पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। राज्य में 11 और 12 अक्टूबर को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और पर्वतीय शिखरों पर बर्फबारी की स्थिति बन रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि आगामी 48 घंटों के भीतर 3500 मीटर से ऊपर के इलाकों में बर्फबारी के पूरे आसार बने हुए हैं। ऐसे में ऊंचे स्थानों पर जाने की योजना बना रहे लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही कदम उठाने की जरूरत है।
कई जिलों में बारिश और आंधी की आशंका
मौसम के बदले मिजाज के बीच देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार राज्य से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन उसके बाद होने वाले असर अब पश्चिमी विक्षोभ के रूप में सामने आ रहे हैं। इस सिस्टम की सक्रियता पर्वतीय एवं ऊपरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलेगी। इसके अलावा आगामी 24 घंटे के दौरान देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में छिटपुट जगहों पर हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।
चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में बादलों की तेज गर्जना, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। तेज आंधी और बदलते मौसमी चक्र को देखते हुए चारधाम यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। ऊंचाई पर अचानक तापमान गिरने और बर्फबारी शुरू होने से रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है, इसलिए यात्रियों को हर तरह की सतर्कता बरतनी होगी।
ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति, खेतों में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी
राज्य के मैदानी क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे तेज ओलावृष्टि दर्ज की गई। गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में अचानक गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे प्रभावित काश्तकारों के बीच पहुंचे। हल्द्वानी से देहरादून लौटते वक्त मुख्यमंत्री ने मौसम की खराबी के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर का रुख ऊधम सिंह नगर जिले की ओर मोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही सीधे खेतों में उतरकर नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अन्नदाताओं से बात कर उनकी परेशानियां जानीं और प्रशासनिक अधिकारियों को बिना किसी देरी के नुकसान का विधिवत सर्वे कराकर तुरंत राहत पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।





















