होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव उस समय खतरनाक स्तर पर पहुंच गया जब ईरानी क्रूज मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। जिन जहाजों पर हमला किया गया, उनके नाम 'मोम्बासा' और 'अल बहिया' हैं और वे घटना के समय ओमान की समुद्री सीमा के भीतर थे। जान गंवाने वाले नाविक की पहचान मोम्बासा जहाज के चालक दल के सदस्य के रूप में हुई है।
क्षेत्रीय अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त अरब अमीरात ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार दिया है। इस घटनाक्रम के बाद भारत सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डेप्युटी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया और इन हमलों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इन जहाजों पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान का जवाब
अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले जारी रखे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पांच घंटे तक चले इस सैन्य अभियान में बुशहर, चाहबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। जवाब में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में मौजूद पैट्रियट मिसाइल राडार और अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के हवाई नियंत्रण केंद्रों को नष्ट कर दिया है। बहरीन की राजधानी में इन हमलों के कारण लगातार खतरे के सायरन बजते रहे और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतें चार हफ्तों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.50 डॉलर की बढ़त के साथ 84.80 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 79.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड में 9.6 प्रतिशत का उछाल देखा गया था, जो मई 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी थी। इस बीच, जर्मनी की प्रमुख शिपिंग कंपनी Hapag-Lloyd ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिकी योजना को बुनियादी रूप से गलत बताया है।
राजनयिक गतिविधियां और भविष्य की चुनौतियां
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी अपनी पहली विदेश यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंचे हैं, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण इराक की सरकारों के लिए संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उधर, बीजिंग ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की अपील की है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेज़ाद ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान का तेल निर्यात सामान्य बना हुआ है, क्योंकि उनके पास प्रतिबंधों को बेअसर करने के लिए विशेष तंत्र मौजूद हैं।



















