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कुमार विश्वास का इंजीनियरिंग का सपना और पहली कविता का किस्सा: पिता की नाराजगी और थप्पड़ की कहानीजीवनशैली
12 जुल॰ 2026, 11:51 pm (62 दिन पहले)· 3

कुमार विश्वास का इंजीनियरिंग का सपना और पहली कविता का किस्सा: पिता की नाराजगी और थप्पड़ की कहानी

मशहूर कवि कुमार विश्वास ने अपने करियर और बचपन की यादों को साझा किया, जिसमें पिता की इंजीनियरिंग की उम्मीदों और पहली कविता के बाद मिले थप्पड़ का जिक्र शामिल है।

प्रसिद्ध मंच कलाकार और कवि कुमार विश्वास ने हाल ही में एक विशेष कार्यक्रम में अपने जीवन के विविध पड़ावों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कवि, राजनेता और कथावाचक के रूप में अपनी यात्रा के दौरान मिले अनुभवों को दर्शकों के साथ साझा किया। कुमार विश्वास ने न केवल अपने करियर के उतार-चढ़ाव बताए, बल्कि अपने पारिवारिक संघर्षों और पिता की उनसे जुड़ी उम्मीदों का भी खुलासा किया।

इंजीनियरिंग बनाम कविता का द्वंद्व

कुमार विश्वास के पिता का सपना था कि उनका बेटा एक सफल इंजीनियर बने। पांच बच्चों के परिवार का भरण-पोषण करने वाले उनके पिता चाहते थे कि कुमार एक सुरक्षित भविष्य चुनें। हालांकि, कुमार विश्वास का झुकाव साहित्य और अध्यापन की ओर था। उनके पिता को उनका यह चुनाव लंबे समय तक स्वीकार्य नहीं था, जिसके चलते अक्सर घर में वैचारिक मतभेद रहते थे। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर जितने निडर और बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी है, असल जीवन में अपने पिता के सामने वे उतने ही शांत और अनुशासित रहे।

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विश्वास कुमार शर्मा से कुमार विश्वास तक का सफर

कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अपने नाम के पीछे के रोचक तथ्य को भी साझा किया। उनका वास्तविक नाम विश्वास कुमार शर्मा है, जबकि उनके परिवार में उन्हें पिंटू नाम से पुकारा जाता था। उनके नाम बदलने में उनकी बहन ने अहम भूमिका निभाई थी। बहन की सलाह पर ही उन्होंने 'विश्वास कुमार' को बदलकर 'कुमार विश्वास' के रूप में अपनी एक नई पहचान बनाई। यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि उनके साहित्यिक सफर की औपचारिक शुरुआत थी।

पहली कविता और मिला इनाम

कुमार विश्वास की साहित्यिक प्रतिभा का पता 9वीं कक्षा में ही चल गया था। जब उनकी बहन को एक कविता प्रतियोगिता में भाग लेना था, तब कुमार विश्वास ने उनके लिए पहली कविता लिखी थी। यह कविता इतनी प्रभावशाली थी कि उनकी बहन ने उस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया और ट्रॉफी जीती।

जब रचना लिखने पर मिली डांट

इस सफलता का एक मजेदार और दर्दनाक पहलू भी सामने आया। जब उनकी बहन कविता प्रतियोगिता जीतकर घर पहुंची, तो पिता ने उन्हें खूब सराहा और प्यार किया। लेकिन जैसे ही पिता को यह पता चला कि वह विजेता कविता कुमार विश्वास ने लिखी है, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पिता ने उन्हें कविता लिखने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान देने की हिदायत देते हुए एक थप्पड़ जड़ दिया। उस समय पिता के लिए साहित्य केवल समय की बर्बादी था, जिसे कुमार विश्वास ने बाद में अपनी पहचान का मुख्य आधार बनाया।

सवाल-जवाब

कुमार विश्वास का असली नाम क्या है?
कुमार विश्वास का असली नाम विश्वास कुमार शर्मा है, जिन्हें घर पर प्यार से पिंटू कहा जाता था।
कुमार विश्वास ने पहली कविता कब लिखी थी?
उन्होंने अपनी पहली कविता 9वीं कक्षा में लिखी थी, जो उन्होंने अपनी बहन की कविता प्रतियोगिता के लिए तैयार की थी।
कुमार विश्वास के पिता क्या चाहते थे?
उनके पिता चाहते थे कि वह एक इंजीनियर बने और पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करे।
पहली कविता लिखने पर पिता ने क्या किया था?
पिता को जब पता चला कि कविता कुमार विश्वास ने लिखी है, तो उन्होंने उन्हें कविता लिखने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान देने की डांट लगाई और एक थप्पड़ मारा।
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