सर्दियों के दस्तक देते ही शुष्क और सर्द हवाएं चेहरे की प्राकृतिक नमी सोखने लगती हैं, जिसकी वजह से चेहरा खिंचा-खिंचा, रूखा और चमकहीन दिखने लगता है। मौसम के इस बदलाव में चेहरे का विशेष ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है, हालांकि त्वचा की सेहत संवारने के लिए हर बार ब्यूटी पार्लर जाकर महंगे फेशियल पर पैसे खर्च करने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है। हमारी रसोई में मौजूद आम चीजें भी चेहरे को पोषण और जरूरी सुरक्षा देने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
दादी-नानी के पारंपरिक नुस्खों से चेहरे को मिलेगा प्राकृतिक पोषण
पलामू जिले की मेकअप आर्टिस्ट रिद्धिमा ने स्पष्ट किया कि भारतीय परिवारों में पीढ़ियों से त्वचा की देखरेख के लिए विशुद्ध प्राकृतिक चीजों का उपयोग होता रहा है। जाड़े के दिनों में चेहरे का कड़ापन और सूखापन दूर करने के लिए ताजी मलाई में चुटकी भर हल्दी और थोड़ा सा शहद मिलाकर एक बेहतरीन फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर हल्के हाथों से समान रूप से लगाएं और लगभग 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद चेहरे को सामान्य पानी से अच्छी तरह धो लें। मलाई त्वचा में गहराई से नमी लौटाने का काम करती है, जबकि शहद चेहरे को रेशमी और मुलायम बनाए रखने में मदद करता है। हल्दी त्वचा की देखभाल की पुरानी भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है।
बाहर से लौटने के बाद चेहरे की सफाई और सुखाने का सही तरीका
दैनिक कामकाज, नौकरी या खरीदारी के सिलसिले में नियमित रूप से घर से बाहर निकलने वाले लोगों के चेहरे पर धूल, धुआं और मिट्टी के कण तेजी से जमा हो जाते हैं। जाड़े की शुष्क हवा के संपर्क में आने से यह जमी हुई गंदगी त्वचा को बहुत तेजी से बेजान बना देती है। इसलिए बाहर से वापस घर पहुंचते ही चेहरे को साफ पानी से धोना बहुत जरूरी है। चेहरा धोते समय या धोने के बाद त्वचा को तौलिए से बिल्कुल न रगड़ें, बल्कि मुलायम तौलिए से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं और तुरंत किसी अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें ताकि नमी त्वचा के भीतर बनी रहे।
कच्चे आलू का लेप और दाग-धब्बों को लेकर फैली धारणाएं
घरेलू नुस्खों में चेहरे की त्वचा को निखारने के लिए आलू का प्रयोग भी काफी पसंद किया जाता है। इसके लिए कच्चे आलू को कद्दूकस करके उसका रस या उसका गूदा कुछ देर के लिए चेहरे पर लगाया जा सकता है। हालांकि, रिद्धिमा ने यह भी साफ किया कि कच्चे आलू के इस्तेमाल से एक सप्ताह में चेहरे के तमाम दाग-धब्बे पूरी तरह गायब हो जाएंगे, इस दावे का कोई तय वैज्ञानिक आधार नहीं है। इसके अलावा, यदि आलू का रस या गूदा लगाने के बाद चेहरे पर हल्की सी भी खुजली, जलन या बेचैनी महसूस हो, तो इसका उपयोग फौरन रोक देना चाहिए।
हल्दी वाला दूध और त्वचा की संपूर्ण सेहत से जुड़े पहलू
सर्दियों में रात के समय हल्दी वाला गर्म दूध पीना भारत का एक लोकप्रिय पारंपरिक उपाय है। यह पेय शारीरिक तंदुरुस्ती के लिहाज से काफी पौष्टिक माना जाता है, लेकिन इसे पीने भर से चेहरे के दाग-धब्बे सीधे तौर पर मिट जाएंगे, इस बात की कोई गारंटी नहीं होती। त्वचा में असली चमक और निखार बनाए रखने के लिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना, भरपूर नींद पूरी करना और नियमित स्किन केयर दिनचर्या का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।
गर्म पानी से बचाव और पैच टेस्ट की अहमियत
सर्दियों के दिनों में त्वचा की स्वच्छता के साथ-साथ उसकी प्राकृतिक नमी बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण काम है। कई लोग ठंड से बचने के लिए बहुत गर्म खौलते पानी से बार-बार मुंह धोते हैं, जिससे त्वचा का स्वाभाविक तेल पूरी तरह खत्म हो जाता है और चेहरा अत्यधिक रूखा हो जाता है। इसलिए हमेशा सामान्य अथवा हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें और चेहरा धोने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना कभी न भूलें। इसके अलावा, किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे या लेप को चेहरे पर लगाने से पहले शरीर के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें, ताकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी किस्म के नुकसान या एलर्जी से बचाया जा सके।

















