श्राद्ध पक्ष के समाप्त होते ही घरों में मां दुर्गा के आगमन और नवरात्री पर्व की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो जाती हैं। हिंदू परिवारों में इस पावन पर्व से ठीक पहले घर के कोने-कोने को स्वच्छ और व्यवस्थित करने की पुरानी परंपरा रही है। हालांकि, कामकाजी लोगों के लिए दफ्तर की व्यस्त दिनचर्या के साथ पूरे मकान की गहन सफाई संभालना काफी मुश्किल और थकाऊ लगने लगता है। यदि थोड़े व्यावहारिक तालमेल और समझदारी भरी योजना के साथ कदम उठाए जाएं, तो यह भारी-भरकम काम भी बेहद सरल बन सकता है। सफाई की शुरुआत से पहले कामों को छोटी-छोटी श्रेणियों में बांटना सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है।
कामकाजी दिनचर्या में सफाई का सही प्रबंधन
सफाई की प्रक्रिया को तनावमुक्त बनाने के लिए दैनिक दिनचर्या को सुनियोजित ढंग से ढालना चाहिए। अलमारी व्यवस्थित करने या कपड़ों को छांटने जैसे हल्के काम कामकाजी दिनों में दफ्तर से लौटने के बाद धीरे-धीरे निपटाए जा सकते हैं। दूसरी ओर, गहन धुलाई और भारी साफ-सफाई का जिम्मा सप्ताहांत या साप्ताहिक छुट्टी वाले दिन के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। इसके साथ ही सफाई के दिनों में रसोई में लगने वाले समय की बचत करने के लिए एक ही बार में ज्यादा मात्रा में सब्जी या भोजन तैयार करके रख लेना चाहिए, जिससे सफाई के बीच बार-बार चूल्हे के पास जाने की मशक्कत से बचा जा सके। बाकी जरूरी घरेलू चीजों की सफाई के लिए कुछ खास व्यावहारिक नुस्खे अपनाए जा सकते हैं।
सीलिंग और एग्जॉस्ट फैन को चुटकियों में चमकाने का तरीका
घर में छत के पंखे और रसोई या बाथरूम के एग्जॉस्ट फैन की सफाई को अमूमन सबसे पेचीदा काम माना जाता है, क्योंकि इन पर जमी धूल और चिकनाई आसानी से नहीं छूटती। इस समस्या को एक साधारण घरेलू स्प्रे से मिनटों में सुलझाया जा सकता है। सबसे पहले एक सूखे कपड़े से पंखे के ब्लेड्स पर जमी सूखी धूल को अच्छी तरह झाड़ लें। इसके बाद एक खाली स्प्रे बोतल में विनेगर यानी सिरका और बेकिंग सोडा का संतुलित घोल तैयार करें। इस तैयार घोल को पंखे की सतह और ब्लेड्स पर अच्छी तरह छिड़क कर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। निर्धारित समय बीतने के बाद सर्फ के झागदार घोल में भिगोए हुए स्क्रब से सर्कुलर मोशन यानी गोल घेरे में घुमाते हुए पंखों को पोंछें। जमी हुई मैल पूरी तरह कट जाएगी और पंखा बिल्कुल नए जैसा चमकने लगेगा।
गद्दों की दुर्गंध और सोफे के जिद्दी दागों से निजात
लंबे समय तक इस्तेमाल होने के कारण बिस्तर के गद्दों में सीलन और पसीने की दुर्गंध बैठ जाती है। गद्दों को ताजा रखने के लिए बेकिंग सोडा और सिरके के मिश्रण को हल्का सा छिड़कें और फिर गद्दे को 4 से 5 घंटों के लिए खुली धूप में फैलाकर छोड़ दें। जिन घरों की बालकनी में पर्याप्त धूप या जगह का अभाव हो, वे कमरे का पंखा तेज गति से चलाकर गद्दे को कुछ घंटों के लिए हवा में रख सकते हैं। वहीं सोफे पर लगे चाय, कॉफी या चिकनाई के जिद्दी दाग हटाने के लिए सिरके और बेकिंग सोडा के साथ थोड़ा सा सफेद टूथपेस्ट मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस तैयार पेस्ट को पूरे कपड़े पर फैलाने के बजाय केवल दाग वाले हिस्से पर लगाएं। लगभग 5 से 10 मिनट तक असर करने देने के बाद एक साफ और हल्के गीले कपड़े से पोंछकर साफ कर दें, जिससे दाग पूरी तरह गायब हो जाता है।
नाजुक पर्दों की चमक लौटाने की आसान तरकीब
पर्दों को सामान्य तौर पर वॉशिंग मशीन में धोया जा सकता है, लेकिन महीन और नाजुक फैब्रिक वाले पर्दों को मशीन में घुमाने से उनके धागे खिंचने या खराब होने का खतरा रहता है। ऐसे बारीक फैब्रिक वाले पर्दों को सामान्य सादे पानी में सफेद सिरका मिलाकर कुछ समय के लिए भिगो देना चाहिए। थोड़ी देर बाद इन्हें साफ पानी से खंगाल कर तेज धूप में सुखा लें। सिरके के प्राकृतिक गुणों के कारण पर्दों की खोई हुई चमक वापस लौट आती है और उनमें बसी बदबू भी जड़ से समाप्त हो जाती है।
रसोई के चिपचिपे और चिकनाई भरे डिब्बों की धुलाई
रसोई घर में लगातार छौंक और तेल के धुएं के संपर्क में रहने से मसालों और राशन के प्लास्टिक या कांच के डिब्बे बेहद चिपचिपे हो जाते हैं। यदि डिब्बे कहीं से टूटे या चटके न हों, तो उन्हें धोने का सबसे त्वरित तरीका है एक बड़े टब का उपयोग करना या सिंक के ड्रेन को ढक्कन से बंद कर देना। अब सिंक या टब को हल्के गुनगुने पानी से भरें और उसमें हल्का लिक्विड डिटर्जेंट, बेकिंग सोडा तथा सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस घोल में सभी चिकने डिब्बों को पूरी तरह डुबोकर 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने पर बर्तन मांजने वाले सामान्य स्पंज की मदद से नल के बहते पानी के नीचे रखकर उन्हें हल्के हाथों से धो लें। तेल का चिपचिपापन बिना किसी घिसावट के तुरंत साफ हो जाएगा।
धूल झाड़ने का सही क्रम और आसान टूल्स का चयन
सफाई की प्रक्रिया का एक बुनियादी नियम यह है कि कमरों में धूल झाड़ने यानी डस्टिंग का काम पर्दे और सोफे की सफाई से पहले पूरा कर लेना चाहिए। यदि डस्टिंग बाद में की जाएगी, तो उड़ने वाली गर्द दोबारा धुली और साफ की गई चीजों पर जाकर चिपक जाएगी। डस्टिंग को आसान बनाने का सबसे बेहतरीन उपाय एक लंबा माइक्रोफाइबर डस्टर इस्तेमाल करना है। इससे किसी स्टूल, टेबल या कुर्सी पर चढ़े बिना छत के जाले और दीवारों के ऊपरी कोनों की धूल मिनटों में झाड़ी जा सकती है। यदि यह साधन उपलब्ध न हो, तो घर में मौजूद सामान्य झाड़ू को किसी पतले बांस या डंडे के सिरे पर मजबूती से बांधकर भी यह काम आसानी से पूरा किया जा सकता है।
















