गर्मी और सर्दी के मुकाबले बारिश के मौसम में रसोई की खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित रखना सबसे चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस अत्यधिक नमी के कारण काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश, मुनक्का और खजूर जैसे कीमती सूखे मेवे बहुत जल्दी सीलन सोख लेते हैं। इससे न केवल उनका कुरकुरापन खत्म होकर वे चिपचिपे हो जाते हैं, बल्कि उनमें फफूंदी और घुन यानी कीड़े लगने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इनका स्वाद और पोषक तत्व पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, जिससे ये सेहत के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं। सही तरीकों को अपनाकर आप अपने ड्राई फ्रूट्स को महीनों तक बिल्कुल ताजा रख सकते हैं।
नमी के कारण क्यों बिगड़ती है सूखे मेवों की गुणवत्ता?
बरसात की हवा में मौजूद सीलन मेवों की प्राकृतिक बनावट और स्वाद पर सीधा असर डालती है। काजू, बादाम और अखरोट जैसे मेवों में प्राकृतिक तेल मौजूद होता है। जब ये मेवे हवा की नमी के संपर्क में आते हैं, तो उनका यह नेचुरल ऑयल खराब यानी रेंसिड होने लगता है। तेल के ऑक्सीडेशन की वजह से मेवों का स्वाभाविक स्वाद कड़वा हो जाता है और उनमें से एक अजीब सी बासी गंध आने लगती है।
इसके अलावा, वातावरण में उच्च आर्द्रता के कारण फंगस की वृद्धि बहुत तेजी से होती है। सफेद, हरे या काले रंग की फफूंदी के साथ-साथ डिब्बों के अंदर छोटे-छोटे कीड़े और जाले पनपने लगते हैं। यही वजह है कि जो सूखे मेवे आम दिनों में महीनों तक खराब नहीं होते, वे मानसून के दौरान सही रखरखाव न मिलने पर महज कुछ ही हफ्तों में खाने लायक नहीं रह जाते।
पेंट्री और किचन कैबिनेट में रखने के जरूरी नियम
अगर आप अपने सूखे मेवों को रसोई की अलमारी या पेंट्री में स्टोर करते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सामान्य प्लास्टिक के डिब्बों का उपयोग करने के बजाय हमेशा एयरटाइट कांच के जार या भारी स्टेनलेस स्टील के कंटेनर का चुनाव करें। प्लास्टिक के बर्तनों में समय के साथ सूक्ष्म नमी प्रवेश कर सकती है, जबकि कांच और स्टील के जार सीलन को बाहर ही रोकते हैं।
मेवों के डिब्बों को रसोई में गैस स्टोव, सिंक या खुली खिड़कियों से दूर किसी ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखना चाहिए। सीधी धूप और रसोई की गर्मी से मेवों में मौजूद तेल तेजी से खराब होता है। इसके साथ ही, मेवों को घुन और कीड़ों से बचाने के लिए एक बहुत पुराना और असरदार घरेलू उपाय अपनाया जा सकता है। कंटेनर के अंदर 2 से 3 साबुत लौंग या सूखी नीम की पत्तियां डाल दें। लौंग और नीम की तेज गंध के कारण कीड़े डिब्बे के पास नहीं फटकते।
फ्रिज और फ्रीजर में स्टोर करने का सही तरीका
मानसून में ड्राई फ्रूट्स को फफूंदी और सीलन से बचाने के लिए फ्रिज सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्पों में से एक है। विशेष रूप से किशमिश, मुनक्का और खजूर जैसी नमी वाली सामग्रियों को फ्रिज में रखना बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, बादाम और अखरोट जिनमें तेल की मात्रा अधिक होती है, उन्हें फ्रिज के कम तापमान में रखने से उनका नेचुरल ऑयल कड़वा नहीं होता और उनका स्वाद लंबे समय तक बरकरार रहता है।
हालांकि, मेवों को फ्रिज में रखने से पहले एक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इन्हें सीधे खुले बर्तन में रखने के बजाय जिप-लॉक बैग या पूरी तरह से एयरटाइट कंटेनर में अच्छी तरह बंद करके ही रखें। यदि डिब्बे के भीतर नमी चली गई, तो फ्रिज की ठंडक के बावजूद अंदर फंगस पनपने की आशंका बनी रहती है।
नमी दूर करने और शेल्फ लाइफ बढ़ाने की खास टेकनीक
स्टोर करने से पहले मेवों की अतिरिक्त नमी को हटाने के लिए एक आसान और असरदार तरीका अपनाया जा सकता है। काजू, बादाम और अखरोट को बिना किसी तेल या घी का इस्तेमाल किए, हल्की आंच पर 2 से 3 मिनट के लिए ड्राई रोस्ट कर लें। धीमी आंच पर रोस्ट करने से मेवों के अंदर मौजूद नमी पूरी तरह से वाष्पीकृत हो जाती है। रोस्ट करने के बाद मेवों को पूरी तरह ठंडा होने दें और उसके बाद ही एयरटाइट जार में भरें।
एक अन्य आधुनिक तरीका फूड-ग्रेड सिलिका जेल पाउच का उपयोग करना है। जार का ढक्कन बंद करने से ठीक पहले, ढक्कन के निचले हिस्से में एक छोटा सिलिका जेल पाउच रख दें। ध्यान रखें कि यह पाउच सीधे खाने की सामग्री को न छुए। यह पाउच डिब्बे के अंदर बची हुई सारी एक्स्ट्रा नमी को सोख लेता है, जिससे बरसात के पूरे मौसम में मेवे कुरकुरे बने रहते हैं।
खराब हो चुके मेवों की पहचान कैसे करें?
भले ही ड्राई फ्रूट्स की शेल्फ लाइफ लंबी होती है, लेकिन गलत तरीके से स्टोर करने पर ये खराब हो जाते हैं और सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर बादाम, काजू, अखरोट या किशमिश से तीखी या अजीब सी बदबू आ रही हो, तो उनका सेवन बिल्कुल न करें। यदि मेवे चखने पर कड़वे या बासी महसूस हों, तो यह उनके तेल के खराब होने का स्पष्ट संकेत है।
इसके अलावा, अगर मेवों की सतह पर सफेद, हरे या काले रंग के धब्बे या फफूंदी दिखाई दे, तो उन्हें तुरंत फेंक देना चाहिए। अत्यधिक नमी की वजह से यदि मेवे असामान्य रूप से नरम, चिपचिपे या गीले हो गए हों, अथवा पैकेट के अंदर कीड़े और जाले नजर आएं, तो उन्हें खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।



















