बच्चों द्वारा खेल-खेल में कमरे का दरवाजा बंद कर लेने की समस्या से निपटने के लिए पहले से कुछ जरूरी एहतियात बरतना बहुत आवश्यक है।

घर के भीतर छोटे बच्चे होने पर माता-पिता की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। बच्चों की स्वाभाविक उत्सुकता उन्हें विभिन्न तरह की गतिविधियां करने के लिए प्रेरित करती है। कई बार वे अनजाने में या खेल-खेल में कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लेते हैं और फिर उसे खोल नहीं पाते हैं। इस तरह की परिस्थितियां न केवल बच्चों के लिए बेहद डरावनी साबित होती हैं, बल्कि अभिभावकों की चिंता को भी काफी बढ़ा देती हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए पहले से ही पुख्ता सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।

छोटे बच्चों की यह फितरत होती है कि वे बड़ों की गतिविधियों की बहुत जल्दी नकल करते हैं। वे दरवाजा बंद करना और कुंडी लगाना तो सीख जाते हैं, लेकिन उसे वापस खोलना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे खुद को कमरे में बंद पाकर अचानक घबरा जाते हैं और रोने-बिलखने लगते हैं।

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बच्चों की पहुंच से दूर रखें लॉक सिस्टम

यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं, तो ऐसे कमरों के दरवाजों पर चाइल्ड-सेफ्टी लॉक लगवाने पर विचार करें। बाजार में कई ऐसे आधुनिक लॉक सिस्टम उपलब्ध हैं जिन्हें बाहर की तरफ से बेहद आसानी से खोला जा सकता है। इससे किसी भी आपात स्थिति के दौरान बिना किसी देरी के दरवाजा खोलना मुमकिन हो जाता है।

बहुत छोटे बच्चों को कभी भी लंबे समय के लिए किसी कमरे में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर आपको किसी जरूरी काम से दूसरे कमरे में जाना पड़े, तो बच्चे को साथ ले जाएं या उसे ऐसी जगह पर रखें जहां दरवाजा बंद होने का कोई खतरा न हो।

यदि आपके कमरे में चाबी से खुलने वाला लॉक लगा है, तो उसकी एक अतिरिक्त चाबी हमेशा किसी सुरक्षित जगह पर संभाल कर रखें। किसी भी आपात स्थिति में यह अतिरिक्त चाबी बहुत काम आती है और आपको दरवाजा तोड़ने जैसी भारी परेशानी से बचा लेती है।

जैसे-जैसे बच्चे की उम्र थोड़ी बढ़ती है, उसे धीरे-धीरे दरवाजा खोलने और बंद करने का सही तरीका सिखाना शुरू करें। खेल-खेल के माध्यम से उसे समझाएं कि कुंडी लगाने के बाद उसे वापस कैसे खोला जाता है। इससे बच्चा भविष्य में ऐसी स्थिति आने पर बिना घबराए खुद को संभाल सकेगा।

घबराएं नहीं और बच्चे को रखें शांत

यदि दुर्भाग्य से बच्चा कभी कमरे के अंदर बंद हो जाए, तो सबसे पहले खुद का संयम बनाए रखना जरूरी है। दरवाजे के बाहर खड़े होकर लगातार बच्चे से बातचीत करते रहें और उसे दिलासा दें कि आप उसे जल्द ही बाहर निकाल लेंगे। आपकी शांत आवाज सुनकर बच्चे का डर कम होगा और वह रोना भी धीमा कर देगा।

खिड़कियों और बालकनी पर भी रखें पूरी नजर

कई बार बंद कमरे के भीतर मौजूद खिड़कियां या बालकनी बच्चों के लिए एक नया और बड़ा खतरा पैदा कर देती हैं। इसलिए हमेशा यह सुनिश्चित करें कि बच्चों की पहुंच वाली सभी खिड़कियों पर मजबूत सुरक्षा ग्रिल और लॉक ठीक से लगे हुए हों।

यदि कमरे का लॉक किसी तकनीकी समस्या के कारण नहीं खुल पा रहा है, तो अपने पास हमेशा किसी पड़ोसी, परिवार के करीबी सदस्य या किसी लॉक विशेषज्ञ का संपर्क नंबर जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों की सहायता तुरंत ली जा सकती है।

सवाल-जवाब

बच्चे कमरे में कैसे बंद हो जाते हैं?
बच्चे बड़ों की नकल करते हुए खेल-खेल में दरवाजा बंद कर लेते हैं और कुंडी लगाना सीख जाते हैं, लेकिन उसे खोलना न आने के कारण अंदर फंस जाते हैं।
बच्चों के लिए किस तरह के लॉक बेहतर हैं?
चाइल्ड-सेफ्टी लॉक और ऐसे आधुनिक लॉक सिस्टम बेहतर रहते हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर बाहर की तरफ से आसानी से खोला जा सके।
कमरे का लॉक लगने पर माता-पिता को सबसे पहले क्या करना चाहिए?
माता-पिता को सबसे पहले खुद शांत रहना चाहिए और दरवाजे के बाहर से बच्चे से लगातार बात करके उसे ढांढस बंधाना चाहिए।
चाबी खोने या आपात स्थिति से निपटने का क्या उपाय है?
कमरे की अतिरिक्त चाबी हमेशा किसी सुरक्षित स्थान पर रखनी चाहिए और आपात स्थिति के लिए किसी पड़ोसी या लॉक विशेषज्ञ का नंबर पास रखना चाहिए।
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