घर अब सिर्फ़ रहने की जगह नहीं रह गया है। यह आराम, काम, सेहत और रिश्तों, सबका केंद्र बनता जा रहा है। TrendKia ने दुनिया के दस जाने-माने डिज़ाइनरों और आर्किटेक्ट्स से बात की, जिन्होंने बताया कि आने वाले कल का घर किन बातों से तय होगा। लॉस एंजेलिस से लेकर पेरिस, मिलान, मेलबर्न और न्यूयॉर्क तक फैले इन विशेषज्ञों की राय में कुछ साझा धागे साफ़ नज़र आते हैं।
स्क्रीन से दूरी, इंसानों के बीच नज़दीकी
Why Architecture Workshop, Los Angeles के संस्थापक और AD100 डिज़ाइनर Kulapat Yantrasast मानते हैं कि स्क्रीन पर बहुत ज़्यादा समय बिताने की वजह से इंसानी रिश्ते कमज़ोर पड़ रहे हैं। इसका हल वे एक साझा घर में देखते हैं, जिसे वे "buddy block" कहते हैं। इसमें दोस्त मिलकर एक छोटा समुदाय बनाते हैं। आपका अपना घर तो होता ही है, लेकिन साथ में एक क्लबहाउस भी हो सकता है, जिसका मज़ा आप अपने 10 दोस्तों के साथ लेते हैं। उनके शब्दों में यह लगभग एक मिनी होटल जैसा है, जहाँ आप नाश्ता, दोपहर और रात का खाना साथ कर सकते हैं और एक ही फ़िज़िकल ट्रेनर, लाइफ़ कोच या ड्राइवर साझा कर सकते हैं।
Charlap Hyman & Herrero, Los Angeles के प्रिंसिपल और आर्किटेक्ट Andre Herrero भी इसी मेलजोल की भूख की बात करते हैं। उनके मुताबिक़ लोग फिर से मेहमाननवाज़ी करना चाहते हैं। बहुत से लोग खानाबदोश जैसी ज़िंदगी जीते हैं, इसलिए कुछ लोग अपने घरों से जुड़े पूरे अपार्टमेंट रखना पसंद करते हैं, जहाँ दोस्त ठहर सकें। बात सिर्फ़ एक गेस्ट रूम की नहीं है, बल्कि मेहमान को उसकी अपनी एक अलग दुनिया देने की है, फिर भी आपस में मेलजोल बना रहे। Herrero कहते हैं कि टेक और उद्यमिता की दुनिया में यह और भी अहम है, क्योंकि उद्यमी नए विचारों और प्रेरणा के लिए तरसते हैं, और वह असली मुलाक़ात और साथ बिताए वक़्त से ही आती है।
घर के भीतर बिखरा वेलनेस
Flack Studio, Melbourne के AD100 डिज़ाइनर David Flack के अनुसार अब पूरी तरह से वेलनेस वाली जगहें घरों का हिस्सा बन रही हैं। चाहे शॉवर में स्टीम शॉवर जोड़ना हो या एक अलग सॉना, स्टीम, कोल्ड प्लंज या हाइपरबैरिक चैंबर लगाना। जिम जैसी सुविधाएँ अब पूरे घर में बँट गई हैं, कहीं हल्की कसरत की जगह तो कहीं योग की। Herrero इसमें मेडिटेशन, रिट्रीट और आइसोलेशन रूम भी जोड़ते हैं, यानी ऐसी हर चीज़ जो आपको टेक्नोलॉजी से थोड़ी देर अलग कर दे। लोग लगातार उस ढर्रे से अलग होने के रास्ते ढूँढ रहे हैं, जिसमें वे अनजाने में ढल गए हैं।
शांत और साफ़ घर का चलन
Crosby Studios, Paris and New York के संस्थापक और क्रिएटिव डायरेक्टर Harry Nuriev का कहना है कि घर अब ज़्यादा शांत होता जा रहा है। लोग बहुत ज़्यादा सजे-धजे इंटीरियर से हटकर ऐसी जगहों की ओर बढ़ रहे हैं जो मानसिक रूप से सुकून दें। ज़रूरी नहीं कि वह पारंपरिक मायने में "कोज़ी" हो, बल्कि नज़र को कम उलझाने वाला और भावनात्मक रूप से ज़्यादा साफ़ हो। उनके मुताबिक़ खाली जगह की अहमियत बढ़ेगी और मिनिमलिज़्म फिर से मायने रखने लगेगा, सिर्फ़ एक सजावट की शैली के तौर पर नहीं, बल्कि माहौल और मन दोनों को साफ़ करने के तरीक़े के रूप में। ख़ुद Nuriev की दिलचस्पी अब बेज के अनगिनत शेड्स के बजाय काले और सफ़ेद जैसे गहरे कंट्रास्ट में बढ़ रही है। वे एक दिलचस्प विरोधाभास की ओर भी इशारा करते हैं, हम ट्रेडमिल या योगा मैट जैसी वेलनेस चीज़ों को इस्तेमाल के बाद छिपा देते हैं, जबकि डाइनिंग टेबल हमेशा सामने रहती है, भले ही उसका इस्तेमाल कम होता हो। उनके मुताबिक़ अगर हम डाइनिंग टेबल से ज़्यादा वक़्त ट्रेडमिल पर बिताते हैं, तो शायद हमें फिर से सोचना चाहिए कि घर में किन चीज़ों को जगह मिलनी चाहिए।
बाहर की दुनिया में नई दिलचस्पी
Studio Zewde, New York की AD100 डिज़ाइनर Sara Zewde कहती हैं कि लोगों का नज़रिया बाग़-बग़ीचों को लेकर बदल रहा है। अब उन्हें समझ आ रहा है कि जिस तरह वे अपने इंटीरियर को आकार देते हैं, उसी तरह अपनी बाहरी जगहों को भी गढ़ सकते हैं। लॉन और बहुत ज़्यादा देखभाल माँगने वाले लैंडस्केप से हटकर लोग ऐसी चीज़ों की ओर बढ़ रहे हैं जिनमें मेहनत कम लगे, जैसे मेडो मिक्स और बीज से पौधे उगाना, ताकि ज़मीन के साथ धीरज से काम करके एक ज़्यादा प्राकृतिक और जंगली रूप तैयार हो। Zewde के अनुसार कोविड के बाद के दौर में लोग बाहर समय बिताना चाहते हैं, इसलिए शेड स्ट्रक्चर उनके काम का एक बड़ा हिस्सा बन गए हैं, क्योंकि छाँव ही किसी बाहरी जगह को रहने लायक़ आरामदेह बनाती है।
Geoponika, Los Angeles के सह-संस्थापक और लैंडस्केप डिज़ाइनर Carlos Campos Morera का कहना है कि लोग अब ख़ुद हाथ गंदे करने को तैयार हैं। उन्हें यह एहसास हो रहा है कि घर के मालिक के तौर पर वे ख़ुद बाग़ की टीम का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक़ एक बेहतरीन बाग़ अक्सर उसी इंसान से तय होता है जो उसे देखता और सँवारता है, यानी वहाँ रहने वाला। Morera के अनुसार वॉटर फ़ीचर फिर से ख़ूब चलन में आ रहे हैं। पानी के इस्तेमाल को लेकर इन पर एक बदनामी रही है, लेकिन अगर इन्हें सही ढंग से बनाया जाए तो ये पानी की खपत ज़्यादा नहीं बढ़ाते। वे बाग़ में आवाज़ पर ध्यान देने की भी सलाह देते हैं, जैसे विंड चाइम की वापसी या कुछ पौधों से उठती आवाज़, चाहे वह बाँस हो, सूखे पत्ते हों या वॉटर फ़ीचर।
घर का बदलता नक़्शा और काम की जगह
Dimorestudio, Milan के सह-संस्थापक Britt Moran के मुताबिक़ घर का लेआउट अब कम पदानुक्रम वाला और ज़्यादा सिनेमाई होता जा रहा है। जगहों को अब एक क्रम में नहीं, बल्कि परतों में पढ़ा जाता है, कभी नज़र से जुड़ी हुई तो कभी सिर्फ़ एहसास में। मिसाल के तौर पर प्राइमरी सुइट अब घर के भीतर लगभग अपनी एक स्वायत्त दुनिया की तरह सोचे जा रहे हैं, अलग नहीं, बल्कि अपने आप में पूरे, अपनी रोशनी, अपने मटीरियल और अपनी ख़ामोशी की लय के साथ। साथ ही सेकेंडरी यूनिट में भी ख़ासी दिलचस्पी दिख रही है, यानी मुख्य घर के भीतर या उसके पास छोटे स्वतंत्र ढाँचे। ये सिर्फ़ काम के विस्तार नहीं, बल्कि भावनात्मक दूरी और वापसी की जगहें हैं। Moran के शब्दों में अहम बात यह है कि नज़दीकी हो, पर एक-दूसरे पर हावी हुए बिना। घर अब बँटवारे से ज़्यादा संतुलित दूरियों के बारे में हो रहा है।
Toshiko Mori Architect, New York की Toshiko Mori कहती हैं कि लोग घर पर काम करने की जगह ढूँढ रहे हैं। बात दफ़्तर बनाने की नहीं, बल्कि ज़्यादा अनौपचारिक जगहों की है, जैसे एक ब्रेकफ़ास्ट टेबल जो वर्कस्पेस में बदल जाए, या बेडरूम का कोई हिस्सा जो छोटी मेज़ के साथ कुछ देर के लिए काम की जगह बन जाए। अब कोई किसी एक जमे-जमाए दफ़्तर तक सीमित नहीं है। यह कोई छोटा-सा कोना या कोई कम दिखने वाली जगह हो सकती है। Mori के मुताबिक़ घर के भीतर हमारी जीवनशैली अब ज़्यादा तरल हो गई है, इसलिए लोग एक कमरे में सिर्फ़ एक ही काम नहीं करते।
New York, Mexico City और Rio de Janeiro में काम करने वाले AD100 डिज़ाइनर Mark Grattan एक और दिलचस्प चलन बताते हैं। अब लोग चाय और कॉफ़ी के लिए अलग कमरे रखने लगे हैं। यह कोई बैठक की जगह नहीं, बल्कि सुबह की कॉफ़ी लेने के लिए एक अलग कमरा है, और यह किचन से इलेक्ट्रॉनिक चीज़ों को दूर रखने का भी एक तरीक़ा है। Grattan के अनुसार रंगों की भी वापसी हो रही है। हर कोई अपने तरीक़े से ख़ुद होने और अपनी अलग पहचान दिखाने की कोशिश कर रहा है, यानी ज़्यादा रंग, ज़्यादा प्रिंट, ज़्यादा गर्माहट और कम प्लास्टिक व कम बेजान सफ़ाई।
दिखाई न देने वाली टेक्नोलॉजी और कारीगरों की वापसी
Paris के AD100 डिज़ाइनर Hugo Toro का कहना है कि हम चाहते हैं कि स्मार्ट टेक्नोलॉजी और ज़्यादा अदृश्य हो जाए। स्क्रीन का दिखना अब अच्छा नहीं लगता। बेशक गर्मी को नियंत्रित करने और स्मार्ट घर बनाने जैसे पर्यावरणीय पहलुओं से निपटना ही होगा, लेकिन हम उसे महसूस करना चाहते हैं, देखना नहीं। Toro के मुताबिक़ लोग प्राकृतिक मटीरियल और बनावट की ओर लौटना चाहते हैं और कारीगरों के साथ काम करने में दिलचस्पी बढ़ रही है। यह 1930 के दशक की वापसी जैसी है, जब लोग दस्तकारों और उनकी तकनीकों के साथ काम करते थे और कारीगर के हाथ का हुनर साफ़ दिखता था। उनके शब्दों में ज़रूरी नहीं कि हर चीज़ सममित या एकदम परफ़ेक्ट हो।
इसी सोच को Flack आगे बढ़ाते हैं। वे ज़्यादा टेक वाले घरों के बहुत बड़े समर्थक नहीं हैं। उन्हें स्मार्ट स्विच के बजाय लाइट स्विच का असली स्पर्श और आवाज़ पसंद है। उनके मुताबिक़ घर में घुसते ही अच्छा महसूस होना चाहिए, और ऐसा तब होता है जब घर आप पर हावी न हो। आप यह नहीं चाहते कि फ़ोन चार्ज न होने की वजह से आप अपने ही घर में न घुस पाएँ।













