करवा चौथ का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें पत्नियां अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। त्योहार के इस उल्लास भरे अवसर पर यदि आप अपनी जीवनसंगिनी को कोई यादगार और पारंपरिक उपहार देने का विचार कर रहे हैं, तो राजस्थान की मशहूर अजरख हैंड ब्लॉक प्रिंट वाली मिरर वर्क साड़ी एक शानदार चुनाव साबित हो सकती है। राजधानी नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में यह पारंपरिक राजस्थानी परिधान इन दिनों आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसे त्योहार के अवसर पर विशेष रियायती दरों पर खरीदा जा सकता है।
डेढ़ महीने के कड़े परिश्रम से तैयार होती है एक साड़ी
राजस्थान से दिल्ली पहुंचे राहुल कुमार इस अनूठी पारंपरिक साड़ी को राजधानी के खरीदारों के लिए लेकर आए हैं। इस वस्त्र की बनावट पूरी तरह से हस्तनिर्मित है, जिसे तैयार करने में कारीगरों का भारी श्रम लगता है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं का एक पूरा समूह मिलकर जब निरंतर काम करता है, तब जाकर लगभग 1.5 महीने के लंबे समय में एक अकेली साड़ी बनकर तैयार हो पाती है। इस परिधान पर राजस्थान की ऐतिहासिक अजरख हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला उकेरी गई है और साथ ही बहुत बारीक कांच यानी शीशों की कारीगरी की गई है। पहनावे की संपूर्णता को ध्यान में रखते हुए इसमें पल्लू और ब्लाउज का कपड़ा अलग से दिया गया है, जिसकी मनमोहक बनावट के चलते पूरे देश में इसकी व्यापक मांग देखने को मिलती है।
रंग रहेगा पक्का और शीशे भी नहीं छूटेंगे
इस साड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उच्च गुणवत्ता और असाधारण मजबूती मानी जाती है। सामान्य तौर पर नाजुक दिखने वाली इस मिरर वर्क साड़ी के रखरखाव को लेकर ग्राहकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती। इसे घर में सामान्य पानी से हाथों से धोया जाए, वॉशिंग मशीन में धुलाई की जाए या फिर लॉन्ड्री में ले जाकर ड्राई क्लीन कराया जाए, इसके रेशों या बनावट पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है। बार-बार धोने के बावजूद इसका प्राकृतिक रंग कभी फीका नहीं पड़ता और न ही साड़ी में टांके गए बारीक शीशे बाहर निकलते हैं। नियमित रूप से दो साल तक लगातार इस्तेमाल में लाए जाने के बाद भी यह साड़ी बिल्कुल नई जैसी ही दिखाई देती है।
कारीगर महिलाओं का श्रम और बीकानेर हाउस में विशेष छूट
साड़ी के निर्माण का पूरा कार्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से पूरा किया जाता है। अत्यंत श्रमसाध्य प्रक्रिया और बारीक मिरर वर्क के कारण बाजार में इसकी सामान्य कीमत थोड़ी अधिक दर्ज की जाती है। इस पारंपरिक अजरख प्रिंट मिरर वर्क साड़ी का वास्तविक मूल्य ₹7,500 तय है। इसके बावजूद दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुकों के लिए विशेष छूट उपलब्ध कराई जा रही है। बीकानेर हाउस परिसर में प्रवेश करते ही रेस्टोरेंट वाले हिस्से के पास यह स्टॉल लगाया गया है, जहां पहुंचकर खरीदार इस खास करवा चौथ उपहार को बेहद आकर्षक और किफायती मूल्य पर खरीद सकते हैं।



















