मेक्सिको सिटी के स्टेडियम के आसपास मंगलवार रात अचानक आए तेज़ बिजली-तूफान ने फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में मेक्सिको और इक्वाडोर के बीच होने वाले मुकाबले की शुरुआत करीब दो घंटे के लिए टाल दी। तूफान थमने के बाद जब आखिरकार खेल शुरू हुआ तो मैदान पर मेक्सिको का ही दबदबा दिखा। जुलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज़ ने पहले हाफ में आधे घंटे के भीतर एक-एक गोल दागकर मेजबान टीम को 2-0 की जीत दिला दी, जिससे मेक्सिको अब राउंड ऑफ 16 में पहुंचकर अपने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन की बराबरी करने से बस एक कदम दूर रह गया है।
तूफान ने रोकी मैच की शुरुआत
तूफान मैच की तय शुरुआत से करीब दो घंटे पहले मेक्सिको सिटी के स्टेडियम के आसपास पहुंचा, ठीक उसी वक्त जब दोनों टीमें मैच पूर्व की तैयारियों में जुटी थीं। दोनों टीमों के कोच तब तक अपनी अपनी प्रारंभिक एकादश का ऐलान कर चुके थे और खिलाड़ी मैदान पर वार्मअप भी शुरू कर चुके थे, लेकिन खराब मौसम के चलते सभी को वापस अंदर बुलाना पड़ा। आयोजकों की ओर से उस वक्त नई शुरुआत का कोई समय घोषित नहीं किया गया, जिससे स्टेडियम में मौजूद और घर पर टीवी से मैच देख रहे प्रशंसक अपडेट का इंतज़ार करते रहे, इसके काफी देर बाद खेल शुरू हो सका। मेजबान टीम के लिए इस मुकाबले की अहमियत भी बड़ी थी। राउंड ऑफ 16 में जगह बनाकर मेक्सिको अपने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे शानदार दौर की बराबरी कर सकता था, क्योंकि इससे पहले टीम सिर्फ दो बार, 1970 और 1986 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंच पाई थी, और दोनों ही मौकों पर वह खुद मेजबान देश था।
दोनों टीमों की प्रारंभिक एकादश
मेक्सिको ने गोल में राउल रांगेल को उतारा, जिनके सामने डिफेंस में जॉर्ज सांचेज़, सेज़ार मोंटेस, जोहान वास्केज़ और जेसुस गैलार्डो मोर्चा संभाले हुए थे। मिडफील्ड में एरिक लीरा और लुइस रोमो के साथ गिल्बर्टो मोरा भी शामिल थे, जबकि आगे राउल जिमेनेज़ को जुलियन क्विनोनेस और रोबेर्टो अल्वाराडो का साथ मिला। दूसरी ओर इक्वाडोर ने गोल की जिम्मेदारी हेर्नान गालिन्देज़ को सौंपी, जिनकी रक्षापंक्ति में पियेरो हिनकापिए, जोएल ओर्दोन्येज़, विलियन पाचो और पेद्रो वीते मौजूद थे। मिडफील्ड में एलन फ्रांको और मोइसेस काइसेदो की जिम्मेदारी थी, वहीं आक्रमण में जॉन येबोआ, गोंज़ालो प्लाटा और नील्सन अंगुलो ने अकेले स्ट्राइकर एनर वालेंसिया का साथ दिया।
क्विनोनेस और जिमेनेज़ ने मेक्सिको को दिलाई दो गोल की बढ़त
आखिरकार जब खेल शुरू हुआ तो शुरुआती मिनट उठापटक भरे रहे। पहले दो मिनट के भीतर ही इक्वाडोर के गोंज़ालो प्लाटा अपने ही हाफ में फाउल का शिकार हुए और उनकी टीम को फ्री किक मिली, जबकि मेक्सिको के रोबेर्टो अल्वाराडो पर भी लगभग उसी वक्त फाउल का फैसला सुनाया गया। हालांकि, मेक्सिको ने जल्द ही खेल पर पकड़ बना ली। तीसरे मिनट में अल्वाराडो ने मोरा के पास पर बॉक्स के बाहर से बाएं पैर से शॉट लगाया, लेकिन उसे रोक दिया गया। पांचवें मिनट में मोरा ने जॉर्ज सांचेज़ की मदद से दाएं पैर से शॉट जमाया जो गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया, और अगले ही मिनट लुइस रोमो ने अल्वाराडो के पास पर लगभग वैसा ही प्रयास किया जो फिर गोल के ऊपर से चला गया। सातवें मिनट में राउल जिमेनेज़ बढ़त दिलाते दिलाते चूक गए, जब उन्होंने रोमो के तेज़ ब्रेक पर आए क्रॉस पर हेडर लगाया लेकिन गेंद गोलपोस्ट के बाईं ओर से बाहर निकल गई।
दसवें मिनट के बाद इक्वाडोर ने भी लय पकड़नी शुरू की, जब क्विनोनेस ने मोइसेस काइसेदो पर फाउल किया और इक्वाडोर को फ्री किक मिली। इसके जवाब में मेक्सिको को चौदहवें मिनट में कॉर्नर मिला, जब विलियन पाचो दबाव में गेंद गंवा बैठे। इस कॉर्नर पर क्विनोनेस के पास से अल्वाराडो ने दाएं पैर से शॉट लगाया, जिसे रोक दिया गया, और कुछ ही देर बाद मोरा ने बॉक्स की बाईं तरफ से एक और शॉट लगाया जो थोड़ा सा बाहर निकल गया। पहले क्वार्टर का सबसे बड़ा मौका सत्रहवें मिनट में इक्वाडोर के हिस्से आया, जब पियेरो हिनकापिए की मदद से जॉन येबोआ ने बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया जो पोस्ट से टकराकर बाहर गया, यह मेक्सिको की डिफेंस के लिए साफ चेतावनी थी। अगले कुछ मिनटों में दोनों टीमें फाउल पर फाउल करती रहीं और येबोआ, पाचो, जेसुस गैलार्डो व जिमेनेज़ को अलग अलग मौकों पर फाउल के लिए दंडित किया गया, जबकि दोनों तरफ से पहला असली गोल अब भी दूर था।
यह इंतज़ार इक्कीसवें मिनट में खत्म हुआ। जुलियन क्विनोनेस ने रोबेर्टो अल्वाराडो की डिफेंस चीरती हुई थ्रू बॉल पर बेहद संयम से बॉक्स की बाईं ओर से दाएं पैर से शॉट लगाया और गेंद को जाल के ऊपरी बाएं कोने में डाल दिया, मेक्सिको 1-0 आगे हो गया। पच्चीसवें मिनट में पेय विराम के लिए खेल कुछ देर रुका, जिसके बाद इक्वाडोर के एनर वालेंसिया के फाउल पर मेक्सिको को एक और फ्री किक मिली, तभी इक्वाडोर संभलने की कोशिश में जुटा था। खेल दोबारा शुरू होते ही मेक्सिको ने बढ़त और पक्की कर ली, तीसवें मिनट में राउल जिमेनेज़ ने एक बार फिर क्विनोनेस की असिस्ट पर बॉक्स के बीचोंबीच से दाएं पैर से सटीक शॉट लगाकर गेंद गोल के ऊपरी दाएं कोने में उतार दी, स्कोर 2-0 हो गया और मेक्सिको ने अच्छी खासी बढ़त बना ली।
रांगेल ने रोका येबोआ का जोरदार शॉट, हाफटाइम तक मेक्सिको रहा आगे
इक्वाडोर ने वापसी की कोशिश की, लेकिन बाकी बचे हाफ में ज्यादातर समय दोनों तरफ से सिर्फ फ्री किक और कॉर्नर का ही आदान प्रदान होता रहा। मेक्सिको को सेज़ार मोंटेस पर फाउल और अटैकिंग हाफ में दो बार रोबेर्टो अल्वाराडो पर हुए फाउल से फ्री किक मिलीं, जबकि इक्वाडोर को नील्सन अंगुलो और उसके बाद जुलियन क्विनोनेस पर फाउल का इनाम मिला। इक्वाडोर के मोइसेस काइसेदो ने भी सैंतीसवें मिनट में अपनी टीम के लिए फ्री किक हासिल की। इसके तुरंत बाद मेक्सिको के गोलकीपर राउल रांगेल की असली परीक्षा हुई, जब विलियन पाचो के पास पर जॉन येबोआ ने ज़ोरदार बाएं पैर का शॉट लगाया, लेकिन रांगेल ने नीचे बाएं कोने में गोता लगाकर गेंद कॉर्नर के लिए बाहर कर दी। इक्वाडोर को अल्वाराडो और जॉर्ज सांचेज़ की गलतियों से कुछ और कॉर्नर भी मिले, लेकिन आक्रमण में मेक्सिको का पलड़ा भारी ही रहा, तैंतालीसवें मिनट में जिमेनेज़ ने मोरा के क्रॉस पर हेडर किया जो क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया, और अगले ही मिनट सांचेज़ के पास पर उन्होंने दूर से लगाया शॉट भी दाईं ओर से बाहर चला गया।
पहले हाफ के अंत में चौथे अधिकारी ने पांच मिनट के अतिरिक्त समय की घोषणा की। इसी दौरान इक्वाडोर के एलन फ्रांको को फाउल के लिए पीला कार्ड दिखाया गया, और दोनों टीमों को येबोआ, क्विनोनेस व गैलार्डो के जरिए कुछ और फ्री किक मिलीं, जबकि जॉर्ज सांचेज़ की चूक से इक्वाडोर को अतिरिक्त समय में एक कॉर्नर भी हासिल हुआ। आखिरकार रेफरी ने हाफटाइम की सीटी बजाई, तब स्कोर वही था, मेक्सिको 2, इक्वाडोर 0।
इक्वाडोर ने हाफटाइम पर किए दो बड़े बदलाव
इक्वाडोर ने हाफटाइम में बड़े बदलाव करते हुए जोएल ओर्दोन्येज़ की जगह एंजेलो प्रेसियादो और एलन फ्रांको की जगह यायमार मेदिना को मैदान में उतारा, ताकि मैच में वापसी का कोई रास्ता निकाला जा सके। मेक्सिको के कोच ने अपनी शुरुआती एकादश पर ही भरोसा जताया, और दूसरा हाफ 2-0 के स्कोर के साथ ही शुरू हुआ।
दूसरे हाफ में बनते बिगड़ते रहे मौके
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही मेक्सिको तीसरा गोल दागते दागते रह गया, जब क्विनोनेस के पास पर रोबेर्टो अल्वाराडो ने बॉक्स की दाईं ओर से बाएं पैर से शॉट लगाया जो ऊंचा और गोलपोस्ट से काफी दूर चला गया। इक्वाडोर की तरफ से यायमार मेदिना के फाउल पर मेक्सिको को फ्री किक मिली, वहीं दूसरी तरफ येबोआ और मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा को भी अपनी अपनी टीमों के लिए फ्री किक मिलीं। पचासवें मिनट में इक्वाडोर के पेद्रो वीते ने गोंज़ालो प्लाटा की मदद से बाएं पैर का शॉट लगाया जो गोल के ऊपर से निकल गया, और कुछ देर बाद गिल्बर्टो मोरा ने एरिक लीरा के पास पर दाएं पैर से शॉट लगाया जिसे इक्वाडोर की डिफेंस ने रोक दिया। इसके बाद इक्वाडोर बराबरी की कोशिश में जुटा ही था कि एनर वालेंसिया ऑफसाइड करार दिए गए।
पचास से साठ मिनट के बीच भी दोनों टीमें फ्री किक का आदान प्रदान करती रहीं, जिसमें मोरा, पियेरो हिनकापिए, पाचो और जिमेनेज़ शामिल थे, इसके बाद बदलावों का सिलसिला शुरू हो गया। इक्वाडोर ने अट्ठावनवें मिनट में एनर वालेंसिया की जगह केविन रोड्रिगेज़ को उतारा, और मेक्सिको ने लगभग तुरंत जवाब देते हुए गिल्बर्टो मोरा की जगह ब्रायन गुटियरेज़ को मैदान में भेजा। उतरते ही गुटियरेज़ ने खुद एक फाउल भी कर डाला। खेल दोनों बॉक्स के बीच लगातार डोलता रहा, और तिरसठवें मिनट में क्विनोनेस की गलती से इक्वाडोर को कॉर्नर किक मिली।
गालिन्देज़ की बदौलत मुकाबले में बना रहा इक्वाडोर
घंटे भर के खेल के बाद मेक्सिको फिर से हावी दिखा और लगातार दो कॉर्नर हासिल किए, पहला तब जब हेर्नान गालिन्देज़ ने गेंद अपनी ही गोल लाइन के पार भेज दी और दूसरा विलियन पाचो की ऐसी ही गलती से। इन्हीं में से एक कॉर्नर पर जोहान वास्केज़ ने अल्वाराडो के क्रॉस पर करीब से हेडर लगाया जो थोड़ा सा बाहर निकल गया, और कुछ ही देर बाद गालिन्देज़ को असली परीक्षा से गुजरना पड़ा, जब उन्होंने सेज़ार मोंटेस का हेडर शानदार तरीके से बचाया, जो एक बार फिर अल्वाराडो के क्रॉस पर गोल के ऊपरी हिस्से की ओर जा रहा था। इसके तुरंत बाद पानी पीने के लिए खेल कुछ देर रुका, और जब दोबारा शुरू हुआ तो बहत्तरवें मिनट के आसपास अल्वाराडो की एक और गलती से इक्वाडोर को कॉर्नर मिल गया।
इसी दौरान मेक्सिको ने एक साथ दो बदलाव किए, लुइस रोमो की जगह ओबेड वार्गास को उतारा गया और कुछ मिनट बाद रात के पहले गोलस्कोरर राउल जिमेनेज़ की जगह सैंतियागो गिमेनेज़ को मैदान में भेजा गया। इक्वाडोर भी अपनी तरफ से मौका तलाशता रहा, चौहत्तरवें मिनट में मोइसेस काइसेदो की थ्रू बॉल पर केविन रोड्रिगेज़ ने बॉक्स के बीचोंबीच से दाएं पैर से शॉट लगाया जो थोड़ा सा बाहर निकल गया। इसके फौरन बाद मेक्सिको के गोलकीपर राउल रांगेल को चोट लगने से खेल में कुछ देर की रुकावट आई, और कुछ मिनट बाद खेल फिर शुरू हो सका। इसके बाद भी दोनों टीमें बराबर फाउल करती रहीं, जोहान वास्केज़ और केविन रोड्रिगेज़ अलग अलग मौकों पर फाउल के दोषी पाए गए, इससे पहले कि सतहत्तरवें मिनट के बाद सैंतियागो गिमेनेज़ और पियेरो हिनकापिए एक और फ्री किक की अदला बदली में शामिल हुए।
आखिरी क्वार्टर में बदलावों और मौकों की झड़ी
मैच के आखिरी क्वार्टर में दोनों कोचों ने अपने बेंच का लगातार इस्तेमाल किया। इक्वाडोर ने नील्सन अंगुलो की जगह केंड्री पाएज़ और जॉन येबोआ की जगह जॉर्डी कैसेडो को उतारा, जबकि मेक्सिको ने जीत को पक्का करने के इरादे से जुलियन क्विनोनेस की जगह ऑर्बेलिन पिनेदा और रोबेर्टो अल्वाराडो की जगह इज़राइल रेयेस को मैदान में भेजा। इस बीच फ्री किक और कॉर्नर का सिलसिला जारी रहा, अस्सीवें और बयासीवें मिनट के आसपास गोंज़ालो प्लाटा, जॉर्ज सांचेज़ और जॉर्डी कैसेडो इसमें शामिल रहे, और तिरासीवें मिनट के बाद सैंतियागो गिमेनेज़ व पेद्रो वीते को भी फ्री किक मिलीं।
इक्वाडोर उस एक गोल की तलाश में जुटा रहा जो मुकाबले की तस्वीर बदल सकता था। पचासीवें मिनट में मोइसेस काइसेदो ने बॉक्स के बाहर से किस्मत आजमाई लेकिन शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया, अठासीवें मिनट में केंड्री पाएज़ के पास पर यायमार मेदिना का हेडर भी बाहर चला गया, और इसी दौरान केविन रोड्रिगेज़ के पास पर जॉर्डी कैसेडो का बाएं पैर का शॉट रोक दिया गया। मेक्सिको के पास भी अपने मौके थे, बयानवेवें मिनट में सब्स्टीट्यूट ऑर्बेलिन पिनेदा ने एरिक लीरा के पास पर दाएं पैर से शॉट लगाया जो गोल के ऊपरी दाएं कोने से थोड़ा सा बाहर निकल गया।
मैदान पर छाया विवाद, समलैंगिकता विरोधी नारेबाजी
इक्वाडोर के खिलाफ इस मुकाबले के पहले हाफ में मैदान पर हुई एक घटना ने पूरे खेल पर साया डाल दिया, जब मेक्सिको के दर्शकों के एक हिस्से से ऐसा नारा सुनाई दिया जिसे व्यापक रूप से समलैंगिकता विरोधी माना जाता है। यह स्पेनिश भाषा का एक शब्द वाला अपशब्द है, जिसका मतलब पुरुष यौनकर्मी होता है, और इसे आमतौर पर तब लगाया जाता है जब विरोधी टीम का गोलकीपर गोल किक लेने के लिए आगे बढ़ता है। यह नारा पांचवें मिनट में सुनाई दिया, ठीक उसी वक्त जब इक्वाडोर के गोलकीपर हेर्नान गालिन्देज़ ने मैच की अपनी पहली गोल किक ली। इस टूर्नामेंट में यह दूसरा मौका है जब ऐसी नारेबाजी हुई है, और इससे पहले भी मेक्सिको फुटबॉल फेडरेशन पर अपने प्रशंसकों की इसी तरह की हरकत की वजह से फीफा कई बार जुर्माना लगा चुका है।
हिनकापिए को लाल कार्ड, मेक्सिको ने पूरी की जीत
मैच आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा था, तभी केंड्री पाएज़ ने ऑर्बेलिन पिनेदा पर फाउल किया, जिससे मेक्सिको को बयानवेवें मिनट में फ्री किक मिली, और कुछ ही देर बाद पाएज़ को एक जरूरत से ज्यादा आक्रामक फाउल के लिए पीला कार्ड दिखाया गया। लेकिन रात का सबसे बड़ा मोड़ चौरानवेवें मिनट में आया, जब VAR समीक्षा के बाद इक्वाडोर के पियेरो हिनकापिए को पहले दिखाए गए कार्ड को अपग्रेड कर दिया गया और उन्हें सीधे लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया, जिससे उनकी टीम को बचे हुए समय में एक खिलाड़ी की कमी से जूझना पड़ा।
इसके बाद चौथे अधिकारी ने सात मिनट के लंबे अतिरिक्त समय की घोषणा की। इस अतिरिक्त समय में भी दोनों तरफ से फाउल होते रहे, सैंतियागो गिमेनेज़ पर फाउल का फैसला आया जिससे पेद्रो वीते को फ्री किक मिली, फिर जॉर्डी कैसेडो के फाउल पर सेज़ार मोंटेस को फ्री किक मिली, और आखिर में मोइसेस काइसेदो पर फाउल का फैसला आया, उन्हें एक खतरनाक फाउल के लिए पीला कार्ड भी दिखाया गया, इसी के साथ ऑर्बेलिन पिनेदा को एक और फ्री किक मिली। आखिरकार अठानवेवें मिनट में रेफरी ने मैच खत्म होने की सीटी बजाई, मेक्सिको ने दस खिलाड़ियों वाली इक्वाडोर की टीम को 2-0 से हराकर अपने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन की बराबरी की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया।



















