घरेलू बगीचे या बालकनी को सजाने के लिए बार-बार नर्सरी जाकर नए पौधे खरीदने पर पैसे खर्च करने की मजबूरी नहीं है। बागवानी के शौकीन अपने मौजूदा पौधों की टहनियों या पत्तियों से ही कई नए पौधे तैयार कर सकते हैं। वानस्पतिक प्रसार की यह प्रक्रिया न केवल बेहद आसान है, बल्कि उचित मिट्टी, पर्याप्त नमी और संतुलित धूप की मदद से ये कटिंग बहुत कम समय में नई जड़ें पकड़ लेती हैं और तेजी से बढ़ने लगती हैं।
कैक्टस की कटिंग लगाने का सही तरीका
न्यूनतम देखभाल चाहने वाले पौधों में कैक्टस सबसे ऊपर आता है। कैक्टस की कई प्रजातियों को कटिंग के माध्यम से सरलता से उगाया जा सकता है। इसके लिए कैक्टस के किसी स्वस्थ हिस्से या शाखा को काटकर अलग किया जाता है। लगाने से पहले उस कटे हुए हिस्से को कुछ समय के लिए सूखने देना जरूरी होता है, ताकि घाव भर जाए और सड़न न लगे। इसके बाद इसे रेतीली या उपयुक्त मिट्टी में दबा दिया जाता है। कैक्टस को बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जिससे व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के गार्डन के लिए यह सबसे टिकाऊ और सुंदर विकल्प साबित होता है।
पान की बेल से नया पौधा कैसे तैयार करें
पान का पौधा अपनी सुंदर हरी पत्तियों और सांस्कृतिक महत्व के लिए घरों में खूब लगाया जाता है। इसे बेल की कटिंग से तैयार करना काफी आसान होता है। पान की बेल की एक स्वस्थ शाखा काटकर नमी वाली उपजाऊ मिट्टी में रोप दी जाए, तो उसमें से बहुत जल्द नई जड़ें फूटने लगती हैं। इस पौधे को कभी भी सीधी और झुलसाने वाली तेज धूप में नहीं रखना चाहिए, बल्कि छनकर आने वाली हल्की रोशनी वाली जगह इसके लिए सबसे अनुकूल होती है। यदि मिट्टी में नियमित नमी बनी रहे और बेल को चढ़ने के लिए कोई सहारा मिल जाए, तो यह तेजी से चारों तरफ फैलने लगती है।
मनी प्लांट: पानी और मिट्टी दोनों में आसान प्रसार
घरों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले इनडोर पौधों में मनी प्लांट प्रमुख स्थान रखता है। कटिंग के जरिए इसका नया पौधा तैयार करने की विधि सबसे सरल मानी जाती है। इसके लिए पौधे के तने का ऐसा हिस्सा काटा जाता है जहां नोड यानी गांठ मौजूद हो। इस गांठ वाले हिस्से को सीधे कांच की बोतल के पानी में या फिर गमले की मिट्टी में लगाया जा सकता है। कुछ ही दिनों के भीतर गांठ वाले स्थान से सफेद जड़ें निकलने लगती हैं और ऊपर की तरफ नई हरी पत्तियां विकसित होने लगती हैं।
गुड़हल और हड़जूरी को टहनी से उगाने के नियम
रंग-बिरंगे फूलों वाला गुड़हल भी टहनी की कटिंग से बहुत शानदार तरीके से पनपता है। गुड़हल की एक स्वस्थ और मजबूत शाखा की कटिंग अनुकूल मौसम में मिट्टी में रोपने पर आसानी से जड़ पकड़ लेती है। इस पौधे को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और भरपूर धूप की जरूरत होती है। ठीक इसी तरह हड़जूरी का पौधा भी कटिंग से घर पर ही उगाया जा सकता है। हड़जूरी की एक स्वस्थ टहनी को काटकर मिट्टी में गाड़ देने पर कुछ समय बाद उसमें जड़ें फूटने लगती हैं। जैसे-जैसे जड़ें मजबूत होती हैं, तने से नई कोमल कोंपलें फूटती हैं और किसी सहारे के साथ इसकी बेल तेजी से ऊपर चढ़ने लगती है। इन पांच पौधों को कटिंग से तैयार करके घर में बिना अतिरिक्त खर्च के हरियाली बढ़ाई जा सकती है।



















