घर में रोजाना झाड़ू-पोछा लगाने से केवल सामने दिखने वाली धूल, फर्श और रसोई का काउंटर ही साफ हो पाता है। लेकिन घर के कई ऐसे हिस्से हमेशा नजरअंदाज रह जाते हैं जहां हफ्तों और महीनों की मैल परत दर परत जमती जाती है। सीलिंग फैन के ब्लेड, खिड़कियों के चैनल, भारी फर्नीचर के पीछे का फर्श और किचन कैबिनेट के हैंडल ऐसी ही जगहें हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि घर के कोने-कोने को पूरी तरह चमकाने के लिए वैक्यूम जैसी किसी भारी मशीन या महंगे पेशेवर उपकरणों की जरूरत होती है। हकीकत यह है कि बुनियादी घरेलू वस्तुओं और सफाई के सही क्रम की समझ हो, तो बिना किसी गैजेट के भी घर को पूरी तरह चमकाया जा सकता है।
गहन सफाई की शुरुआत से पहले कुछ बुनियादी चीजों का इंतजाम कर लेना काफी राहत देता है। इसके लिए किसी फैंसी किट की दरकार नहीं है। एक माइक्रोफाइबर कपड़ा, पुराना टूथब्रश, लंबी डंडी वाली झाड़न, एक स्प्रे बोतल, बाल्टी, सूखा कपड़ा और जरूरत के मुताबिक कोई भी हल्का क्लीनर पास रख लें। सफाई करते समय सबसे व्यावहारिक रणनीति यह है कि पूरे मकान को एक साथ अस्त-व्यस्त करने के बजाय कमरा-दर-कमरा काम निपटाया जाए। एक कमरा पूरा साफ होने के बाद ही दूसरे कमरे का रुख करें। इससे घर में अफरा-तफरी नहीं मचती, सामान का बिखराव सीमित रहता है और सफाई का काम बिना थकावट के व्यवस्थित तरीके से पूरा होता है।
सफाई का बुनियादी नियम: ऊपर से नीचे की ओर बढ़ें
सफाई की प्रक्रिया में सबसे बड़ी गलती क्रम को लेकर होती है। इसका सबसे कारगर और सीधा नियम यही है कि काम हमेशा छत की ऊंचाई से शुरू होकर फर्श की तरफ नीचे आना चाहिए। सबसे पहले सीलिंग फैन, ट्यूबलाइट, झूमर, ऊंची दीवारों के जाले, अलमारियों की ऊपरी छत और दरवाजों के ऊपरी चौखट की धूल झाड़ें। इसके बाद टेबल, रैक, शेल्फ और अन्य काउंटर सतहों पर काम करें। अगर कोई पहले फर्श पर झाड़ू या पोछा लगा दे और बाद में पंखा या दीवारें साफ करे, तो उड़ने वाली सारी गंदगी दोबारा साफ फर्श पर ही गिरेगी। ऐसे में ऊपर से नीचे की दिशा में काम करने से दोबारा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती और समय भी बचता है।
सीलिंग फैन और छिपे कोनों से धूल हटाने की तरकीब
पंखे के ब्लेड पर जमी चिकनी और चिपचिपी धूल को अगर सीधे सूखे झाड़न से झाड़ा जाए, तो वह पूरे कमरे में बिखरकर बिस्तरों और पर्दों पर बैठ जाती है। इससे बचने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़े को हल्का गीला करें और ब्लेड को दोनों तरफ से दबाते हुए धीरे-धीरे पोंछें। कमरे के ऊंचे कोनों, खिड़की के छज्जों और भारी अलमारियों के पीछे जमा जालों को हटाने के लिए लंबी झाड़न या डंडे पर बंधा कपड़ा इस्तेमाल में लाएं। जिन संकरी जगहों में उंगलियां या हाथ नहीं पहुंच पाते, वहां पुराना टूथब्रश सबसे कारगर साबित होता है और कोनों की सूखी मैल को तुरंत बाहर निकाल देता है।
खिड़की की पटरियों और चैनलों की बारीक सफाई
स्लाइडिंग खिड़कियों की पटरियों में धूल, इंसानी बाल और बाहर से आने वाली बारीक मिट्टी का ढेर जमा हो जाता है, जिससे खिड़कियां जाम भी होने लगती हैं। इस हिस्से की सफाई के लिए सीधे पानी डालने के बजाय पहले सूखे पुराने टूथब्रश या सख्त ब्रिसल वाले छोटे ब्रश से जमी हुई मिट्टी को खुरचकर ढीला कर लें। जब सूखी गंदगी अलग हो जाए, तब हल्के नम कपड़े से पटरियों को अच्छी तरह पोंछकर साफ करें। पटरियों के संकरे कोनों और खांचों में फंसी बारीक धूल को बाहर खींचने के लिए कॉटन बड या छोटे ब्रश का सहारा लिया जा सकता है। यह छोटी जगह जरूर है, लेकिन इसे छोड़ देने पर पूरे कमरे की सफाई अधूरी ही नजर आती है।
रसोई के कैबिनेट और अलमारियों के हैंडल को चमकाएं
रसोई की सफाई का मतलब केवल गैस चूल्हा और स्लैब रगड़ना नहीं है। खाना पकाने के दौरान उड़ने वाला तेल और भाप कैबिनेट के पल्लों, हैंडल, मसालों की रैक और चूल्हे के आसपास की दीवारों पर चिकनाई की मोटी परत बना देता है। कैबिनेट की सफाई करते वक्त पहले सूखे कपड़े से ऊपरी धूल पोंछ लें। इसके बाद सतह की बनावट के मुताबिक किसी हल्के क्लीनर को सीधे फर्नीचर पर उड़ेलने के बजाय कपड़े पर छिड़कें और फिर हैंडल तथा किनारों को साफ करें। खासकर लकड़ी या लैमिनेटेड सतहों पर पानी या लिक्विड सीधे डालने से लकड़ी फूल सकती है, इसलिए किसी भी घोल का इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के दिए गए निर्देशों को पढ़ना बेहतर रहता है।
सोफा सेट और गद्दों की देखभाल
अक्सर घरों में सोफे और बिस्तर के गद्दों को केवल चादर बदलकर छोड़ दिया जाता है, जबकि इनमें काफी धूल समाई होती है। बिना वैक्यूम के इनकी सफाई करने के लिए सबसे पहले इन्हें हाथ से अच्छी तरह थपथपाकर झाड़ लें। इसके बाद साफ कपड़े के ब्रश या सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से इनके ऊपर की सतह को एक ही दिशा में फेरते हुए धूल झाड़ें। अगर सोफे या गद्दे के कवर उतारे जा सकते हैं, तो उन्हें उनके कपड़े के लेबल पर छपे धुलाई निर्देशों के आधार पर ही धोएं। अगर सोफे के कपड़े पर कोई तरल क्लीनर लगाना हो, तो हमेशा पहले किसी ऐसे कोने या हिस्से पर पैच टेस्ट कर लें जो सामने नजर न आता हो, ताकि रंग उड़ने का जोखिम न रहे।
बिजली के स्विच बोर्ड और दरवाजों के हैंडल
दरवाजों के हैंडल, कुंडी और बिजली के स्विच बोर्ड ऐसे हिस्से हैं जिन्हें घर के सभी सदस्य दिन भर बार-बार छूते हैं, लेकिन सफाई के दौरान इन पर ध्यान नहीं जाता। स्विच बोर्ड को साफ करते समय बिजली की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बोर्ड पर कभी भी सीधे पानी, लिक्विड स्प्रे या बहुत गीला कपड़ा न लगाएं। इसके लिए कपड़े को बहुत हल्का सा नम करें, केवल बाहरी प्लास्टिक पैनल और बटनों के ऊपर हल्के हाथ से पोंछें और तुरंत बाद में सूखे कपड़े से रगड़कर सुखा दें। दरवाजों के हैंडल और किनारों को भी इसी तरह साफ कपड़े से रगड़कर साफ किया जा सकता है।
बाथरूम की गहरी सफाई: पहले मैल ढीली करें
बाथरूम में टाइल्स पर पानी के खारे दाग और साबुन की चिकनाई काफी सख्त हो जाती है, जिसे हटाने में सबसे ज्यादा मशक्कत लगती है। बाथरूम में किसी भी क्लीनर का उपयोग करने से पहले यह जांच लें कि वह आपकी टाइल्स या फर्श के पत्थर के अनुकूल है या नहीं। टाइल्स के जोड़ों, नल के आसपास, शॉवर क्षेत्र और दरवाजे के निचले हिस्सों पर क्लीनर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें ताकि मैल ढीली हो जाए। एक बेहद महत्वपूर्ण सावधानी यह है कि जिद्दी दागों से निपटने के चक्कर में कभी भी दो अलग-अलग तरह के रसायनों को आपस में न मिलाएं। खासकर ब्लीच को किसी भी तेजाब या एसिड आधारित क्लीनर के साथ मिलाने की भूल कभी न करें, क्योंकि इससे जानलेवा गैस बन सकती है।
आखिरी पड़ाव: पूरे घर के फर्श की सफाई
कमरे की तमाम ऊंची सतहों, खिड़कियों, फर्नीचर और पंखों से धूल झाड़ने के बाद ही सबसे अंत में फर्श की सफाई का नंबर आना चाहिए। पहले फर्श पर अच्छी तरह झाड़ू लगाकर सारी गिरी हुई सूखी धूल, बाल और कचरा समेटकर बाहर निकालें। इसके बाद ही फर्श के पत्थर या टाइल की प्रकृति के अनुसार सही क्लीनर मिले पानी से पोछा लगाएं। इस क्रम से सफाई करने पर घर पूरी तरह स्वच्छ, ताजा और चमकता हुआ महसूस होगा।



















