ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स के इस दौर में डोरस्टेप डिलीवरी सेवाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक महिला ग्राहक ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो के डिलीवरी पार्टनर पर गंभीर उत्पीड़न और सुरक्षा उल्लंघन का आरोप लगाया है। महिला द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी आपबीती साझा करने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इस घटना के वायरल वीडियो ने घर पर अकेले रहने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर देश भर में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
डिलीवरी के बाद पानी मांगने से शुरू हुआ घटनाक्रम
पीड़ित महिला के अनुसार, पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब जेप्टो का डिलीवरी बॉय उनका ऑर्डर किया हुआ सामान पहुंचाने उनके घर के दरवाजे पर पहुंचा। डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी होने और पैकेट सौंपे जाने के बाद, डिलीवरी एजेंट ने महिला से पीने के लिए पानी मांगा। इंसानियत के नाते महिला ने उसे पानी की एक बोतल दे दी। महिला ने डिलीवरी बॉय से स्पष्ट कहा कि वह इस पानी की बोतल को अपने साथ ले जा सकता है और आराम से पानी पी सकता है।
हालांकि, पानी की बोतल खत्म करने के बाद स्थिति सामान्य रहने के बजाय चिंताजनक हो गई। डिलीवरी एजेंट ने वहां से जाने के बजाय दोबारा पानी की मांग की। इसके तुरंत बाद, उसने महिला से 5 मिनट के लिए घर के अंदर आने और बैठने की इजाजत मांगनी शुरू कर दी। उसने लगातार जोर देते हुए कहा कि उसे कुछ देर के लिए मकान के भीतर आने दिया जाए।
इन्कार करने पर जिद और जोर-जोर से दरवाजा पीटने का आरोप
महिला ने डिलीवरी एजेंट की इस अनुचित मांग को तुरंत और स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। उसने डिलीवरी बॉय को समझाया कि यदि उसे आराम करना है या बैठना है, तो घर के बाहर कॉरिडोर और परिसर में पर्याप्त जगह मौजूद है, लेकिन वह घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। इसके बावजूद डिलीवरी पार्टनर अपनी जिद पर अड़ा रहा और लगातार अंदर आने के लिए दबाव बनाता रहा।
अप्रिय स्थिति को देखते हुए जब महिला ने बातचीत समाप्त कर अपने मुख्य प्रवेश द्वार का गेट बंद करने की कोशिश की, तब भी डिलीवरी एजेंट पीछे नहीं हटा। उसने लगातार दरवाजे की घंटी बजाना जारी रखा और बार-बार कुछ मिनटों के लिए घर के अंदर आने की अनुमति मांगता रहा। इस लगातार और आक्रामक व्यवहार से महिला बेहद डर गई और उसने तुरंत अपना मुख्य दरवाजा बंद कर अंदर से लॉक कर लिया। महिला का आरोप है कि दरवाजा बंद होते ही डिलीवरी बॉय ने गुस्से में आकर मुख्य गेट को जोर-जोर से पीटना शुरू कर दिया, जिससे वह काफी सहम गई।
ऐप की शिकायत प्रणाली पर उठे सवाल और ऑटोमेटेड मेसेज
इस खौफनाक अनुभव के बाद महिला ने सुरक्षा सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से जेप्टो ऐप के माध्यम से तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। साथ ही, उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड कर पूरी घटना का ब्योरा साझा किया। महिला ने कंपनी की ग्राहक सहायता प्रणाली के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
महिला का दावा है कि जब उसने आपातकालीन सुरक्षा स्थिति में ऐप के जरिए मदद मांगने की कोशिश की, तो उसे केवल एक ऑटोमेटेड सिस्टम मेसेज प्राप्त हुआ। इस मेसेज में केवल इतना लिखा था कि मामले की जांच की जा रही है। किसी त्वरित मानवीय सहायता या सुरक्षा आश्वासन के अभाव ने ऐसी कंपनियों के ग्रिवांस रेड्रेसल मैकेनिज्म की पोल खोलकर रख दी है।
बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और कड़े नियमों की मांग
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद बड़ी संख्या में यूज़र्स ने महिला की सुरक्षा पर चिंता जताई और डिलीवरी कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इंटरनेट यूज़र्स ने मांग की है कि घर-घर सामान पहुंचाने वाली कंपनियों को अपने डिलीवरी पार्टनर्स की नियुक्ति प्रक्रिया में अत्यधिक सख्ती बरतनी चाहिए।
यूज़र्स ने सुझाव दिया है कि कंपनियों के लिए डिलीवरी कर्मियों की ऑनबोर्डिंग से पहले अनिवार्य आपराधिक पृष्ठभूमि जांच, स्थायी और वर्तमान पते का भौतिक सत्यापन और मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट जमा कराना जरूरी किया जाना चाहिए। लोगों का मानना है कि इन कड़े कदमों से ही भविष्य में ऐसी अप्रिय और असुरक्षित घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
ग्राहकों के लिए सुरक्षा संबंधी सुझाव
इस घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों और आम यूज़र्स ने भी ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन डिलीवरी प्राप्त करते समय उपभोक्ताओं को डिलीवरी कर्मियों के साथ किसी भी अनावश्यक बातचीत से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि जहाँ तक संभव हो, ग्राहकों को कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी का विकल्प चुनना चाहिए या सामान को दरवाजे के बाहर रखवा लेना चाहिए। यदि सीधे सामान प्राप्त करना अनिवार्य हो, तो डिलीवरी लेते ही तुरंत मुख्य दरवाजा बंद कर लॉक कर लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के सुरक्षा जोखिम से बचा जा सके।



















