पश्चिम एशिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ती दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ सीरिया के विदेश मंत्री ने बेरूत पहुंचकर लेबनान को भरोसे में लेने की कोशिश की है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्यों बढ़ रहा तनाव
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि तेल टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरते वक्त अपने निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। ईरान ने कहा है कि अगर टैंकर तय रास्तों से हटे तो उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब इस अहम जलमार्ग के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमानों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है।
तेहरान ने अमेरिकी विमानों को बताया खतरा
तेहरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों की इस मौजूदगी को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा करार दिया है। ईरान की यह टिप्पणी बताती है कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सैन्य गतिविधि को अपनी सुरक्षा के लिए चुनौती के तौर पर देख रहा है, जिससे इलाके में तनाव और गहरा गया है।
सीरिया के विदेश मंत्री का बेरूत दौरा
इसी बीच सीरिया के विदेश मंत्री बेरूत पहुंचे। उन्होंने वहां लेबनानी नेतृत्व से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि दमिश्क की लेबनान में किसी तरह के सैन्य दखल की कोई मंशा नहीं है। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पूरे इलाके में तनाव की खबरें आ रही हैं और पड़ोसी मुल्क एक दूसरे की मंशा को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
इलाके के लिए क्या मायने रखता है
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और अहम जलमार्गों में गिना जाता है, जहां से भारी मात्रा में तेल की आवाजाही होती है। ऐसे में ईरान की चेतावनी और अमेरिकी लड़ाकू विमानों की मौजूदगी को लेकर बढ़ता टकराव पूरे इलाके की स्थिरता पर सीधा असर डाल सकता है। वहीं सीरिया का बेरूत को दिया भरोसा इस कोशिश की तरफ इशारा करता है कि क्षेत्रीय ताकतें फिलहाल किसी नए मोर्चे से बचना चाहती हैं।



















