जापान के आईची-नागोया में एशियाई पैरा खेल 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। एशिया के सभी 45 देशों के एथलीट इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय खेल आयोजन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने पहुंचे हैं। शानदार उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल ने देश की 5,000 साल पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से 150 से अधिक पैरा-एथलीटों का मजबूत दल हिस्सा ले रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य 100 से अधिक पदक हासिल कर नया इतिहास रचना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
खेलों की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर भारतीय खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के अटूट संकल्प और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि भारत को अपने असाधारण पैरा-एथलीटों पर बहुत गर्व है और उनका अदम्य साहस 140 करोड़ भारतीयों को प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे और देश का मान बढ़ाएंगे।
अवनि, हरविंदर और शीतल देवी से पदकों की उम्मीदें
भारतीय अभियान की शुरुआत प्रमुख सितारों के नेतृत्व में हो रही है। टोक्यो और पेरिस में इतिहास रचने वाली निशानेबाज अवनि लेखरा, अनुभवी तीरंदाज हरविंदर सिंह और अपने अनोखे अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर तीरंदाज शीतल देवी से देश को सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं। इन शीर्ष एथलीटों के शुरुआती मुकाबलों के साथ ही भारतीय खेमे में पदकों की दौड़ तेज हो गई है। दल के कई खिलाड़ी पहले दिन से ही अपनी अपनी श्रेणियों में पोडियम स्थान पक्का करने के लिए जोर लगाएंगे।
100 से अधिक पदकों पर भारत की नजरें
पिछले कुछ अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय पैरा-खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार कुछ वर्गों में सीमित दल होने के बावजूद एथलीटों का इरादा कुल पदकों की संख्या 100 के पार पहुंचाने का है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, निशानेबाजी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भारतीय प्रतिभागी शीर्ष दावेदार माने जा रहे हैं। पूरे देश में खेल प्रेमी डिजिटल स्ट्रीमिंग और टेलीविजन प्रसारण के जरिए इन मुकाबलों को सीधा देख सकते हैं।




























