सऊदी तेल संकट और फेडरल रिजर्व के फैसलों से पहले सोने की चमक फीकी, ट्रेजरी यील्ड 5% के पारसितंबर के उत्तरार्ध में पांच राशियों के लिए कठिन समय: आपसी संबंधों, करियर और पारिवारिक जीवन में बरतनी होगी विशेष सावधानीराजस्थान निकाय चुनावों के नतीजों पर गरमाई सियासत, भाजपा ने माना जनता का आशीर्वाद तो कांग्रेस बोली आंकड़े कह रहे कुछ औररायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गणेशोत्सव पर चढ़ाया 1.15 करोड़ का स्वर्ण मुकुटजयपुर निकाय चुनाव: तबेलेनुमा स्कूल विवाद वाले रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में हारी बीजेपी, कांग्रेस के सुरेश मीणा जीतेसमस्तीपुर में बिना परीक्षा शिक्षक बनने का मौका, 16 सितंबर को होगा वॉक-इन इंटरव्यू2026 के अंत से पहले भारत पर चक्रवातों का साया, इसरो ने बंगाल की खाड़ी से अरब सागर तक जारी किया बड़ा अलर्टकच्चे तेल में तेजी और कनाडियन डॉलर की मजबूती से गिरा यूरो, वैश्विक बाजारों में बड़ी हलचलभविष्य निधि सब्सक्राइबर अब EPFO के नए व्हाट्सएप चैनल से देख सकेंगे बैलेंस और क्लेम का स्टेटसगुरुग्राम में तेज रफ्तार कार ने स्पोर्ट्स बाइक सवार महिला राइडर को मारी जोरदार टक्कर, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समुद्र मंथन पहल को दी मंजूरी, एस जयशंकर ने बताया ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा कदमनेता जी
1 अग॰ 2026, 1:12 am (45 दिन पहले)· 0

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समुद्र मंथन पहल को दी मंजूरी, एस जयशंकर ने बताया ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समुद्र मंथन पहल को मंजूरी दी है, जिससे भारत के अपतटीय ऊर्जा संसाधनों का विकास होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के ऊर्जा क्षेत्र को नया रूप देने के लिए 'समुद्र मंथन' नाम से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल को मंजूरी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए एस जयशंकर ने बताया कि यह मील का पत्थर साबित होने वाली योजना देश के अपतटीय ऊर्जा संसाधनों को अनलॉक करेगी और भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगी।

गहरे समुद्र में खोज और तकनीकी विकास

समुद्र मंथन पहल का मुख्य उद्देश्य समुद्री क्षेत्रों में मौजूद तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों का व्यवस्थित दोहन करना है। उन्नत अन्वेषण तकनीकों को अपनाकर और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को गहरा करके, इस योजना का लक्ष्य बाहरी ऊर्जा आयात पर निर्भरता को कम करना तथा देश के भीतर एक टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा ढांचा तैयार करना है।

आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे पर व्यापक ध्यान

अपतटीय ऊर्जा में तेजी लाने का यह प्रयास केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए व्यापक नीतिगत निर्णयों का हिस्सा है। मंत्रिमंडल ने हाल के समय में सेमीकंडक्टर निर्माण, उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वच्छ शहरी गतिशीलता और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इन कदमों का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर नागरिकों और विश्लेषकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए सराहना की, जबकि कुछ यूजर्स ने पर्यावरण सुरक्षा और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

समुद्र मंथन पहल क्या है?
यह केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत एक राष्ट्रीय योजना है जिसका उद्देश्य भारत के अपतटीय ऊर्जा और समुद्री संसाधनों का विकास करना है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाना है।
एस जयशंकर ने इस बारे में क्या जानकारी दी?
उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह पहल भारत के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने और आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक होगी।
जनता ने इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया दी?
लोगों ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने पर्यावरणीय पहलुओं पर ध्यान देने का सुझाव दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR