गुजरात के वडोदरा शहर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां आम लोगों के लिए एंट्री का इंतजाम पहली बार ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम के जरिए किया गया, और रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही चंद घंटों में सारी सीटें भर गईं। अब तक 42000 से ज्यादा लोग वेटिंग लिस्ट में जुड़ चुके हैं, जो बताता है कि पीएम मोदी को सुनने के लिए लोगों में कितनी बेताबी है।
बुकमायशो के जरिए हुआ रजिस्ट्रेशन
प्रधानमंत्री के किसी सरकारी आयोजन में इस तरह की डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था पहली बार अपनाई गई है। इसके लिए वडोदरा नगर निगम, यानी VMC ने बुकमायशो नाम के मशहूर ऐप का सहारा लिया, ताकि आम नागरिक आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें। नतीजा यह निकला कि सीमित सीटों के मुकाबले मांग कई गुना ज्यादा रही और हजारों लोगों को वेटिंग लिस्ट में जगह मिली।
महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में जुटेगी भीड़
यह आयोजन महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के पवेलियन में होगा और इसका नाम नमो फॉर विकसित भारत रखा गया है। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें शहर के आम नागरिकों के साथ छात्र, शिक्षक, पेशेवर, कारोबारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग भी शामिल होंगे। चर्चा का केंद्र सरकार का साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रहेगा। हजारों की तादाद में युवा भी परिसर में मौजूद रहकर प्रधानमंत्री का भाषण सुनेंगे।
रेलवे सहित कई प्रोजेक्ट की सौगात
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी रेलवे समेत अलग अलग विभागों की कई विकास योजनाओं का तोहफा देने वाले हैं। इसके जरिए गुजरात, खासकर वडोदरा इलाके में सड़क, रेल और अन्य ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने का इरादा जताया जाएगा। सरकार का मकसद इन घोषणाओं से क्षेत्र में कनेक्टिविटी और रोजगार दोनों को रफ्तार देना बताया जा रहा है।
युवाओं से सीधी बातचीत की संभावना
पवेलियन में युवाओं की भारी मौजूदगी को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण के दौरान सीधे युवाओं से भी मुखातिब होंगे। विकसित भारत के सपने में युवा पीढ़ी की भागीदारी और उनकी जिम्मेदारी पर वे खास जोर दे सकते हैं।
QR कोड स्कैन के बाद ही मिलेगी एंट्री
कार्यक्रम स्थल पर पूरी एंट्री प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। बुकमायशो के जरिए रजिस्टर कराने वाले हर व्यक्ति को एक डिजिटल एम-टिकट भेजा गया है, जिस पर लाइव QR कोड दिखाई देगा। गेट पर तैनात टीम यही कोड चेक करेगी और उसके बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। यानी मंगलवार का यह पूरा आयोजन विकास परियोजनाओं की घोषणा, युवाओं से सीधे संवाद की संभावना और डिजिटल तरीके से जनभागीदारी, तीनों को एक साथ जोड़ने वाला बन सकता है। गुजरात से शुरू हुआ जनभागीदारी का यह नया मॉडल कितना कामयाब रहता है, यह आने वाले समय में पता चलेगा।



















