पैकेटबंद चिप्स, तली-भुनी नमकीन और रसायनों से भरे जंक फूड के बढ़ते चलन के बीच अब लोग अपनी सेहत को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। पारंपरिक खानपान की तरफ लौटते इसी मिजाज का नजारा तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले में साफ दिखाई दे रहा है। कर्नाटक के रायचूर जिले से आए एक छोटे व्यापारी ने अपनी चलती-फिरती वैन के जरिए मोटे अनाजों से तैयार देसी नाश्ते को पेश कर लोगों के बीच खास पहचान बनाई है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले स्थानीय लोग इस व्यापारी की गाड़ी पर पहुंचकर बड़े उत्साह से खरीदारी कर रहे हैं।
सड़क किनारे लगी वैन पर उमड़ रही खरीदारों की भीड़
भूपालपल्ली कस्बे में शुभम रेस्टोरेंट के सामने और एचपी पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़ी इस वैन पर सुबह से ही ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। इस व्यापारी के पास बाजरा, रागी, ज्वार और बासमती चावल से तैयार हल्के-फुल्के नमकीन का शानदार संग्रह है। गाड़ी पर विशेष रूप से बाजरे के फूले, ज्वार से बना पोहा, रागी के कुरकुरे स्नैक्स और बासमती चावल के स्वादिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोजमर्रा के प्रोसेस्ड फूड के मुकाबले यह देसी विकल्प बच्चों के पोषण के लिए बहुत सुरक्षित और गुणकारी साबित हो रहा है।
रसायन मुक्त गुणवत्ता और जेब के अनुकूल किफायती दाम
इस पूरे उद्यम की सबसे बड़ी ताकत इन खाद्य पदार्थों की शुद्धता और उनका बेहद सस्ता होना है। इन सभी अनाजों को तैयार करने में किसी भी किस्म के कृत्रिम रसायनों या हानिकारक तेल का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया गया है। मौजूदा समय में जब खानपान की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं, तब यह विक्रेता केवल 100 रुपये में ग्राहकों को पांच से छह बड़े डिब्बे भरकर ये पौष्टिक स्नैक्स उपलब्ध करा रहा है। इतनी कम कीमत में उच्च गुणवत्ता वाला पौष्टिक आहार मिलने से आम परिवारों और कामकाजी लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प बन चुका है।
स्नैक्स के साथ घर पर तड़का लगाने की सरल विधि
यह विक्रेता केवल उत्पाद बेचकर आगे नहीं बढ़ता, बल्कि वह खरीदारों को इसे घर की रसोई में और अधिक जायकेदार बनाने के नुस्खे भी सिखाता है। वह ग्राहकों को समझाता है कि ज्वार के पोहे को बेहद कम तेल में करी पत्ता और हल्दी का हल्का तड़का देकर धीमी आंच पर भूनें, जिससे चाय के साथ परोसने लायक एक बेहद लजीज व सुपाच्य नाश्ता मिनटों में तैयार हो जाता है। घर पर आसानी से पकवान तैयार करने का यह सीधा तरीका विशेष रूप से महिलाओं को खूब लुभा रहा है।
हर दिन नया शहर तलाशने का अनूठा कारोबारी अंदाज
रायचूर के इस उद्यमी के व्यापार करने का तौर-तरीका भी काफी दिलचस्प है। वह अपनी गाड़ी लेकर किसी भी शहर में सिर्फ एक दिन के लिए ही डेरा डालता है। दिन भर स्थानीय लोगों को पारंपरिक मिलेट्स का स्वाद चखाने के बाद वह अगली सुबह किसी नए कस्बे या इलाके की ओर रवाना हो जाता है। कम लागत, शुद्ध सामग्री और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के दम पर इस व्यापारी की यह चलती-फिरती मुहिम कस्बों में खानपान की आदतों को सेहतमंद दिशा दे रही है।



















