फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में सह मेज़बान देश दक्षिण अफ्रीका और कनाडा पहली बार इस बड़े मंच पर आमने सामने आए हैं। दोनों देशों के इतिहास में यह मुकाबला अपने आप में खास है, क्योंकि इससे पहले दोनों टीमें विश्व कप के किसी भी दौर में एक दूसरे से नहीं भिड़ी थीं।
दोनों टीमों की रणनीति में अंतर
मैच से पहले कनाडा के कोचिंग स्टाफ ने अपनी प्लेइंग इलेवन में चार बड़े बदलाव किए, जिससे साफ है कि टीम इस नॉकआउट मुकाबले के लिए ताजा रणनीति के साथ उतरी। वहीं दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पिछली टीम पर भरोसा जताते हुए सिर्फ एक ही बदलाव किया।
गोलकीपर रोनवेन विलियम्स का कमाल
मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के गोलकीपर रोनवेन विलियम्स सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं। उन्होंने कई मुश्किल मौकों पर शानदार बचाव करते हुए कनाडा के हमलों को नाकाम किया और अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
नॉकआउट राउंड का दबाव
राउंड ऑफ 32 फीफा विश्व कप 2026 का नॉकआउट चरण है, जहां हारने वाली टीम सीधे टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है। ऐसे में हर गलती भारी पड़ सकती है और यही वजह है कि दोनों टीमें बेहद सतर्क रणनीति के साथ मैदान पर उतरी हैं।
टूर्नामेंट में बना हुआ रोमांच
खबरों के मुताबिक इसी दौर में मेक्सिको और चेक गणराज्य, फ्रांस और सेनेगल तथा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुकाबलों ने भी फैंस के बीच खासा उत्साह बनाया हुआ है। दक्षिण अफ्रीका पहले ग्रुप चरण में दक्षिण कोरिया जैसी टीमों के खिलाफ खेल चुका है और अब नॉकआउट तक का सफर तय कर चुका है। टूर्नामेंट जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है, फैंस के बीच नॉकआउट राउंड को लेकर भविष्यवाणियों और चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है।



















