पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी का कब्जा, शंखरव सरकार ने 75 हजार से अधिक वोटों से दर्ज की जीतएकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में सर्वाधिक मुकाबलों की कमान संभालने वाले 5 दिग्गज अंपायरओटीटी दर्शकों की पहली पसंद बने 10 वेब शो, कॉमेडी से लेकर कारगिल वॉर तक की कहानियों ने जमाया रंगफ्रांसीसी कर्ज संकट और वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल के बीच यूरोपीय सेंट्रल बैंक की कड़ी शर्तें सामने आईंजंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में कड़ा पहरा, रेल और मेट्रो सेवाएं प्रभावितबीमा नवीनीकरण में छूट के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, गाजियाबाद में सात लोग दबोचे गएअग्निवीरों के पहले दल का कार्यकाल पूरा होने की तारीख तय, नकद पैकेज और सुरक्षा बलों में पचास फीसदी आरक्षण की तैयारीउत्तराखंड में 48 घंटे खराब रहेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारीमाइक फ्लैनगन के हॉरर संसार की सबसे खौफनाक अदाकारा: सामंथा स्लोयन के किरदारों और नए प्रोजेक्ट्स का सफरफार्मा कंपनियों को जीएसटी में बड़ी राहत, मुफ्त सैंपल और एक्सपायर दवाओं पर मिलेगा टैक्स क्रेडिट
रोजाना आने वाले दूध में पानी की मिलावट कैसे परखें, घरेलू जांच के देसी तरीकेजीवनशैली
9 अक्तू॰ 2026, 7:36 pm (32 मिनट पहले)· 0

रोजाना आने वाले दूध में पानी की मिलावट कैसे परखें, घरेलू जांच के देसी तरीके

घरों में आने वाले दूध में पानी मिला है या नहीं, इसकी पहचान चिकनी सतह पर बूंद गिराने और पारंपरिक देसी तरीकों से आसानी से की जा सकती है।

दैनिक जीवन में दूध हर परिवार की अनिवार्य जरूरत बन चुका है, जिसका उपयोग सुबह की पहली चाय से लेकर बच्चों के पोषण, दही और तरह-तरह की मिठाइयों की तैयारी में लगातार किया जाता है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ता अक्सर सीधे स्थानीय पशुपालकों या दरवाजों पर आकर दूध पहुंचाने वाले विक्रेताओं से ताजा दूध लेते हैं। दूध की पूरी कीमत चुकाने के बाद भी खरीदारों के मन में अक्सर यह शंका बनी रहती है कि कहीं उन्हें दिया जाने वाला दूध मिलावटी तो नहीं है। विशेष रूप से उसमें अतिरिक्त पानी मिला दिए जाने की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है, जिसकी तुरंत पुष्टि करना आम लोगों के लिए आसान नहीं होता।

चिकनी और ढलान वाली सतह पर बूंद की चाल से पहचान

घर की रसोई में ही दूध की शुद्धता का प्राथमिक परीक्षण करने के लिए कुछ बेहद बुनियादी तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है। एक्सपर्ट सचिन त्रिपाठी के अनुसार, दूध में पानी का अनुपात जांचने के लिए किसी साफ, बिल्कुल चिकनी और हल्की ढलान वाली सतह का उपयोग सबसे मुफीद साबित होता है। इस सतह पर दूध की कुछ बूंदें टपकाने के बाद उसके बहाव की रफ्तार पर ध्यान देना जरूरी है। अगर दूध पूरी तरह शुद्ध और गाढ़ा है, तो वह सतह पर बहुत धीमी गति से आगे बढ़ेगा और अपने बहने के रास्ते में एक स्पष्ट सफेद लकीर या निशान छोड़ जाएगा। इसके विपरीत, जिस दूध में पानी मिलाया गया होता है, वह ढलान पर बिना कोई ठोस निशान छोड़े बेहद तेजी से फिसलकर नीचे बह जाता है।

ये भी पढ़ें

पारंपरिक उंगली परीक्षण और गिलास से पलटने की देसी विधि

आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के आने से बहुत पहले से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध की परख के लिए बेहद सीधे और पारंपरिक देसी नुस्खों का इस्तेमाल होता रहा है। गांवों में लोग अक्सर अपनी उंगली को दूध में डुबोकर उसकी एक बूंद जमीन या फर्श पर गिराते हैं। यदि वह बूंद जमीन पर गिरते ही तुरंत फैलकर तेजी से बहने लगे, तो उसमें पानी की अधिकता साफ समझ आ जाती है। यदि बूंद अपना आकार बनाए रखे और तेजी से न बहे, तो यह माना जाता है कि उसमें पानी की मिलावट नहीं की गई है। इसके अलावा एक अन्य आसान तरीका यह है कि दूध को एक सामान्य कांच के गिलास में भरकर दूसरे बर्तन में उड़ेला जाए। बर्तन में पलटते समय यदि दूध एकदम पारदर्शी या बेहद पतला नजर आए, तो यह पानी की अतिरिक्त मात्रा की ओर सीधा संकेत करता है।

बाजार में मौजूद तकनीकी साधन बनाम सदियों पुराने तरीके

वर्तमान दौर में डेयरी उद्योग और खुदरा बाजार में दूध के भीतर पानी तथा अन्य तत्वों की जांच के लिए कई प्रकार के आधुनिक तकनीकी उपकरण और टेस्टिंग डिवाइस भी उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से सटीक माप किया जा सकता है। हालांकि हर घर में ऐसे उपकरणों का मौजूद होना संभव नहीं होता, जिसके कारण आज भी बड़ी आबादी अपने दैनिक उपभोग के दूध की प्रामाणिकता जांचने के लिए सदियों पुराने देसी तरीकों पर ही भरोसा करती है। ये आसान उपाय बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उपभोक्ताओं को अपने दूध की गुणवत्ता का त्वरित आकलन करने में मदद पहुंचाते हैं।

सवाल-जवाब

चिकनी सतह पर दूध डालकर पानी की मिलावट कैसे पहचानी जाती है?
चिकनी और ढलान वाली सतह पर शुद्ध दूध धीरे-धीरे बहता है और सफेद निशान छोड़ता है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बह जाता है।
उंगली से बूंद गिराकर दूध जांचने का देसी तरीका क्या है?
उंगली को दूध में डुबोकर जमीन पर बूंद गिराई जाती है; यदि बूंद तुरंत फैलकर तेजी से बहने लगे तो उसमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
गिलास की मदद से दूध के पतलेपन का अंदाजा कैसे लगाया जाता है?
दूध को गिलास से किसी बर्तन में पलटते समय उसकी धार और बनावट देखी जाती है, जिससे उसके अत्यधिक पतले होने का पता चलता है।
क्या बाजार में दूध की जांच के लिए उपकरण उपलब्ध हैं?
बाजारों में कई प्रकार के टेस्टिंग उपकरण आते हैं, जिनसे पानी की मिलावट आसानी से मापी जा सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp