बरसात के दिनों में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे घरों में दीमक की समस्या बहुत तेजी से पैर पसारने लगती है। दीमक लकड़ी के फर्नीचर को भीतर ही भीतर पूरी तरह खोखला कर देती है और देखते ही देखते उसे पूरी तरह नष्ट कर देती है। इस प्रकोप की चपेट में घरों के दरवाजे, खिड़कियां, लकड़ी की चौखट और अन्य जरूरी सामान बहुत आसानी से आ जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए तमाम लोग महंगे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं या फिर पेशेवर ट्रीटमेंट पर भारी भरकम पैसा खर्च करते हैं, जबकि रसोई और घर में ही मौजूद मामूली चीजों से भी इस समस्या पर प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है।
आम घरेलू सामानों का सही तरीके से इस्तेमाल करके दीमक के इस बढ़ते प्रकोप को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, यदि दीमक का संक्रमण बहुत अधिक फैल चुका है और स्थिति नियंत्रण से बाहर है, तो किसी विशेषज्ञ की सहायता लेना ही बेहतर विकल्प साबित होता है। आइए कुछ ऐसे सरल और किफायती घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिनकी मदद से आप दीमक की इस गंभीर समस्या से अपने लकड़ी के कीमती सामान को सुरक्षित रख सकते हैं।
नींबू और विनेगर का असरदार घोल
दीमक को जड़ से खत्म करने के लिए दो चम्मच विनेगर और दो चम्मच नींबू के रस को आपस में अच्छी तरह मिला लें। इस तैयार मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में भर लें और प्रभावित लकड़ी की सतह पर छिड़क दें। इस उपाय को नियमित रूप से दोहराने से दीमक और अन्य छोटे-छोटे कीड़ों को लकड़ी से दूर रखने में बहुत मदद मिलती है। यह एक बेहद सस्ता और घर पर ही आसानी से तैयार होने वाला नुस्खा है।
धूप की प्राकृतिक ताकत का उपयोग
दीमक को हमेशा नमी वाली जगहें पसंद होती हैं और वे तेज धूप से हमेशा बचने की कोशिश करती हैं। यदि संभव हो तो दीमक से प्रभावित लकड़ी के सामान या छोटे फर्नीचर को उठाकर सीधे दो से तीन दिनों के लिए तेज धूप में रख दें। धूप की गर्मी से दीमक की संख्या तेजी से कम होने लगती है और वे खुद-बखुद नष्ट होने लगते हैं।
नमक और गुनगुने पानी का स्प्रे
गुनगुने पानी में सामान्य नमक मिलाकर एक प्रभावी घोल तैयार कर लें और इसे सीधे उस जगह पर स्प्रे करें जहां दीमक का प्रकोप दिखाई दे रहा है। नमक और गर्म पानी का यह मिश्रण दीमक की आबादी को कम करने में एक बड़ा मददगार उपाय साबित होता है। इसे नियमित अंतराल पर छिड़कते रहना चाहिए।
लौंग के तेल की तेज खुशबू
आधे कप पानी में लौंग के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं और इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर स्प्रे करें। लौंग के तेल की तेज महक कई तरह के कीट-पतंगों और कीड़ों को दूर रखने में काफी असरदार मानी जाती है।
बोरिक एसिड का सावधानीपूर्वक उपयोग
प्रभावित जगह पर सीधे बोरिक एसिड का पाउडर छिड़का जा सकता है या फिर इसे पानी में घोलकर स्प्रे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस रसायन का इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और इसे हमेशा छोटे बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
लकड़ी के फर्नीचर को हमेशा नमी से बचाकर सूखा रखना चाहिए और घर में कहीं भी पानी के रिसाव की समस्या होने पर उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। अपने घर के फर्नीचर की समय-समय पर नियमित जांच करते रहें। यदि लकड़ी की सतह पर मिट्टी जैसी अजीब लाइनें दिखाई दें, बारीक बुरादा गिरे या थपथपाने पर खोखली आवाज सुनाई दे, तो बिना देर किए तुरंत उचित कदम उठाएं।



















