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लाइव: संसद सत्र के 14वें दिन लोकसभा में हिरोशिमा-नागासाकी पीड़ितों को श्रद्धांजलि, राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा — 6 अगस्त 2026लाइव
6 अग॰ 2026, 11:25 am (45 दिन पहले)· 0

लाइव: संसद सत्र के 14वें दिन लोकसभा में हिरोशिमा-नागासाकी पीड़ितों को श्रद्धांजलि, राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा — 6 अगस्त 2026

संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन महत्वपूर्ण विधायी कार्यवाहियों के साथ राजनीतिक बहस जारी रही। उच्च सदन ने विचार-विमर्श के बाद विनियोग (संख्या 3) विधेयक को लोकसभा को लौटा दिया है। इसके साथ ही, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कार्यवाही आगे बढ़ी।

संसद के मानसून सत्र के 14वें दिन गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को दोनों सदनों में भारी राजनीतिक खींचतान और विधायी कामकाज का मिला-जुला माहौल देखने को मिला। कार्यवाही की शुरुआत में जहां लोकसभा ने हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए ऐतिहासिक परमाणु बम हमलों के पीड़ितों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं इसके तुरंत बाद विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के कारण विधायी प्रक्रिया बार-बार बाधित हुई। विपक्ष राम मंदिर दान राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं और 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विषय पर केंद्र सरकार से सीधे जवाब की मांग पर अड़ा रहा। इन गतियों के बीच, लोकसभा ने कराधान से जुड़े एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक को पारित किया, जबकि राज्यसभा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के खर्चों से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा पूरी कर उसे निचले सदन को वापस लौटा दिया। इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू-कश्मीर के बजट पुनर्गठन और अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया।

लोकसभा की कार्यवाही: परमाणु पीड़ितों को नमन, भारी विरोध और कराधान विधेयक की स्वीकृति

गुरुवार सुबह 11 बजे जैसे ही निचले सदन की बैठक शुरू हुई, अध्यक्ष पीठ की ओर से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर गिराए गए परमाणु बमों के पीड़ितों की पावन स्मृति में श्रद्धांजलि दी गई। संपूर्ण सदन ने मौन रखकर त्रासदी के शिकार निर्दोष लोगों को याद किया। हालांकि, इसके तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष की मुख्य मांग थी कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई और राम मंदिर चंदे में गबन के आरोपों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन में आकर आधिकारिक बयान दें। विरोध प्रदर्शन के तीखे होते स्वरूप को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

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दोपहर 2 बजे जब सदन पुनः समवेत हुआ, तब सरकार ने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाया। इस दौरान लोकसभा ने कराधान और अन्य नियम (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार-विमर्श के पश्चात ध्वनिमत से पारित कर दिया। यह नया कानून देश के तीन प्रमुख कानूनों—भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007, आयकर अधिनियम 2025 और वित्त अधिनियम 2026—में महत्वपूर्ण बदलाव सुनिश्चित करता है। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, भारत में विनिर्माण इकाइयों को अत्याधुनिक मशीनरी और टूल्स की आपूर्ति करने वाली विदेशी तकनीकी कंपनियों, जैसे कि एप्पल, के लिए टैक्स हॉलिडे की समयावधि को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही, भारत में अपना आधार स्थानांतरित करने वाले विदेशी फंड प्रबंधकों के सामने आने वाली नौकरशाही की बाधाओं और विधिक अनिश्चितताओं को समाप्त करने तथा देश के भीतर डेटा सेंटर स्थापित करने की इच्छुक वैश्विक संस्थाओं के लिए नियमों को काफी सरल बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त, लोकसभा ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक प्रमुख विषय पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 का अध्ययन कर रही संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने की समयावधि को विस्तारित करने संबंधी प्रस्ताव को सदन ने अपनी स्वीकृति दे दी। अब इस संयुक्त समिति को वर्ष 2026 के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की छूट मिल गई है। इन विधायी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, लोकसभा की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया, जो अब शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे पुनः शुरू होगी।

राज्यसभा में विनियोग विधेयक पर विमर्श और जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय घोषणा

उच्च सदन राज्यसभा में भी दिन भर गहमागहमी बनी रही। संसदीय कार्यवाही के दौरान विभिन्न स्थायी समितियों की रिपोर्ट पटल पर रखी गईं। इनमें वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति, उद्योग संबंधी समिति, रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति (2025-2026) तथा संचार एवं प्रौद्योगिकी संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति (2025-2026) की विस्तृत रिपोर्ट शामिल थीं।

दोपहर के सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को विचार और लोकसभा को वापस लौटाने के उद्देश्य से उच्च सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं, विकासात्मक योजनाओं और प्रशासनिक खर्चों की पूर्ति हेतु भारत की संचित निधि से अतिरिक्त धनराशि की निकासी को कानूनी अधिकार प्रदान करता है। राज्यसभा ने गहन चर्चा के बाद संविधान के अनुच्छेदों के तहत इस धन विधेयक को लोकसभा को वापस भेज दिया।

विधेयक पर हुई बहस का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू-कश्मीर के विकास और वित्तीय स्थिति पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के उपरांत वहां निर्वाचित सरकार के गठन तक चले केंद्रीय शासन के दौर में केंद्र सरकार ने दशकों पुरानी संरचनात्मक समस्याओं को सुलझाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के अध्ययन में व्यापक समय और प्रयास लगाए गए हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में दृढ़ता के साथ कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पूरी देखभाल हो क्योंकि हम सब एक ही देश का हिस्सा हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अविभाज्य अंग है, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र भी सम्मिलित है। केंद्र सरकार ने इस केंद्र शासित प्रदेश के ऋण ढांचे का व्यापक पुनर्गठन किया है और संशोधित बजटीय आवंटन के अतिरिक्त ₹5,000 करोड़ की विशेष राशि स्वीकृत की है ताकि बुनियादी ढांचे का विकास निर्बाध गति से हो सके।

शून्यकाल और विशेष उल्लेख: सांसदों ने उठाए जनहित के ज्वलंत मुद्दे

राज्यसभा में शून्यकाल और विशेष उल्लेख सत्र के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया

  • चिकित्सा क्षेत्र में रेफरल कमीशन का मुद्दा: आम आदमी पार्टी के MP राघव चड्ढा ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डॉक्टरों, निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक जांच केंद्रों के बीच फल-फूल रहे 'कट मनी अथवा रेफरल कमीशन' के तंत्र पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस अनुचित व्यावसायिक सांठगांठ का सीधा वित्तीय बोझ आम मरीजों पर पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रथा पर सख्त कानूनी रोक लगाने की मांग की।
  • पुलिस कार्रवाई और सदन के संचालन पर सवाल: समाजवादी पार्टी की MP इकरा हसन ने आरोप लगाया कि 6 अगस्त 2026 तक चले इस मानसून सत्र में सरकार ने विपक्ष को केवल एक दिन सुचारू रूप से अपनी बात रखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों से पुलिस अत्याचारों और छात्र आंदोलनों पर व्यापक बहस का वादा किया गया था, परंतु सरकार अब तक इस पर चुप्पी साधे हुए है।
  • बंजारा समाज और संत सेवालाल महाराज: भारतीय जनता पार्टी के MP डॉ. के. लक्ष्मण ने मांग की कि बंजारा समुदाय के महान समाज सुधारक और जननायक संत सेवालाल महाराज की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए, ताकि उनके सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके।
  • उच्च न्यायपालिका में सामाजिक प्रतिनिधित्व: राष्ट्रीय जनता दल के MP मनोज झा ने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में SC, ST तथा OBC समुदायों के न्यायाधीशों की कम संख्या का मुद्दा उठाया। इसके उत्तर में कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सिफारिशें भेजकर वंचित वर्गों के योग्य वकीलों को न्यायपालिका में शामिल करने का आग्रह करती है। मंत्री ने बताया कि मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) में न्यायपालिका के भीतर व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के स्पष्ट नियम मौजूद हैं, जिसके तहत जजों की नियुक्ति और तबादले किए जाते हैं।
  • गृह मंत्री की मौजूदगी पर गतिरोध: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के MP पी संदोष ने कहा कि गृह मंत्री को सदन में बुलाने की विपक्ष की मांग पर राज्यसभा के सभापति का हस्तक्षेप एक बड़ी सफलता है। सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को निर्देश दिया कि वे गृह मंत्री की अनुपस्थिति के कारणों से विपक्ष की चिंताओं को अवगत कराएं, जो अब आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन चुका है।
  • पूर्वोत्तर का आर्थिक विकास: यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के सांसद प्रमोद बोरो ने पूर्वोत्तर भारत के लिए एक विशेष सीमावर्ती आर्थिक क्षेत्र के निर्माण की आवश्यकता जताई और क्षेत्र में माल ढुलाई बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।
  • छोटे किराना व्यापारियों का संरक्षण: RJD सांसद मनोज झा ने वित्त मंत्री से अपील की कि क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की आक्रामक डिस्काउंटिंग और मूल्य नीतियों से संकट झेल रहे देश के छोटे किराना दुकानदारों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं।
  • फरक्का संधि और बिहार का जल संकट: राज्यसभा में विशेष उल्लेख के दौरान सांसद संजय कुमार झा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हस्ताक्षरित फरक्का संधि का 2026 में मियाद पूरी होने पर नवीनीकरण न किया जाए। उन्होंने दलील दी कि गंगा नदी के जल बंटवारे का यह समझौता बिहार के कृषि और पर्यावरणीय हितों के प्रतिकूल साबित हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में तेजी से नीचे गिर रहे भूजल स्तर पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।
  • पहाड़ी राज्यों में पर्यटन: प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देश के पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे सरकारी प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा की।
  • खरगे और रिजिजू में नोकझोंक: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा नियमों का हवाला देकर बाधा न डालने की अपील पर पलटवार करते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "क्या बोलना है और कैसे बोलना है, यह मेरा अधिकार है।" उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस पुराने वक्तव्य का स्मरण कराया जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और गतिरोध भी संसदीय प्रक्रिया का वैध हिस्सा हैं। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनिवार्य उपस्थिति की मांग दोहराई।

दिन भर चले इस गहन राजनीतिक घटनाक्रम और विधायी कार्यों के समापन के पश्चात राज्यसभा की कार्यवाही को भी दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। उच्च सदन की अगली बैठक शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे पुनः आरंभ होगी।

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  1. राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए हुई स्थगित

    सांसदों द्वारा जनहित के महत्वपूर्ण विषय उठाए जाने वाले 'विशेष उल्लेख' सत्र के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उच्च सदन की कार्यवाही अब शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे पुनः प्रारंभ होगी।
  2. सांसद संजय कुमार झा ने सरकार से 1996 की भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि न बढ़ाने की मांग की

    राज्यसभा में विशेष उल्लेख के दौरान, सांसद संजय कुमार झा ने केंद्र सरकार से अपील की कि 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि का नवीनीकरण न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संधि बिहार राज्य के हितों के विपरीत है। गंगा जल बंटवारे के लिए 1996 में बांग्लादेश के साथ हुआ यह समझौता वर्ष 2026 में समाप्त हो रहा है। उन्होंने इसके साथ ही बिहार में तेजी से गिरते भूजल स्तर के संकट की ओर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
  3. हम जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की देखभाल सुनिश्चित करेंगे: निर्मला सीतारमण

    उच्च सदन में 6 अगस्त 2026 को विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 पर पूछे गए सवालों का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद जब तक वहां नई चुनी हुई सरकार नहीं आ गई, केंद्र शासन के दौरान केंद्र ने जम्मू और कश्मीर की कई पुरानी समस्याओं का समाधान किया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि बारीकियों का अध्ययन करने में काफी समय लगाया गया। उन्होंने कहा: "मैं कोई अहसान नहीं जता रही हूँ। हमने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से भी शामिल हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की पूरी देखभाल हो क्योंकि हम सब एक ही देश का हिस्सा हैं।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर के ऋण ढांचे का पुनर्गठन किया है तथा केंद्र शासित प्रदेश को संशोधित बजट के ऊपर "₹5,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि" स्वीकृत की है।
  4. राज्यसभा ने विचार-विमर्श के बाद विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को लोकसभा वापस भेजा

    उच्च सदन में चर्चा के पश्चात राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को निचले सदन को लौटा दिया है। संवैधानिक प्रावधानों के तहत धन विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं होते, बल्कि आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद उन्हें लोकसभा में वापस भेजा जाता है。 यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2025-26 की सरकारी सेवाओं और खर्चों की पूर्ति के लिए भारत की संचित निधि से अतिरिक्त धनराशियों के आवंटन एवं निकासी को अधिकृत करने के उद्देश्य से पेश किया गया है।
  5. आरजेडी सांसद मनोज झा ने छोटे किराना कारोबारियों के संरक्षण की मांग की

    राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में वित्त मंत्री से गुहार लगाई कि क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की आक्रामक मूल्य नीतियों के कारण संकट का सामना कर रहे छोटे किराना दुकानदारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
  6. यूपीपीएल सांसद प्रमोद बोरो ने पूर्वोत्तर के लिए सीमावर्ती आर्थिक क्षेत्र की मांग उठाई

    विधेयक को अपना समर्थन देने के साथ ही यूपीपीएल के सांसद प्रमोद बोरो ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक विशेष सीमावर्ती आर्थिक क्षेत्र की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्वोत्तर के लिए माल ढुलाई से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने का भी आग्रह किया।
  7. राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू, निर्मला सीतारमण ने विनियोग विधेयक रखा

    उच्च सदन की बैठक दोबारा शुरू होने के पश्चात केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को चर्चा और लोकसभा में वापस लौटाने के उद्देश्य से पटल पर रखा।
  8. लोकसभा ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट का समय बढ़ाया

    लोकसभा ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा को वर्ष 2026 के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह तक बढ़ा दिया है।
  9. लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

    लोकसभा की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। निचला सदन अब शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को पुनः शुरू होगा।
  10. लोकसभा में कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित हुआ

    यह विधेयक भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007, आयकर अधिनियम 2025 तथा वित्त अधिनियम 2026 में अतिरिक्त संशोधन करता है। इसके मुख्य प्रावधानों में भारतीय कारखानों को मशीनरी और टूल्स की आपूर्ति करने वाली एप्पल जैसी विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स हॉलिडे की अवधि बढ़ाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, भारत में स्थानांतरित होने वाले विदेशी फंड प्रबंधकों के लिए अनिश्चितता और लालफीताशाही को कम करना तथा विदेशी संस्थाओं के लिए भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने के नियमों को आसान बनाना शामिल है।
  11. गृह मंत्री को खुद सदन में आकर बयान देना चाहिए: CPI MP पी संदोष

    राज्यसभा की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया देते हुए CPI MP पी संदोष ने कहा कि यह विपक्ष के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि वे लगातार गृह मंत्री से सदन में आकर वक्तव्य देने का आग्रह कर रहे थे। उन्होंने इसे एक बेहद सरल, गंभीर और तर्कसंगत मांग बताया जिसे सरकार विभिन्न कारणों से स्वीकार नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि अंततः राज्यसभा के सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने बिना किसी संशय के मंत्री किरेन रिजिजू को निर्देश दिया कि वे गृह मंत्री की गैरमौजूदगी के कारणों से विपक्ष की चिंताओं को अवगत कराएं। अब यह मामला आधिकारिक रिकॉर्ड पर दर्ज है और किरेन रिजिजू को सदन में इसका उत्तर प्रस्तुत करना होगा, जिसका विपक्ष इंतजार कर रहा है।
  12. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रश्नकाल में सांसदों के सवालों के दिए जवाब

    केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पहाड़ी और सीमावर्ती राज्यों में पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित प्रश्नों के प्रश्नकाल के दौरान विस्तृत उत्तर दिए।
  13. राज्यसभा MP मनोज झा ने उच्च न्यायपालिका में SC, ST और OBC के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया

    राज्यसभा MP मनोज झा ने सरकार से सवाल किया कि उच्च न्यायपालिका में SC और ST समुदायों से ताल्लुक रखने वाले न्यायाधीशों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं। कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उत्तर दिया कि सरकार हमेशा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सिफारिशें भेजकर SC एवं ST समुदायों के न्यायाधीशों को शामिल करने का अनुरोध करती है। उन्होंने यह भी बताया कि मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) में न्यायपालिका के भीतर SC, ST और OBC समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने से जुड़े प्रावधान मौजूद हैं। मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) के तहत सुप्रीम कोर्ट और राज्य के हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा तबादले की पूरी प्रक्रिया संचालित की जाती है।
  14. 'क्या बोलना है और कैसे बोलना है, यह मेरा अधिकार है': किरेन रिजिजू को मल्लिकार्जुन खरगे का जवाब

    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को जवाब देते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी दल देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। खरगे ने मांग की कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में उपस्थित होना चाहिए। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के कथनों का हवाला देते हुए खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गतिरोध भी एक हिस्सा है और सांसदों को अपने सवाल उठाने का पूरा हक है।
  15. विपक्षी नारेबाजी के बीच राज्यसभा की कार्यवाही पुनः प्रारंभ

    विपक्षी सांसदों के निरंतर विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के माहौल के बीच उच्च सदन की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हो गई है।
  16. बीजेपी MP डॉ. के. लक्ष्मण ने संत सेवालाल महाराज की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग की

    राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान बोलते हुए बीजेपी MP डॉ. के. लक्ष्मण ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संत सेवालाल महाराज की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। उन्होंने उल्लेख किया कि बंजारा समाज के महान नेता सेवालाल महाराज ने सामाजिक सुधारों और जनसेवा में अपना अतुलनीय योगदान दिया था।
  17. पुलिस ज्यादती पर चर्चा का आश्वासन दिया गया था, पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला: SP MP इकरा हसन

    समाजवादी पार्टी की MP इकरा हसन ने गुरुवार (6 अगस्त) को कहा कि चर्चा के लिए अनेक महत्वपूर्ण विषय लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे सत्र के दौरान सरकार ने सदन को केवल एक दिन सुचारू रूप से चलने दिया, जबकि संसद चलाना शासन की जिम्मेदारी है। इकरा हसन के अनुसार, विपक्ष से पुलिस अत्याचारों और पुलिस की ज्यादती पर बहस कराने तथा जवाब देने का वादा किया गया था, परंतु अभी तक उन्हें कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
  18. राघव चड्ढा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 'रेफरल कमीशन' के खेल पर राज्यसभा में चिंता जताई

    राज्यसभा के शून्यकाल में मामला उठाते हुए MP राघव चड्ढा ने चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों और जांच केंद्रों के बीच चल रही 'कट मनी अथवा रेफरल कमीशन' की व्यवस्था पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस अनुचित चलन पर कड़े कदम उठाने की अपील की।
  19. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में बाधा डालने के नियमों का दिया हवाला

    विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन के भीतर लगातार की जा रही नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसदीय नियमों का हवाला दिया जो सदन की कार्यवाही में बाधा डालने पर रोक लगाते हैं। फोटो साभार: संसद टीवी
  20. राज्यसभा में हंगामा जारी: राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर जवाब मांग रहा विपक्ष

    विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांगा, जिनमें राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी तथा दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस हिंसा प्रमुख हैं।
  21. गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की मांग पर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित

    सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
  22. कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में हिरोशिमा-नागासाकी परमाणु हमलों के पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि

    गुरुवार (6 अगस्त 2026) को बैठक की शुरुआत होते ही लोकसभा ने हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु बम हमलों के पीड़ितों की स्मृति को नमन किया।
  23. राज्यसभा के पटल पर रखी जाएंगी विभिन्न संसदीय स्थायी समितियों की रिपोर्ट

    वाणिज्य से संबंधित विभागीय संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर पेश की जानी हैं। उद्योग संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएंगी। रसायन और उर्वरक संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट (2025-2026) प्रस्तुत की जानी हैं। संचार एवं प्रौद्योगिकी संबंधी विभागीय संसदीय स्थायी समिति (2025-2026) की रिपोर्ट भी राज्यसभा के पटल पर रखे जाने के लिए सूचीबद्ध हैं।
  24. राम मंदिर दान विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में विरोध तेज करेगा विपक्ष

    राम मंदिर चंदे में गबन के मामले और जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल गुरुवार (6 अगस्त) को संसद में सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे और हमले तेज करेंगे। मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी पार्टियां इन दोनों मुद्दों को लेकर संसद के भीतर केंद्र सरकार का लगातार विरोध कर रही हैं।- ANI
  25. आज लोकसभा का एजेंडा: कराधान विधेयक पर चर्चा और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर प्रस्ताव

    लोकसभा में कराधान और अन्य नियम (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार करने और पारित करने के लिए लाया जाएगा। इसके अलावा, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ाने से संबंधित एक प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जाएगा।

सवाल-जवाब

6 अगस्त 2026 को संसद में किन प्रमुख विधेयकों पर काम हुआ?
लोकसभा ने कराधान और अन्य नियम (संशोधन) विधेयक 2026 को पारित किया, जबकि राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2026 पर चर्चा पूरी कर उसे लोकसभा को लौटा दिया।
कराधान (संशोधन) विधेयक 2026 से विदेशी कंपनियों को क्या फायदा होगा?
इस विधेयक के तहत एप्पल जैसी मशीनरी आपूर्ति करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स हॉलिडे की अवधि बढ़ाई गई है और विदेशी फंड प्रबंधकों तथा डेटा सेंटर स्थापित करने वाली संस्थाओं के लिए नियम आसान बनाए गए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू-कश्मीर के लिए क्या विशेष घोषणाएं कीं?
वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के कर्ज ढांचे का पुनर्गठन किया है और संशोधित बजट के ऊपर ₹5,000 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की है।
विपक्षी दल संसद में किस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे?
विपक्ष राम मंदिर चंदे में कथित गबन के आरोपों और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा था।
सांसद संजय कुमार झा ने फरक्का संधि को लेकर क्या मांग रखी?
संजय कुमार झा ने 1996 की भारत-बांग्लादेश फरक्का संधि का 2026 में मियाद पूरी होने पर नवीनीकरण न करने की मांग की, और कहा कि यह समझौता बिहार के हितों के खिलाफ है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में रेफरल कमीशन का मुद्दा किसने उठाया?
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक जांच केंद्रों के बीच कट मनी अथवा रेफरल कमीशन के खेल पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर कड़े कदम उठाने की मांग की।
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