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कम तेल सोखने वाले कुरकुरे पकोड़े तैयार करने के आसान कुकिंग नियमजीवनशैली
30 सित॰ 2026, 11:55 pm (36 मिनट पहले)· 0

कम तेल सोखने वाले कुरकुरे पकोड़े तैयार करने के आसान कुकिंग नियम

बेसन के सही घोल, कड़ाही के सटीक तापमान और तलने के कुछ बुनियादी नियमों का ध्यान रखकर बिना ज्यादा तेल सोखे पकोड़ों को बाजार जैसा कुरकुरा बनाया जा सकता है।

शाम के नाश्ते या सुहावने मौसम में गरमागरम तले हुए स्नैक्स की मांग हर घर में बढ़ जाती है। हालांकि, कई बार पकोड़े कड़ाही से निकलते ही चिपचिपे और जरूरत से ज्यादा चिकनाई वाले बन जाते हैं। इसका सीधा असर न सिर्फ उनके स्वाद पर पड़ता है बल्कि यह पेट के लिए भी काफी भारी साबित होते हैं। रसोई में की जाने वाली मामूली चूकों को सुधारकर बेहद कम चिकनाई वाले और बाहर से पूरी तरह खस्ता पकोड़े तैयार किए जा सकते हैं।

बेसन के घोल का गाढ़ापन रखें संतुलित

पकोड़े के अधिक चिकनाई सोखने की मुख्य वजह अक्सर बेसन का जरूरत से ज्यादा पतला होना होती है। पतला बैटर जब खौलते घी या तेल में जाता है तो वह बिखरने लगता है और अपने भीतर अत्यधिक तेल खींच लेता है। इसके विपरीत, बैटर इतना गाढ़ा होना अनिवार्य है जो कटी हुई सब्जियों पर अपनी एक समान परत आसानी से चढ़ा सके।

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इसके अलावा, बेसन का मिश्रण फेंटने के तुरंत बाद तलना शुरू न करें। इस तैयार घोल को लगभग 10 से 15 मिनट का समय देकर ढककर रख देना चाहिए। इतने समय में बेसन के कण नमी पाकर फूल जाते हैं, जिससे तले जाने पर पकोड़े भीतर से काफी हल्के और बाहर से खस्ता बनते हैं।

कड़ाही के तापमान पर रखें पैनी नजर

तलने के दौरान आंच का सही नियंत्रण सबसे अहम भूमिका निभाता है। यदि कड़ाही में मौजूद तेल पूरी तरह गर्म नहीं होगा तो उसमें डाली गई सामग्री स्पंज की तरह तेल को अपने भीतर खींच लेगी। दूसरी ओर, अत्यधिक धुआं छोड़ते तेल में पकोड़े डालते ही उनकी बाहरी परत झुलस जाती है जबकि भीतर की सब्जियां और बेसन कच्चे रह जाते हैं। तलने के लिए आंच को हमेशा मध्यम से तेज के बीच स्थिर रखना सबसे मुफीद माना जाता है।

कड़ाही में अधिक भीड़ करने से बचें

एक बार में बहुत सारे टुकड़े कड़ाही में डाल देने से तेल का समग्र तापमान तेजी से गिर जाता है। तापमान गिरते ही पकोड़े कुरकुरे होने के बजाय तेल पीने लगते हैं। बेहतर परिणाम के लिए हमेशा सीमित मात्रा में ही बैच बनाकर तलें, ताकि कड़ाही में हर टुकड़े को पकने के लिए पर्याप्त जगह और ताप मिल सके।

कुरकुरापन बढ़ाने के कारगर नुस्खे

पकोड़ों को लंबे समय तक खस्ता बनाए रखने के लिए कुछ उपयोगी सामग्रियां मददगार साबित होती हैं

  • चावल का आटा या सूजी: बेसन के सूखे मिश्रण में थोड़ा सा चावल का आटा अथवा बारीक सूजी मिलाने से बाहरी परत ज्यादा कुरकुरी बनती है और तेल का अवशोषण भी घटता है।
  • घोल को अच्छी तरह फेंटना: बैटर को कुछ मिनट तक लगातार फेंटें ताकि उसमें हवा का संचार हो सके, जिससे पकोड़े भारी नहीं बनते।
  • एक चुटकी बेकिंग सोडा: बेसन में मात्र एक चुटकी मीठा सोडा मिलाने से पकोड़े भीतर से फूले हुए और हल्के बनते हैं।
  • सब्जियों से अतिरिक्त नमी हटाना: बैटर में मिलाने से पूर्व कटी हुई सब्जियों का पानी पूरी तरह सुखा लेना चाहिए, क्योंकि अतिरिक्त पानी घोल को पतला कर देता है।
  • टिश्यू पेपर का उपयोग: मध्यम आंच पर सुनहरा तलने के पश्चात पकोड़ों को सोखने वाले कागज पर निकालें ताकि अतिरिक्त चिकनाई बाहर निकल जाए।

पकोड़ों के लिए लोकप्रिय विकल्प और परोसने का ढंग

सब्जियों के चयन में आलू, प्याज, पालक, गोभी, बैंगन और हरी मिर्च सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले विकल्प हैं। इन गरमागरम कुरकुरे स्नैक्स का पूरा आनंद उठाने के लिए इन्हें तीखी हरी चटनी अथवा खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ परोसा जा सकता है।

सवाल-जवाब

पकोड़े तलने के लिए तेल का सही तापमान क्या होना चाहिए?
पकोड़े तलने के लिए तेल का तापमान मध्यम से तेज के बीच होना चाहिए, ताकि वे जले बिना कुरकुरे सिक सकें।
पकोड़ों को ज्यादा कुरकुरा बनाने के लिए बेसन में क्या मिलाना चाहिए?
बेसन के मिश्रण में थोड़ा सा चावल का आटा या सूजी मिलाने से पकोड़े अधिक खस्ता बनते हैं।
बेसन के घोल को बनाने के बाद कितनी देर रखना चाहिए?
घोल तैयार करने के बाद उसे 10 से 15 मिनट के लिए रख देना चाहिए ताकि बेसन अच्छी तरह फूल जाए।
एक बार में कड़ाही में बहुत सारे पकोड़े डालने से क्या नुकसान होता है?
ज्यादा पकोड़े एक साथ डालने से तेल का तापमान गिर जाता है, जिससे वे अधिक तेल सोखने लगते हैं और नरम हो जाते हैं।
पकोड़े बनाने के लिए कौन-सी सब्जियां सबसे लोकप्रिय हैं?
आलू, प्याज, गोभी, पालक, बैंगन और हरी मिर्च के पकोड़े सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं।
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