जालोर की पारंपरिक रसोई से सीखें बिना बेसन वाला मैदे का देसी ढोकला बनानानागालैंड डियर मंडे लॉटरी परिणाम 19 अक्टूबर 2026: दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे के ड्रा का पूरा विवरणफेड और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतियों में बदलाव के बीच ब्रिटिश पाउंड में मजबूतीपश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कच्चे तेल में तेजी, डब्ल्यूटीआई क्रूड 98.50 डॉलर के करीब पहुंचाकोडरमा के दयानंद ने साझा किया यामाहा रेजेडआर 125 का राइडिंग अनुभव, हाइब्रिड तकनीक और 60 किमी तक माइलेज की बताई खासियतेंथेरानोस के झूठ को सच मानने की भूल: कैसे सिलिकॉन वैली और मीडिया ने गढ़ा एलिजाबेथ होम्स का तिलिस्मचीन में ब्याज दरें स्थिर रहने और केंद्रीय बैंकों के रुख से 0.5650 के ऊपर संभला न्यूजीलैंड डॉलररक्षा बजट और राजकोषीय संतुलन पर जापानी वित्त मंत्री के बयान के बीच येन और वैश्विक बाजारों में हलचलचीन के लोन रेट स्थिर रखने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आई गिरावट, पर केंद्रीय बैंक के बयानों से संभली मुद्रारेप्लिका की फाउंडर युजीनिया कुयदा ने लॉन्च किया नया पर्सनल एआई असिस्टेंट वाबी
लाइव: नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर: 150 से अधिक की मौत, 750 से ज्यादा लापता, बचाव अभियान जारी — 27 अगस्त 2026लाइव
27 अग॰ 2026, 9:27 am (54 दिन पहले)· 3

लाइव: नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर: 150 से अधिक की मौत, 750 से ज्यादा लापता, बचाव अभियान जारी — 27 अगस्त 2026

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद सीमावर्ती झीलों के खतरे को देखते हुए नेपाल और चीन ने नया अलर्ट जारी किया है। आपदा में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 389 को पार कर चुका है, जबकि कम से कम 290 भारतीय अब भी लापता हैं। स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान और तेज कर दिए गए हैं।

नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की हिमालयी सीमा पर एक विशाल ग्लेशियर के टूटने से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में आई प्रलयंकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक विभीषिका में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 389 तक पहुंच गया है, जबकि 910 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा समेत नेपाल के कई पर्वतीय जिलों में बस्तियां, सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाही की चपेट में आ चुका है। जलप्रलय के समय कैलाश-मानसरोवर यात्रा और ट्रैकिंग पर गए लगभग 300 भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। नेपाल सरकार, भारतीय दूतावास और विभिन्न राज्य प्रशासन लापता नागरिकों को सुरक्षित तलाशने और प्रभावित क्षेत्रों में आपात सहायता पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं।

ग्लेशियर टूटने और मलबे के बहाव का वैज्ञानिक विश्लेषण

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास 5.2 तीव्रता की भूकम्पीय हलचल दर्ज की गई थी। शुरुआती दौर में इसे साधारण भूकंप माना जा रहा था, लेकिन उपग्रह तस्वीरों और लंबी अवधि की भूकंपीय तरंगों के गहन अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि यह हलचल वास्तव में किसी भूकंपीय गतिविधि से नहीं, बल्कि एक विशाल ग्लेशियर के अचानक ढहने और चट्टानों के मलबे के भीषण बहाव से पैदा हुई थी। तापमान में वृद्धि और ग्लोबल वार्मिंग के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमी हुई बर्फ और चट्टानों की ढलानें ढीली पड़ रही हैं। ग्लेशियर के टूटने से बर्फ, पानी, कीचड़ और मलबे का 170 किलोमीटर से भी लंबा सैलाब भोटेकोशी नदी घाटी में बह निकला, जिसने काठमांडू से तिब्बत के ल्हासा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग और निचले इलाकों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

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आपदा के कारण रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के ऊपरी प्रवाह क्षेत्र में मलबे के जमाव से एक विशाल कृत्रिम झील बन गई है। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की है कि नदी का प्राकृतिक बहाव रुकने से बन रही यह झील कभी भी फट सकती है, जिससे निचले तटवर्ती इलाकों में दोबारा अचानक बाढ़ आ सकती है। चीनी और नेपाली अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है और झील पर निरंतर हवाई नजर रखी जा रही है।

तबाही का दायरा और मौतों का बढ़ता आंकड़ा

नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा जारी अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन के कारण विभिन्न जिलों में व्यापक जनहानि हुई है। चितवन जिले में सबसे अधिक 64 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जबकि धाडिंग में 27, नवलपरासी पूर्व में 26, गोरखा में 20, नुवाकोट में 12, तनहुं में 9, नवलपरासी पश्चिम में 5 और रसुवा में 2 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तिब्बत के गिरोंग काउंटी में भी सीमा चेकपोस्ट के पास भूस्खलन और बाढ़ से 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे सीमा के दोनों ओर कुल मौतों का आंकड़ा 392 के पार जा चुका है।

लापता 910 से अधिक व्यक्तियों में नेपाल के 85 सशस्त्र बल कर्मी, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों के 162 कर्मचारी तथा 579 से अधिक स्वदेशी व विदेशी पर्यटक शामिल हैं। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार तिब्बत से आए इस मलबे के बहाव के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदी गलियारे में स्थित 13 जलविद्युत परियोजनाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। त्रिशूली-I जलविद्युत परियोजना स्थल पर फंसे 63 भारतीय कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है।

विभिन्न भारतीय राज्यों के फंसे पर्यटक और राज्यवार स्थिति

बाढ़ प्रभावित नेपाल और तिब्बत में भारत के कई राज्यों से गए पर्यटक और तीर्थयात्री फंसे हुए हैं, जिनके लिए संबंधित राज्य सरकारों ने राहत और हेल्पलाइन केंद्र शुरू किए हैं

  • पश्चिम बंगाल: कोलकाता से 21 अगस्त को रवाना हुआ 32 सदस्यीय दल नेपाल में लापता है। इस दल में 30 पर्यटक और 2 टूर प्रबंधक शामिल हैं, जिनमें 21 वरिष्ठ नागरिक हैं। दिवंगत नेता मुकुल रॉय की बहू शर्मिष्ठा भौमिक रॉय भी इस दल का हिस्सा हैं। राज्य सरकार ने भवानी भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन (033) 24793311 और 9147890181 स्थापित की है।
  • तमिलनाडु: राज्य के 57 तीर्थयात्री नेपाल में फंसे थे। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि अन्य 83 नागरिक सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 309 3793, +91 80690 09900 और +91 80690 09901 जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिल्ली और काठमांडू में सहायता कार्यों की निगरानी के लिए 4 मंत्रियों की टीम और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को तैनात किया है।
  • केरल: लगभग 30 पर्यटकों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे होने की आशंका है। NoRKA-Roots के माध्यम से टोल-फ्री नंबर 1800 425 3939 और +91 88020 12345 पर सहायता प्रदान की जा रही है।
  • कर्नाटक: राज्य के 13 नागरिक नेपाल में फंसे हैं, जिनमें बेंगलुरु के 8 लोग शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में 10 वर्षों से रह रहे 45 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राकेश नायक भी मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता हैं। रत्तीहल्ली (हावेरी) के 12 लोग पोखरा में सुरक्षित हैं। कर्नाटक आपातकालीन केंद्र ने हेल्पलाइन 1070 और 080-22253707 शुरू की है।
  • महाराष्ट्र: राज्य के 114 पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं, जिनमें से 53 लोगों के सागा मानसरोवर क्षेत्र में सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। 61 नागरिक रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए यात्रा पर गए थे।
  • अन्य राज्य: गुजरात के 11 नागरिक, छत्तीसगढ़ के रायपुर की मोनिका यादव और मध्य प्रदेश व मेघालय के कई पर्यटक संपर्क से बाहर हैं। सभी राज्यों ने अपने-अपने आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विदेश मंत्रालय से तालमेल बिठाया है।

भारत सरकार का राहत अभियान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से टेलीफोन पर वार्ता कर आपदा पर गहरा दुख जताया और हरसंभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया। भारत सरकार ने नेपाल को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए दो सैन्य विमानों के माध्यम से राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि 37.5 टन HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री, आवश्यक दवाओं और भोजन पैकेट की दूसरी खेप काठमांडू पहुंचा दी गई है। विदेश मंत्रालय में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम खोला गया है (फोन: +91 11 2308 8718 / 8719, व्हाट्सएप: +91 9968291988)। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन (+977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117) जारी की है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में हुई तबाही पर शोक व्यक्त करते हुए आपात राहत कार्यों के लिए 20 लाख डॉलर जारी किए हैं। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय और प्रधानमंत्री एडी बर्नहैम ने संवेदना व्यक्त करते हुए 50 लाख पाउंड (68 लाख डॉलर) की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। इसके अलावा श्रीलंका सरकार ने भी नेपाल को 10 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग ने तिब्बत के बाढ़ प्रभावित गिरोंग क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्यों का निरीक्षण किया।

भारतीय सीमावर्ती जिलों में अलर्ट और सुरक्षा उपाय

नेपाल की नदियों में आए उफान को देखते हुए भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाल्मीकिनगर, बगहा, बेटिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया गया था, जहां से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि 27 अगस्त की सुबह जलस्तर घटकर 1.04 लाख क्यूसेक रह गया है, जिससे तटीय इलाकों को राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी है, जहां सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने गंडक नदी से तेज बहाव में बहकर आए 3 अज्ञात शवों को बरामद किया है। यूपी सरकार ने नेपाल में सहायता के लिए 32 सदस्यीय SDRF टीम और 22 पीएसी जवानों को भेजा है। दिल्ली सरकार ने सुरक्षा कारणों से 28 और 29 अगस्त के लिए भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।

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  1. यूपी में गंडक समेत अन्य नदियों की निगरानी सख्त, महाराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट

    पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही नेपाल से नीचे की तरफ बहने वाली गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नेपाल से सटी अपनी उत्तरी सीमा के कारण उत्तर प्रदेश प्रशासन नदी घाटियों पर कड़ी नजर रख रहा है, खतरे की जद वाले गांवों को सावधान कर रहा है और राहत-बचाव दस्तों को तैयार स्थिति में रखा गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार ने सहायता कार्यों के लिए 32 सदस्यीय SDRF टीम और 22 PAC कर्मियों को नेपाल रवाना किया है।
  2. नेपाल बाढ़ में मौतों की संख्या बढ़कर 389 हुई, 910 लोग अभी भी लापता

    नेपाल के रसुवा ज़िले में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की तादाद बृहस्पतिवार को 389 तक पहुंच गई, जबकि 910 व्यक्ति अब भी लापता हैं। नदी के ऊपरी प्रवाह में मलबे की वजह से भोटेकोशी नदी पर झील बनने के उपग्रह चित्रों के बाद सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि इसके फटने की गंभीर आशंका है।
  3. वीएचपी ने नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनसहयोग की अपील की

    विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बृहस्पतिवार को एक विशेष अभियान शुरू करके नेपाल के बाढ़ प्रभावितों के लिए आम जनता से सहायता की मांग की है। X पर एक संदेश पोस्ट करते हुए VHP ने नागरिकों से "नेपाल बाढ़ राहत अभियान" का हिस्सा बनने की अपील की, जिसमें कहा गया कि आपदा के कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग गायब हैं। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने PTI को बताया कि उनकी संस्था पड़ोसी देश के पीड़ितों तक ज़रूरी राहत पहुंचाने के उद्देश्य से लोगों से मदद जुटा रही है।
  4. बाढ़ प्रभावित नेपाल में रायपुर की महिला लापता

    अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली एक महिला नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता हो गई है। महादेव घाट इलाके की निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल की यात्रा पर गई थीं। इसके बाद से ही उनके परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से महिला का सुराग लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
  5. राजस्थान सरकार ने 31 अगस्त तक वरिष्ठ नागरिकों की काठमांडू तीर्थयात्रा स्थगित की

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए राजस्थान सरकार ने अपनी वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के तहत काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। देवस्थान मंत्री जोरा राम कुमावत के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर 31 अगस्त तक काठमांडू की हवाई यात्रा स्थगित की गई है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बुजुर्गों की सेहत और सुरक्षा सर्वोपरि है। नेपाल में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, इसलिए यात्रियों को किसी भी असुविधा या खतरे से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
  6. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला कर्नाटक का सॉफ्टवेयर इंजीनियर नेपाल में लापता

    पिछले 10 वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कर्नाटक के 45 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिजनों ने गुरुवार को बताया कि वह नेपाल में आई बाढ़ के बाद लापता लोगों में शामिल हैं। रिश्तेदारों के अनुसार, राकेश नायक हाल ही में ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक पैकेज टूर पर मानसरोवर की यात्रा पर गए थे। वहीं, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि राज्य के कम से कम 13 नागरिक, जिनमें से 11 बेंगलुरु शहरी जिले के हैं, वर्तमान में नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
  7. श्रीलंका ने नेपाल को 10 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा की

    श्रीलंका ने गुरुवार को बाढ़ से प्रभावित नेपाल को 10 लाख अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता राशि देने का ऐलान किया है। श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि व तबाही के बाद नेपाल की मदद के लिए 10 लाख डॉलर का वित्तीय योगदान देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति ने आपदा में मारे गए लोगों और जनता की तकलीफों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नेपाल सरकार तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की।
  8. नेपाल त्रासदी के बाद बिहार की नदियों में जलस्तर घटा, बाढ़ का खतरा हुआ कम

    नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के एक दिन बाद पड़ोसी राज्य बिहार में गंडक, गंगा और अन्य सहायक नदियों का जलस्तर गुरुवार को काफी नीचे आ गया, जिससे बाढ़ की आशंका कम हो गई है। हालांकि गंडक नदी में, जिसे नेपाल की तरफ नारायणी कहा जाता है, मलबा और मवेशियों के शव तैरते देखे गए। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर बैराज क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया, जहां 27 अगस्त, 2026 तक स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नदियों के घटते जलस्तर से बिहार के तटीय इलाकों में फिलहाल राहत मिली है।
  9. नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद पश्चिम बंगाल के 32 तीर्थयात्री लापता

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को पुष्टि की कि नेपाल में आई तबाही के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए पश्चिम बंगाल के 32 लोगों के समूह का कोई पता नहीं चल पा रहा है। इन 32 लोगों में कम से कम 21 वरिष्ठ नागरिक हैं और कई लोग 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। दिवंगत नेता मुकुल रॉय की बहू शर्मिष्ठा भौमिक रॉय भी दो टूर ऑपरेटरों के साथ इस लापता समूह में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर बताया कि राज्य सरकार काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और उचित प्रशासनिक माध्यमों के साथ मिलकर राहत और बचाव का समन्वय कर रही है।
  10. नेपाल की त्रिशूली-I परियोजना में फंसे 63 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया

    विदेश मंत्रालय ने नेपाल में त्रिशूली-I जलविद्युत परियोजना स्थल पर काम कर रहे उन 63 भारतीय नागरिकों की सूची जारी कर दी है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
  11. नेपाल-तिब्बत बाढ़ पर राजा चार्ल्स ने व्यक्त किया दुख, ब्रिटेन ने दी 50 लाख पाउंड की मदद

    ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से वे और रानी कमिला बेहद दुखी हैं। इस बीच ब्रिटेन सरकार ने 50 लाख पाउंड (68 लाख डॉलर) की सहायता राशि देने की घोषणा की है। रॉयल फैमिली के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी अपने हस्ताक्षरित संदेश में ब्रिटिश सम्राट ने उल्लेख किया कि ब्रिटेन में कई लोगों के इस क्षेत्र से गहरे और व्यक्तिगत संबंध हैं। उन्होंने अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई जो अपने करीबियों की खबरों का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।
  12. फ्लैश फ्लड के चलते 28 और 29 अगस्त को भारत-नेपाल बस सेवा स्थगित: DTC

    दिल्ली सरकार ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए अगले दो दिनों के लिए "भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा" को अस्थायी रूप से रोक दिया है। गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को जारी एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में बाढ़ के कारण दिल्ली-काठमांडू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क परिवहन फिलहाल पूरी तरह से ठप हो गया है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के आदेश में कहा गया है कि नेपाल की स्थिति को देखते हुए 28 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू व काठमांडू से दिल्ली जाने वाली DTC बसों और 29 अगस्त को चलने वाली नेपाली बस सेवा को एहतियातन स्थगित कर दिया गया है।
  13. UN प्रमुख ने नेपाल और चीन में बाढ़ पर जताया दुख, राहत कार्यों के लिए जारी किए 20 लाख डॉलर

    संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कई लोगों की जानें गई हैं और भारी तबाही हुई है। वहीं UN ने राहत कार्यों के लिए 20 लाख डॉलर की पहली किश्त जारी कर दी है। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक द्वारा बुधवार (26 अगस्त, 2026) को जारी बयान में कहा गया कि महासचिव दोनों देशों में हुई जनहानि, लोगों के लापता होने और व्यापक तबाही से अत्यंत व्यथित हैं। UN प्रमुख ने लोगों की जान बचाने में जुटे राहतकर्मियों के प्रयासों की सराहना की और आवश्यकता पड़ने पर और अधिक मदद देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  14. नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को वापस लाने के प्रयास जारी: देवेंद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को कहा कि उनकी सरकार नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे राज्य के नागरिकों के लगातार संपर्क में है और उन्हें वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास पड़ोसी देश में फंसे राज्य के लोगों की सटीक संख्या फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने बताया कि आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन इस मामले को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिब्बत गए कुछ पर्यटकों से संपर्क हो गया है और उनका कार्यालय तथा विदेश मंत्रालय प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता कर रहे हैं।
  15. नेपाल में फंसे कर्नाटक के परिवारों ने कहा- "हम सुरक्षित हैं"

    नेपाल में आई अचानक बाढ़ के कारण पोखरा में फंसे हावेरी जिले के रत्तीहल्ली के छह परिवारों के 12 लोगों के एक समूह ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है। वीडियो क्लिप में दो लोगों ने बताया कि वे पोखरा से काठमांडू की ओर जा रहे थे, तभी स्थानीय निवासियों ने उन्हें बाढ़ की चेतावनी दी, जिसके बाद वे वापस पोखरा लौट आए। उन्होंने कहा कि राजमार्ग संपर्क टूट जाने के कारण वे दो दिनों तक पोखरा में ही रुकेंगे और उसके बाद भारत वापसी की यात्रा शुरू करेंगे।
  16. नेपाल में सर्वदलीय बैठक: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एकीकृत राहत व बचाव अभियान चलाने की अपील

    नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और खोज अभियानों को तेज करने के लिए गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को काठमांडू में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। रसुवा जिले में बुधवार (26 अगस्त, 2026) को भोटे कोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और नदी क्षेत्र के पुलों व बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सिंह दरबार में हुई इस बैठक में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी जैसे गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में राहत व पुनर्वास कार्य तेज करने का आह्वान किया गया। नेताओं ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर पीड़ितों की मदद करने पर जोर दिया।
  17. अरुणाचल सरकार ने जिला अधिकारियों से नेपाल बाढ़ में लापता निवासियों का ब्योरा मांगा

    अरुणाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों से नेपाल यात्रा पर गए उन नागरिकों की जानकारी जुटाएं जो बाढ़ के बाद से लापता हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह कदम NDMA के उस जरूरी अनुरोध के बाद उठाया गया है, जिसमें आपदा के दौरान अपनों से संपर्क खो चुके लोगों का विवरण मांगा गया था। अरुणाचल सरकार ने जिला उपायुक्तों से लापता निवासियों के नाम और संपर्क विवरण एकत्रित करने को कहा है ताकि उनके परिवारों से संपर्क स्थापित कर मदद पहुंचाई जा सके।
  18. नेपाल-तिब्बत बाढ़: चीनी बचावकर्मियों ने ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से तलाश शुरू की

    नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद सैकड़ों लापता लोगों की तलाश के लिए चीनी बचावकर्मियों ने खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद ली है। मीडिया रिपोर्टों ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को यह जानकारी दी। बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल में लापता लोगों में लगभग 100 चीनी नागरिक भी शामिल हैं।
  19. चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिकों से नेपाल में लापता हुए स्थानीय लोगों की सूचना देने की अपील की

    चंडीगढ़ प्रशासन ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को शहर के निवासियों से नेपाल में आई बाढ़ के बाद लापता हुए किसी भी स्थानीय व्यक्ति की जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है। प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यदि नागरिकों के पास बाढ़ के बाद लापता हुए चंडीगढ़ निवासी के संबंध में कोई जानकारी है, तो वे उपायुक्त कार्यालय को सूचित करें। प्रशासन ने सूचना साझा करने के लिए एक कंट्रोल रूम नंबर और ईमेल आईडी जारी की है।
  20. नेपाल की भोटे कोशी नदी में नई झील बनने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बरकरार

    नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी के उद्गम स्थल के पास एक नई अवरोधक झील बनने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह झील टूट सकती है। अधिकारियों ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को यह जानकारी दी। जलविज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने कहा कि उसे नेपाल-चीन सीमा के पास नदी के मार्ग में रुकावट आने से झील बनने की सूचना चीनी पक्ष से प्राप्त हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन सुरक्षा उपाय और निगरानी तंत्र बढ़ा दिया गया है।
  21. बाढ़ प्रभावित नेपाल में गुजरात के 11 नागरिक लापता

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गुजरात के 11 नागरिक अब भी लापता हैं, जबकि पहले लापता बताई गई एक महिला से संपर्क स्थापित कर उसके सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है। अधिकारियों ने बुधवार (26 अगस्त, 2026) को यह जानकारी दी। गुजरात राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) को शुरुआत में नेपाल में तबाही के बाद राज्य के 12 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। परिजनों ने SEOC और जिला आपातकालीन केंद्रों में फोन करके उन लोगों के बारे में जानकारी दी थी, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था।
  22. नेपाल में महाराष्ट्र के 114 पर्यटक फंसे, 53 के सुरक्षित होने की पुष्टि

    महाराष्ट्र के कम से कम 114 पर्यटक बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे हुए हैं, जिनमें से 53 लोगों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है। राज्य के अधिकारियों ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिल रही है, आंकड़ों में संशोधन किया जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, लगभग 61 लोग 'रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक टूर एजेंसी के जरिए गए थे, जबकि अन्य व्यक्तिगत रूप से यात्रा कर रहे थे। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि फंसे हुए पर्यटकों में से 53 लोग सागा मानसरोवर क्षेत्र में सुरक्षित हैं।
  23. असम सरकार ने नेपाल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद असम सरकार ने नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम-सह-हेल्प डेस्क स्थापित किया है, हालांकि अभी तक कोई आपातकालीन कॉल प्राप्त नहीं हुई है। एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को यह जानकारी दी। मुख्य सचिव रवि कोटा ने बताया कि राज्य सरकार पड़ोसी देश में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित राज्य निवासियों का ब्योरा एकत्र करने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। कोटा ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति या बचाव सहायता के लिए लोग नई दिल्ली स्थित असम हाउस के हेल्पलाइन नंबरों 9101089151 (अनुरण मेधी) और 9537572606 (विक्रमजीत बरुआ) पर संपर्क कर सकते हैं।
  24. नेपाल त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में हाई अलर्ट जारी

    पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में भीषण बाढ़ से कम से कम 177 लोगों की जान जाने और हज़ारों के गायब होने के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने महाराजगंज और कुशीनगर में सतर्कता बढ़ा दी है तथा गंडक नदी सहित अन्य जलाशयों पर कड़ा पहरा लगा दिया है। नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता नदियों के जलस्तर की निगरानी करने, तटीय गांवों को समय पर सचेत करने और आपदा प्रतिक्रिया टीमों को हर स्थिति के लिए तैयार रखने पर है।
  25. यूपी के महाराजगंज में गंडक नदी से तीन शव बरामद

    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज ज़िले में बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को गंडक नदी से दो महिलाओं समेत तीन लोगों के शव निकाले गए, जो माना जा रहा है कि नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव में बहकर भारत आ गए थे। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने नदी और आसपास के क्षेत्रों की गश्त के दौरान तेज लहरों में बहते इन शवों को देखा। अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल ने मोटरबोट की सहायता से शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए ज़िला मुख्यालय के शवगृह भेज दिया।
  26. ब्रिटेन ने नेपाल को 50 लाख पाउंड की सहायता का ऐलान किया

    नेपाल में सैकड़ों मौतों और दर्जनों ब्रिटिश नागरिकों समेत एक हज़ार से अधिक लोगों के गायब होने के बाद ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को 50 लाख पाउंड की सहायता राशि देने की घोषणा की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एडी बर्नहैम ने स्थिति को अत्यंत दुखद बताते हुए वहां फंसे अपने नागरिकों से स्थानीय निर्देशों का पालन करने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित इलाकों में फंसे ब्रिटेनवासियों की सहायता के लिए राजनयिक स्टाफ तैनात कर दिया गया है। दक्षिण वेल्स के दौरे के दौरान श्री बर्नहैम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेपाल से सामने आ रही तस्वीरें बेहद दर्दनाक और चिंताजनक हैं।
  27. बेंगलुरु के आठ नागरिक नेपाल में फंसे, उपमुख्यमंत्री ने दिया मदद का आश्वासन

    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को जानकारी दी कि बेंगलुरु के आठ नागरिक नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। एक संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने कहा, "किसी की मौत की सूचना नहीं है। हमने हेल्पलाइन नंबर 1070 और 080-22253707 जारी कर दिए हैं। यदि किसी का कोई संबंधी संपर्क में नहीं है, तो तुरंत सूचना दें ताकि त्वरित कदम उठाए जा सकें।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काठमांडू में वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा जो जमीनी स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
  28. ममता बनर्जी ने नेपाल आपदा पर दुख जताया, लापता लोगों की सुरक्षा की कामना की

    पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर गहरा शोक व्यक्त किया और लापता लोगों के सकुशल मिलने की प्रार्थना की। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखे संदेश में सुश्री बनर्जी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की और आपदा राहत कार्यों में जुटी टीमों व नेपाल की जनता के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "मैं पीड़ितों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। घायलों के जल्द ठीक होने और राहत अभियानों के बीच सभी लापता लोगों के सुरक्षित लौटने की कामना करती हूं।"
  29. नेपाल में नदी अवरुद्ध होने से बनी झील, फटने के खतरे से चेतावनी जारी

    नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को चेतावनी दी कि बाढ़ वाले क्षेत्र में मलबे से बनी झील लगातार भर रही है और इसके फटने की प्रबल संभावना है, जिसके चलते तटवर्ती इलाकों से दूर रहने का आग्रह किया गया है। एजेंसी के अनुसार, बुधवार (26 अगस्त, 2026) को नदी का प्रवाह रुक जाने के कारण इस खतरनाक जल निकाय का निर्माण हुआ था।
  30. नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से मौतों की संख्या 359 पहुंची: पुलिस

    नेपाल पुलिस ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को अद्यतन जानकारी देते हुए बताया कि तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 359 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम 5 बजे तक 359 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी थी। दूसरी ओर, चीनी सरकारी मीडिया ने भूस्खलन में 3 मौतों की पुष्टि करते हुए व्यापक तबाही की बात कही, जिससे कुल आंकड़ा 362 के पार चला गया।
  31. नेपाल और चीन में बाढ़ का कहर, 30 से अधिक देशों के लोग लापता

    तिब्बत में ग्लेशियर फटने के कारण चीन और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मची है। बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) तक दोनों देशों के अधिकारियों ने 273 से अधिक मौतों और 1,300 से ज्यादा लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जिनमें कई विदेशी ट्रैकर व तीर्थयात्री शामिल हैं। चीन और नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद 30 से अधिक देशों के नागरिक गायब हैं और उनकी खोज जारी है।
  32. नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    विदेश मंत्रालय (MEA) ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को सूचित किया कि नेपाल के तीन ज़िलों में तबाही मचाने वाली बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर तमिलनाडु के निवासी इन सभी 21 बचाए गए भारतीय नागरिकों के नामों की सूची जारी की। तमिलनाडु सरकार के अनुसार राज्य के 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है जबकि 83 अन्य अभी भी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
  33. नेपाल के पूर्व मंत्री ने चीन के साथ सूचना साझा करने में देरी पर उठाए सवाल

    नेपाल के पूर्व वन एवं वातावरण मंत्री माधव प्रसाद चौलागाईं ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को कहा कि चीन और नेपाल के बीच शुरुआती जानकारी साझा न होना चिंताजनक है और त्रासदी का आकार इतना बड़ा है कि मौतों का आंकड़ा कल्पना से परे जा सकता है। पूर्व सरकार में भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय संभाल चुके श्री चौलागाईं ने याद दिलाया कि वर्ष 2025 में भी ऐसी ही एक छोटी घटना हुई थी, जिसके बाद समय पर अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह काफी गंभीर स्थिति है क्योंकि घटना तड़के हुई। दोनों देशों के बीच समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान न होना एक बड़ी चूक साबित हुआ है।"
  34. संकट की इस घड़ी में नेपाल को हरसंभव मदद देगा भारत: दिल्ली सीएम

    नेपाल में आई भीषण तबाही पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को कहा कि भारत इस कठिन समय में अपने पड़ोसी देश के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उसे हरसंभव सहायता मुहैया कराई जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा, "इस दर्दनाक हादसे के वक्त भारत पूरी तरह नेपाल के साथ है। हम नेपाल के नागरिकों की सुरक्षा और उनके जल्द से जल्द राहत मिलने की प्रार्थना करते हैं।"
  35. चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग ने तिब्बत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

    चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को नेपाल सीमा से लगे तिब्बत के गिरोंग कस्बे का दौरा किया, जहां विनाशकारी बाढ़ के बाद 360 लोग लापता हैं। सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चीनी प्रधानमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। यह दल आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के साथ-साथ चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्यों का मार्गदर्शन और निरीक्षण करेगा।
  36. नेपाल में आई बाढ़ से हुई मौतों पर पोप लियो ने जताया दुख: वेटिकन

    वेटिकन ने गुरुवार (27 अगस्त 2026) को जानकारी दी कि पोप लियो XIV नेपाल में आई भयावह बाढ़ की वजह से हुई तबाही और मौतों की खबर से काफी व्यथित हैं। वेटिकन के राज्य सचिव कार्डिनल पिएट्रो पारोलिन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि पोप ने आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और पीड़ित परिवारों के साथ अपनी आध्यात्मिक निकटता जताई है।
  37. काठमांडू से रसुवा के लिए 40 से अधिक निजी हेलीकॉप्टर उड़ानों ने राहत सामग्री पहुंचाई

    नेपाल के बाढ़ प्रभावित ज़िलों तक सहायता पहुंचाने के लिए काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बृहस्पतिवार (27 अगस्त, 2026) को 40 से अधिक चार्टर हेलीकॉप्टर उड़ानों ने उड़ान भरी। कांतिपुर समाचार पत्र के अनुसार, नेपाली सेना की 14वीं बटालियन ने हवाई अड्डे पर संग्रह केंद्र से निजी हेलीकॉप्टरों तक सामग्री पहुंचाने और उड़ानों के संचालन का समन्वय किया। हवाई अड्डा कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक 40 से अधिक उड़ानें पूरी हो चुकी थीं, जबकि 20 से अधिक हेलीकॉप्टर किसी भी आपात स्थिति के लिए स्टैंडबाय पर रखे गए थे।
  38. नेपाल बाढ़: मौतों की संख्या बढ़कर 270 हुई, पुलिस ने की पुष्टि

    नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण तबाही में जान गंवाने वालों का आंकड़ा कम से कम 270 तक पहुंच गया है। आपदा के एक दिन बाद गुरुवार को नेपाल पुलिस ने यह अद्यतन जानकारी साझा की। -AFP
  39. नेपाल में 299 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

    विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में इस वक्त 299 भारतीय नागरिक लापता हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम नेपाली प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।" MEA के अनुसार, तिब्बत में मौजूद करीब 200 भारतीयों ने भी सहायता का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने आगे कहा, "नेपाल के अनुरोध पर भारत राहत सामग्री भेज रहा है। इस मुश्किल समय में हम नेपाल के साथ पूरी मजबूती से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।"
  40. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हाई अलर्ट; नदियों की निगरानी तेज, बचाव दल मुस्तैद

    पड़ोसी देश में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिला प्रशासनों ने हाई अलर्ट घोषित किया है। नेपाल से बहकर आने वाली गंडक और अन्य नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल में इस आपदा की वजह से 177 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और भारतीय पर्यटकों समेत हजारों लापता हैं। नेपाल से सटी सीमा वाले उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान नदियों की लगातार निगरानी करने, जोखिम वाले गांवों को सूचित करने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राहत टीमों को तैयार रखने पर है। -PTI
  41. नेपाल बाढ़: MEA ने स्थापित किया 24x7 विशेष कंट्रोल रूम, जारी किए हेल्पलाइन नंबर

    नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम से संपर्क करने के माध्यम: टेलीफोन नंबर: +91 11 2308 8718, +91 11 2308 8719 व्हाट्सएप कॉल/संदेश: +91 9968291988 ईमेल: [email protected] काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबर (व्हाट्सएप उपलब्ध): - +977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117 नेपाल अधिकारियों के हेल्पलाइन संपर्क नंबर: टूरिस्ट पुलिस: +977 9851289445 नेपाल सेना: +977 9851072914 (ईमेल: [email protected]) NDRRMA: +977 9851320269 / +977 9849281097 / @NDRRMA_Nepal रसुवा पुलिस: +977 9851254960 सहायक प्रमुख जिला अधिकारी, रसुवा: +977 9851164422 नुवाकोट पुलिस: +977 9851282380 सहायक प्रमुख जिला अधिकारी, नुवाकोट: +977 9851248777 धाडिंग पुलिस: +977 9851229860 प्रमुख जिला अधिकारी, धाडिंग: +977 9851247777 चितवन पुलिस: +977 9855013999 सहायक प्रमुख जिला अधिकारी, चितवन: +977 9855088891
  42. कीचड़ का सैलाब: नेपाल में तबाही मचाने वाली ग्लेशियर बाढ़ के क्या थे वैज्ञानिक कारण?

    पानी, बर्फ, कीचड़ और मलबे की विशाल लहर ने नेपाल की भोटेकोशी नदी घाटी में 170 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तबाही मचाई, जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और सैकड़ों अन्य लापता हैं। यह घाटी काठमांडू को तिब्बत के ल्हासा से जोड़ती है। कम से कम 34 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा से पहले चेतावनी का बहुत कम समय मिला। बाढ़ के भयावह दृश्य परेशान करने वाले हैं, हालांकि विशेषज्ञों के लिए यह पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं है। ग्लेशियर विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर में बर्फ पिघलने की रफ्तार बढ़ रही है, जिससे ऐसी आपदाएं सामने आ रही हैं। शुरुआती विश्लेषण संकेत देते हैं कि ग्लेशियर के अचानक टूटने से यह हादसा हुआ। ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालय जैसे ऊंचे क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इन ऊंचे पर्वतों की ढलानें 'परमाफ्रॉस्ट' यानी जमी हुई मिट्टी और चट्टानों से बनी हैं। तापमान बढ़ने से ये ढलानें ढीली पड़ जाती हैं और किसी भी भूस्खलन या झटके से भारी तबाही मचाने वाला बहाव शुरू हो सकता है। हालांकि सटीक वजह बताने के लिए और अध्ययन जरूरी है, लेकिन यह साफ है कि आर्क्टिक और अंटार्कटिका के बाद सबसे ज्यादा बर्फ रखने वाला हिमालय क्षेत्र अब खतरे में है।
  43. खरगे ने केंद्र सरकार से नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की मांग की

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को केंद्र सरकार से नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने इस संकट के समय में राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। हादसे में हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि वह इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। खरगे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नेपाल में एक बहुत बड़ी त्रासदी हुई है, जिसमें कई भारतीयों की जान चली गई है। वहां गए सैकड़ों तीर्थयात्री और पर्यटक अपनी जान गंवा चुके हैं। इस घटना ने हम सभी को दुखी किया है और इस कठिन समय में हमें एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने लापता और फंसे हुए लोगों को तुरंत तलाशने, जीवित बचे लोगों को सुरक्षित वापस लाने और मृतकों के पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचाने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ में बहे या फंसे हुए लोगों को ढूंढने के हरसंभव प्रयास होने चाहिए। जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता सहित सभी आवश्यक मदद प्रदान की जानी चाहिए।
  44. एस जयशंकर ने समीक्षा बैठक की, राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा की

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति और सुरक्षा का पता लगाने के लिए भारत की ओर से तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं। जयशंकर ने यह बात एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कही, जिसमें काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूतों ने भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने विदेश सचिव, MEA की टीम और काठमांडू तथा बीजिंग स्थित अपने राजदूतों के साथ नेपाल बाढ़ आपदा पर एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में मौजूद सभी भारतीयों के सकुशल होने की पुष्टि करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका मंत्रालय विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और नेपाली प्रशासन के साथ भी राहत कार्यों में तालमेल बैठाया जा रहा है।
  45. नेपाल बाढ़: USGS के अनुसार हिमनद टूटने से आई तबाही

    USGS के अनुसार नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ किसी भूकंप की वजह से नहीं, बल्कि एक हिमनद के ढहने के कारण आई थी, जिससे आपदा के वास्तविक कारण का पता चला है।
  46. नेपाल में आकस्मिक बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

    नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दर्शाने वाला एक मानचित्र।
  47. नेपाल बाढ़ के बाद लगभग 100 चीनी नागरिक लापता: बीजिंग

    बीजिंग के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सीमावर्ती इलाके में आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल में लगभग 100 चीनी नागरिक लापता हैं, जबकि कुल मिलाकर कम से कम 1,300 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने संवाददाताओं को बताया कि नेपाल की ओर आपदा प्रभावित इलाके में लापता चीनी नागरिकों की संख्या 100 के करीब है। उन्होंने आगे कहा कि चीनी दूतावास इस संबंध में नेपाली अधिकारियों से और अधिक पुष्टि हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
  48. मेघालय सरकार ने लापता लोगों की जानकारी मांगी, हेल्पलाइन नंबर जारी किया

    नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद मेघालय के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गुरुवार को लोगों से ऐसे व्यक्तियों की जानकारी देने की अपील की है जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके लिए परिजनों और अन्य लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू किया गया है। नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ ने गांवों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने कहा कि वह मेघालय के किसी भी ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटा रहा है जो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हो सकता है या जिसका आपदा के बाद कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों, ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों और आम जनता से आग्रह किया गया है कि यदि उनके पास ऐसे लोगों के बारे में कोई जानकारी हो तो वे अधिकारियों से संपर्क करें। इस कार्य के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 6009924512 जारी किया गया है। SDMA ने बताया कि लोग आपात स्थिति के लिए 112/1070 और सीएम कनेक्ट के लिए 1971 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
  49. मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यटकों की सहायता के लिए दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया

    एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे राज्य के पर्यटकों की मदद के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। नेपाल में फंसे लोग या उनके परिजन सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26772005, व्हाट्सएप नंबर 9818963273 और ईमेल [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल के तीन जिलों में बुधवार को आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 177 लोगों की जान चली गई। हाल के वर्षों की इस सबसे भीषण आपदा में 300 भारतीय पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं।
  50. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने राहत कार्यों के समन्वय के लिए काठमांडू भेजी विशेष टीम

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर आशीष कुमार और एक विशेष टीम को काठमांडू जाने का निर्देश दिया। यह दल नेपाली अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर राहत व बचाव कार्यों की निगरानी करेगा और राज्य के निवासियों की सुरक्षित तमिलनाडु वापसी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विजय ने चार मंत्रियों — लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन, स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन, कृषि मंत्री आर. विनोद और गैर-आवासी तमिल कल्याण मंत्री के. थेन्नरासु — को केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर राहत प्रयासों की निगरानी के लिए नई दिल्ली जाने के निर्देश दिए हैं।
  51. बिहार और यूपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में अब तक बाढ़ का असर नहीं: NDRF

    नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी विपरीत असर की खबर नहीं है। NDRF के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि एजेंसियां कुशीनगर और पश्चिम चंपारण जैसे संवेदनशील जिलों में जल स्तर पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। देश के भीतर तैयारियों पर बात करते हुए IG बुंदेला ने कहा कि राज्य सरकारें और CWC (केंद्रीय जल आयोग) निरंतर सतर्कता बरत रहे हैं और क्षेत्र-स्तरीय संवेदीकरण का काम पूरा हो चुका है। नेपाल को दी जा रही सहायता का जिक्र करते हुए NDRF अधिकारी ने बताया कि IAF के दो विमानों के जरिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी जा चुकी है, जबकि मांग होने पर तुरंत तैनाती के लिए गाजियाबाद में चार विशेष बचाव दल रिजर्व में रखे गए हैं।
  52. नेपाल में आई बाढ़ को लेकर तमिलनाडु के सीएम विजय ने बुलाई आपात बैठक

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने नेपाल में आई जलप्रलय और वहां फंसे राज्य के पर्यटकों की स्थिति पर चर्चा के लिए चेन्नई सचिवालय में मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की।
  53. नेपाल बाढ़: मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 177 पहुंचा, कई लापता

    नेपाल में आई भीषण बाढ़ में गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को 12 और शव बरामद होने के बाद मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 177 हो गई है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि बाढ़ में लापता हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में करीब 826 लोग अब भी लापता हैं।
  54. नेपाल में बाढ़ के बाद 178 भारतीय नागरिक अब भी लापता

    नेपाल पर्यटन बोर्ड ने गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को देश में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता लोगों की संशोधित सूची जारी की। लापता लोगों में भारत के 178, अमेरिका के 65, यूक्रेन के 53, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 35, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा सिंगापुर के नौ, जर्मनी के आठ और रूस के आठ नागरिक भी लापता हैं। इससे पहले विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा था कि बाढ़ के बाद से लापता हजारों लोगों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।
  55. नेपाल बाढ़ में महाराष्ट्र के करीब 80 पर्यटक फंसे, आंकड़े शुरुआती: सरकार

    नेपाल में आई आपदा में महाराष्ट्र के लगभग 80 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि जानकारी जुटाए जाने के कारण इस संख्या में बदलाव संभव है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 57 लोग एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए गए थे, जबकि बाकी लोग खुद यात्रा कर रहे थे। फिलहाल राज्य के चार नागरिकों के पूरी तरह सुरक्षित होने की जानकारी मिली है।
  56. नेपाल बाढ़ में बेंगलुरु के 5 लोग लापता: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री

    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने गुरुवार को जानकारी दी कि नेपाल में आई तबाही के बाद बेंगलुरु के पांच निवासी लापता हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लापता लोगों का पता लगाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हालात पर नजर रखने और सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को काठमांडू भेजा जाएगा।
  57. नेपाल बाढ़ के एक दिन बाद बिहार में उफान पर आई गंडक नदी का जलस्तर घटा: अधिकारी

    अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद बिहार की गंडक नदी में आया उफान अब घटने लगा है, जिससे उत्तरी बिहार के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिली है। पड़ोसी देश की सीमा से लगे पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से पानी का बहाव भी नदी का जलस्तर कम होने के साथ घटने लगा है। नेपाल से आए पानी के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर बिहार को बुधवार को हाई अलर्ट पर रखा गया था, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए अधिकारियों ने बैराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया था। वाल्मीकिनगर बैराज से पानी का डिस्चार्ज बुधवार रात 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था, जो गुरुवार सुबह घटकर 1.04 लाख क्यूसेक रह गया।
  58. तमिलनाडु सरकार बचाव कार्यों पर नजर रख रही है: मंत्री राजमोहन

    मंत्री राजमोहन ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि तमिलनाडु सरकार बचाव अभियानों और राज्य के लोगों की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि 20 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। श्री राजमोहन ने आगे बताया कि 57 तीर्थयात्रियों के अलावा चेन्नई की एक टूर एजेंसी 49 अन्य श्रद्धालुओं को यात्रा पर ले गई थी।
  59. भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल को राहत सामग्री की दूसरी किश्त भेजी

    भारत ने गुरुवार को सैन्य परिवहन विमान के जरिए बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए राहत सामग्री की दूसरी किश्त रवाना की। इससे पहले नई दिल्ली ने बुधवार को पड़ोसी देश में 10 टन HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री भेजी थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि 37.5 टन HADR सामग्री, दवाओं और भोजन के पैकेट के साथ दूसरी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और वहां जारी राहत प्रयासों में मजबूती से सहयोग प्रदान करता रहेगा।
  60. कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत में फंसे नागरिकों की जानकारी मांगी

    कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद वहां फंसे राज्य के निवासियों के बारे में जानकारी मांगी है। राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सचिवालय ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि वह फंसे हुए लोगों का विवरण जुटा रहा है ताकि राहत, बचाव और निकासी कार्यों को बेहतर तरीके से समन्वित किया जा सके। सरकार ने फंसे हुए लोगों, उनके रिश्तेदारों और टूर ऑपरेटरों से गूगल फॉर्म के माध्यम से जरूरी जानकारी देने का अनुरोध किया है। यह डेटा राज्य सरकार को विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम करने में मदद करेगा।
  61. नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 165 हुई, सैकड़ों लोग अभी भी लापता

    नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 165 हो गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि हाल के वर्षों की इस सबसे भयानक आपदा में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत कई लोग अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि बुधवार को भोटेकोशी नदी में आए उफान से तीन जिलों में तबाही मचने के बाद नवलपरासी पश्चिम से तीन और शव बरामद किए गए, जिससे मौतों की संख्या 165 तक पहुंच गई। आपदा में रसुवा में दो, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 64, गोरखा में 20, तनहुं में नौ, नवलपरासी पूर्व में 26 और नवलपरासी पश्चिम में पांच लोगों की मौत दर्ज की गई, जिससे कुल संख्या 165 हो गई है।
  62. नेपाल में आई बाढ़ के बाद 800 से अधिक लोग लापता: आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

    नेपाल अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि देश में 165 लोगों की जान लेने वाली भीषण बाढ़ के बाद लगभग 580 पर्यटकों समेत 800 से ज्यादा लोग लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने एक बयान में कहा कि बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में 85 सशस्त्र बल के जवान, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं व सीमा शुल्क कार्यालयों के 162 कर्मचारी और 579 पर्यटक शामिल हैं।
  63. दलाई लामा ने तिब्बत और नेपाल बाढ़ के शिकार हुए लोगों के लिए की प्रार्थना

    बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने गुरुवार को कहा कि वह नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ में मारे गए सभी लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि वह अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और इस त्रासदी से प्रभावित लोगों व पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
  64. नेपाल की बाढ़ में केरल के लगभग 30 पर्यटक फंसे; संख्या बढ़ने की आशंका

    नेपाल में 160 से अधिक लोगों की जान लेने वाली और सैकड़ों को लापता करने वाली विनाशकारी बाढ़ के अगले दिन, केरल सरकार ने बताया कि उसे प्रभावित लोगों के परिजनों से लगभग 17 संकटकालीन फोन कॉल मिले हैं। शुरुआती जानकारी के आधार पर केरल के लगभग 25 से 30 पर्यटकों के बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे होने का अनुमान है। इसके अलावा कुछ अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार केरल के 36 पर्यटकों का एक और समूह, जिसमें कान्हनगड के एक पूर्व पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, प्रभावित इलाके में अटका हुआ है। नोर्का-रूट्स (NoRKA-Roots) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश माधवन ने कहा कि छुट्टियों के मौसम में नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए फंसे हुए लोगों का आंकड़ा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि विभिन्न हेल्प डेस्क और मुख्यमंत्री कार्यालय में आई कॉल के आधार पर लगभग 30 लोगों के फंसे होने का अनुमान लगाया गया था। इस डेटा को एकत्र करके दिल्ली में तैनात NRK विकास अधिकारी को सौंप दिया गया है, जिन्हें राहत व सहायता कार्यों के समन्वय का जिम्मा सौंपा गया है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे केरल के 30 पर्यटकों को बचाने के प्रयास जारी हैं, और नोर्का (NoRKA) के माध्यम से मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
  65. नेपाल में बाढ़ के मद्देनजर बिहार के मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

    नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को हवाई सर्वेक्षण किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में श्री चौधरी ने बताया कि उन्होंने बिहार के सीमावर्ती इलाकों बघा, वाल्मीकि नगर, बेटिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आगे कहा कि संभावित असर, जरूरी एहतियाती कदमों, सुरक्षा और राहत-बचाव अभियानों से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई है। संबंधित अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। श्री चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  66. नेपाल बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय लापता: विदेश मंत्री शिशिर खनाल

    नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने गुरुवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा के इलाकों में आई बाढ़ के बाद लापता हजारों लोगों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल के विदेश मंत्री खनाल ने गुरुवार को दोहराया कि बाढ़ में लापता बताए गए हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
  67. यूएसजीएस ने किया स्पष्ट: नेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं, बल्कि ग्लेशियर टूटने से आई

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने जानकारी दी है कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ 4.4 तीव्रता के भूकंप के कारण नहीं, बल्कि ग्लेशियर टूटने की वजह से आई थी। संस्था ने बताया कि लंबी अवधि की भूकंपीय तरंगों के विस्तृत विश्लेषण से पता चला कि यह कंपन्न मलबे के बहाव और ग्लेशियर ढहने से उत्पन्न हुआ था। बुधवार को तिब्बत से शुरू हुई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा और धाडिंग जिलों में भारी तबाही मचाई। इस त्रासदी में 162 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 लोग लापता हैं। USGS ने अपने ताजा अपडेट में कहा कि शुरुआत में इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप माना गया था, लेकिन उपग्रह तस्वीरों और भूकंपीय स्टेशनों के डेटा के गहन अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि यह ग्लेशियर टूटने और मलबे के बहाव की घटना थी, न कि कोई भूकंप। वैज्ञानिक एजेंसी ने इस घटना की भूकंपीय तीव्रता को भी पूर्व के 4.4 से बढ़ाकर 5.2 कर दिया है। USGS के अनुसार, ग्लेशियर ढहने और मलबे के तेज बहाव के कारण ही निचले इलाकों में भारी तबाही देखने को मिली।
  68. विनाशकारी बाढ़ के बाद 823 लोगों से संपर्क टूटा, नेपाल आपदा एजेंसी ने दी जानकारी

    तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में विनाशकारी बाढ़ आने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी 823 लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया है, नेपाल की आपदा एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एजेंसी के अपडेट के मुताबिक, लापता 823 लोगों में कम से कम 579 पर्यटक शामिल हैं, जिनमें नेपाली नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों मौजूद हैं। नेपाल और चीन दोनों देशों को मिलाकर अब तक कम से कम 165 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चीन में 558 अन्य लोगों के लापता होने की खबर है।
  69. नेपाल आपदा के बाद कोलकाता के 32 सदस्यों समेत पश्चिम बंगाल के कई लोग लापता

    एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया कोलकाता का 32 सदस्यीय दल नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद से लापता लोगों में शामिल है। इस दल में 30 पर्यटक और दो टूर प्रबंधक शामिल हैं, जिन्होंने 21 अगस्त को कोलकाता से प्रस्थान किया था और वे अगले दिन नेपाल पहुंचे थे। नेपाल में फंसे परिजनों के संबंध में जानकारी जुटाने वाले परिवारों की सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने भवानी भवन स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन केंद्र शुरू किए हैं। राज्य प्रशासन के मुताबिक, मदद चाहने वाले परिजन (033) 24793311 या 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं।
  70. फंसे नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए कर्नाटक ने बनाई हेल्पलाइन डेस्क

    नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ और उससे उत्पन्न व्यवधानों को देखते हुए कर्नाटक के राजस्व विभाग ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में एक हेल्पलाइन डेस्क का गठन किया है, ताकि नेपाल में फंसे कर्नाटक के निवासियों की जानकारी जुटाकर उनकी सहायता की जा सके। फंसे हुए लोग या उनके रिश्तेदार सहायता के लिए 1070 / 080-22253707 पर कॉल कर सकते हैं अथवा [email protected] पर ई-मेल भेज सकते हैं।
  71. नेपाल में बाढ़ के बाद 393 विदेशियों सहित 468 पर्यटक संपर्क से बाहर: आधिकारिक बयान

    तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार (27 अगस्त) को नेपाल ने बताया कि 393 विदेशी नागरिकों समेत कुल 468 पर्यटक और यात्री अनपेक्षित रूप से संपर्क से बाहर हैं। पर्यटन विभाग के प्रवक्ता सूरज घिमिरे ने AFP को बताया कि लगभग 468 यात्रियों से संपर्क टूट चुका है, जिनमें 75 नेपाली नागरिक शामिल हैं। नेपाल और चीन दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कम से कम 165 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चीन में 558 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं।
  72. तमिलनाडु सरकार ने नेपाल में फंसे तीर्थयात्रियों के लिए 24 घंटे क्रियाशील हेल्पलाइन नंबर जारी किए

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के कम से कम 57 तीर्थयात्री नेपाल में फंसे भारतीयों में शामिल हैं। राज्य सरकार ने परिजनों को अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के लिए चौबीसों घंटे चालू रहने वाले टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर घोषित किए हैं। गैर-आवासीय तमिल कल्याण विभाग की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत से फोन करने वाले रिश्तेदार 1800 309 3793 पर संपर्क कर सकते हैं। विदेश से कॉल करने वाले +91 80690 09900 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं या +91 80690 09901 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के नियंत्रण कक्ष से संपर्क के लिए 92895 16712 पर फोन किया जा सकता है। राज्य प्रशासन फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकालने के प्रयासों में लगा हुआ है।
  73. नेपाल में लापता 34 नागरिकों के बारे में बेहद सीमित जानकारी उपलब्ध: ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री

    ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त) को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता हुए उनके कम से कम 34 नागरिकों के बारे में फिलहाल "बेहद सीमित" जानकारी ही उपलब्ध है।
  74. नेपाल में फंसे केरलवासियों को आपात सहायता देने के लिए नोर्का-रूट्स ने बनाया हेल्प डेस्क

    केरल सरकार ने नेपाल में फंसे राज्य के निवासियों को आपातकालीन सहायता, सेवाएं और जानकारी प्रदान करने के लिए गैर-आवासीय केरलवासी मामला विभाग के तहत नोर्का-रूट्स (NoRKA-Roots) संस्था के माध्यम से एक हेल्प डेस्क गठित किया है। सहायता की तलाश कर रहे लोग नोर्का ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800 425 3939 या विदेश से मिस्ड कॉल के लिए +91 88020 12345 पर संपर्क कर सकते हैं। नोर्का-रूट्स के बयान के मुताबिक, दिल्ली में तैनात NRK विकास अधिकारी को भी राहत व समन्वय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
  75. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने जारी किए अपडेटेड आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर

    काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार को अद्यतन हेल्पलाइन नंबर साझा किए: दूतावास से संपर्क करने के लिए नए आपातकालीन नंबर हैं: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 (इन आपातकालीन नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है)।
  76. नेपाल बाढ़ तबाही के बाद सिक्किम के जनजातीय समूहों ने पीएम मोदी से जलविद्युत परियोजनाएं रोकने की मांग की

    सिक्किम के दो जातीय समुदायों की एक संस्था ने केंद्र सरकार से नेपाल आपदा से सबक लेते हुए हिमालयी राज्य सिक्किम में सभी नई और प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने का आग्रह किया है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, तिब्बत में आए भूकंप के कारण हिमस्खलन और चट्टानें गिरने से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी गलियारे में कम से कम 13 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। सिक्किम के समूह ने इस बाढ़ को पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए एक चेतावनी बताया है।
  77. नेपाल में तबाही के बाद बचे लोगों की तलाश तेज; सैकड़ों लोग अब भी लापता

    नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र की हिमालयी सीमा पर चट्टान और मिट्टी के बड़े हिस्से के नदी में गिरने के बाद बृहस्पतिवार (27 अगस्त) को बचावकर्मियों ने लापता सैकड़ों लोगों की तलाश जारी रखी। इस घटना के बाद आई विनाशकारी बाढ़ में पर्वतीय कस्बे बह गए और कई लोगों की मौत हो गई। नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि ट्रेकिंग और तीर्थयात्रा के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में लापता 400 से अधिक पर्यटकों में लगभग 340 विदेशी शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने बुधवार देर रात तक 157 शव बरामद किए जाने की पुष्टि की। सत्यापित वीडियो में सीमा पार भयंकर पानी और मलबे के तेज बहाव में दर्जनों लोगों को बहते देखा गया, जिससे दोनों देशों के अधिकारियों ने हताहतों की संख्या और नुकसान बढ़ने की आशंका जताई है। नेपाल में मकान, सड़कें और पनबिजली परियोजनाएं बह गई हैं, जबकि तिब्बत के गिरोंग काउंटी में सीमा चेकपोस्ट पर भूस्खलन के बाद भारी नुकसान और मौतों की आशंका व्यक्त की गई है।
  78. पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से की बात, बाढ़ के बाद हरसंभव मदद का दिया भरोसा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (26 अगस्त 2026) को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और भीषण बाढ़ से निपट रहे पड़ोसी देश को "हरसंभव मानवीय सहायता" देने की पेशकश की। यह बाढ़ नेपाल-चीन सीमा से शुरू होकर भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों, रसुवा और चितवन समेत कई शहरों और पर्यटन स्थलों में तबाही मचा चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के पीएम शाह के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और मध्य नेपाल में आई इस तबाही के बाद राहत व पुनर्वास कार्यों में भारत की ओर से पूरी मदद का आश्वासन दिया।
  79. ग्लेशियर टूटने से पैदा हुई भूकम्पीय हलचल और आई तबाही: यूएसजीएस का दावा

    यू.एस. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त) को कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण भूकम्पीय हलचल दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप नेपाल और तिब्बत में भयंकर बाढ़ आई। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जिसे शुरुआत में भूकंप माना जा रहा था, "वह वास्तव में एक ग्लेशियर टूटने और मलबे का बहाव था", जिसने "निचले क्षेत्रों में भयानक तबाही मचाई"। बुधवार तड़के हुई इस घटना के शुरुआती घंटों में कारण स्पष्ट नहीं थे; नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा था कि संभवतः भूकंप से भूस्खलन हुआ, जिसने नदी का रास्ता रोक दिया और बाद में पानी का सैलाब बह निकला। अन्य सिद्धांतों में ग्लेशियर झील के टूटने या बर्फ के भूस्खलन की संभावना जताई जा रही थी। USGS के अनुसार, "26 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे नेपाल और चीन की सीमा के पास 5.2 तीव्रता की भूकम्पीय घटना दर्ज की गई थी।"
  80. नेपाल बाढ़: 157 शव बरामद, 133 भारतीयों सहित सैकड़ों लोग अब भी लापता

    अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले के गांवों में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ आने से कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीयों समेत 400 से अधिक लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। रात 11:05 बजे (नेपाली समयानुसार) जारी अपडेट में नेपाल पुलिस ने बताया कि कुल 157 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के अनुसार, इस आपदा के बाद 391 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक संपर्क से बाहर हैं।

सवाल-जवाब

नेपाल में आई बाढ़ की मुख्य वजह क्या थी?
यूएसजीएस (USGS) के अनुसार यह बाढ़ किसी भूकंप से नहीं, बल्कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर एक विशाल ग्लेशियर के ढहने और मलबे के भोटेकोशी नदी में बहाव के कारण आई थी।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कितने लोगों की जान जा चुकी है?
नेपाल में कम से कम 389 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 3 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 392 हो चुका है।
कितने भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं?
लगभग 300 भारतीय पर्यटक और तीर्थयात्री बाढ़ के बाद से लापता या संपर्क से बाहर हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव अभियान जारी है।
नेपाल में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए विदेश मंत्रालय का कंट्रोल रूम नंबर क्या है?
विदेश मंत्रालय के विशेष 24x7 कंट्रोल रूम से टेलीफोन नंबर +91 11 2308 8718 / 8719 और व्हाट्सएप नंबर +91 9968291988 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या भारत-नेपाल बस सेवा चल रही है?
सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने 28 और 29 अगस्त के लिए भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
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