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लाइव: वेस्ट एशिया तनाव: ईरान से आते ड्रोन को यूएई ने हवा में ही किया बेअसर, तेहरान का पलटवार जारी — 31 अगस्त 2026लाइव
31 अग॰ 2026, 12:33 pm (49 मिनट पहले)· 2

लाइव: वेस्ट एशिया तनाव: ईरान से आते ड्रोन को यूएई ने हवा में ही किया बेअसर, तेहरान का पलटवार जारी — 31 अगस्त 2026

पश्चिम एशिया में उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया, जिसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन और यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। इस नए घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं।

पश्चिम एशिया में उस समय तनाव चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया, जिसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन और यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। इस नए घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं।

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लाइव अपडेट

  1. यूएई ने अपने समुद्री क्षेत्र के ऊपर ईरान से आ रहे ड्रोन को किया बेअसर

    संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार (31 अगस्त) को जानकारी दी कि उसने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के ऊपर ईरान की तरफ से आ रहे एक ड्रोन को हवा में ही निशाना बनाया। यह कार्रवाई तेहरान द्वारा खाड़ी देश में स्थित अमेरिकी ठिकाने पर हमले के दावे के बाद हुई है। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में बताया कि यूएई वायु सेना ने देश के समुद्री सीमा में प्रवेश कर रहे एक मानवरहित विमान (UAV) का पता लगाकर तुरंत प्रभावी जवाबी कार्रवाई की।
  2. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अफ्रीका को होने वाले एशियाई डीजल निर्यात में भारी उछाल

    जहाजों की आवाजाही के आंकड़ों और व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, अगस्त में अफ्रीका को एशियाई डीजल का निर्यात कम से कम साढ़े चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। पश्चिम एशिया से आपूर्ति घटने के बाद अफ्रीकी खरीदार नए विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेरिका-ईरान जंग के कारण मध्य पूर्व से होने वाले निर्यात में बाधा आई है, वहीं यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में सऊदी अरब की नाकाबंदी और सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हमलों के चलते अफ्रीका को सऊदी आपूर्ति प्रभावित हुई है। वर्टेक्सा, केपलर और व्यापारिक सूत्रों के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत सहित एशियाई देश इस महीने अफ्रीका को 18 लाख से 20 लाख मीट्रिक टन (लगभग 1.34 करोड़ से 1.49 करोड़ बैरल) डीजल भेजेंगे।
  3. ईरान ने अमेरिका के ताजा हमलों की निंदा की; कहा- कार्रवाई 'आत्मरक्षा का जायज अधिकार'

    ईरान ने सोमवार (31 अगस्त) को लारक द्वीप पर अमेरिका की ओर से किए गए नए हमलों की कड़ी निंदा की और जॉर्डन में स्थित सैन्य ठिकानों पर अपनी कार्रवाई को न्यायसंगत आत्मरक्षा करार दिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि ईरान "लारक पर अमेरिकी सैन्य आक्रामकता की कड़े शब्दों में निंदा करता है"। मंत्रालय ने आगे कहा कि ईरानी बलों ने वैधानिक आत्मरक्षा के अपने निहित अधिकार के तहत ही यह प्रतिक्रिया दी है।
  4. एक महीने में पहली बार हुए अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन और यूएई में ठिकानों को बनाया निशाना

    ईरान ने अपने भूभाग पर महीने भर बाद हुए पहले अमेरिकी हमले के जवाब में पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त पलटवार किया, जिससे क्षेत्र में चल रही जंग और तेज हो गई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि उन्होंने रविवार को हुए हमले के बदले में अमेरिका के सहयोगी देश जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। जॉर्डन की सेना ने आठ मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की बात कही है, हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि मिसाइलें कहां से दागी गई थीं। इसके अलावा, तेहरान ने यूएई में एक एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा भी किया है।
  5. होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास बारूदी सुरंगों से टकराकर तेल टैंकर में लगी भीषण आग: ईरान

    ईरान के सरकारी मीडिया ने सोमवार (31 अगस्त 2026) को खबर दी कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास दो समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद एक तेल टैंकर में आग लग गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बयान में कहा, "होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दक्षिण में गैर-कानूनी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहा एक अनियंत्रित सुपरटैंकर दो नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद भीषण आग की लपटों में घिर गया और पूरी तरह रुक गया।"
  6. ईरान की सेना का दावा: यूएई के अल मिन्हाद एयर बेस पर ड्रोन से किया हमला

    ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सेना के बयान का हवाला देते हुए बताया कि ईरान की सेना ने सोमवार तड़के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल मिन्हाद एयर बेस पर ड्रोन हमले किए। सेना के मुताबिक, इस हमले में बेस के उन हिस्सों को निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सैनिक और हेलीकॉप्टर तैनात थे। ईरानी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई लारक द्वीप पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और आम नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई थी।
  7. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें; कहा- यहीं से हुआ था लारक पर हमला

    ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार (31 अगस्त 2026) को एक बयान में कहा कि उसकी सेनाओं ने लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। मंत्रालय ने कहा कि जॉर्डन के इन अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल लारक पर हमला करने और सहायता प्रदान करने के लिए किया गया था, जिसमें ईरानी सशस्त्र बलों के सदस्य और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए थे। बयान में चेतावनी दी गई कि ईरान भविष्य में किसी भी सैन्य दुस्साहस का करारा जवाब देगा और किसी भी तरह के तनाव की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका व उसकी मदद करने वाले पक्षों की होगी।
  8. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से इजराइल और अमेरिका के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई ने मुस्लिम राष्ट्रों के शासकों से आग्रह किया कि वे "अपने असली दुश्मन को पहचानें, उसकी योजनाओं को समझें और उसका मुकाबला करें।" उन्होंने अमेरिका और इजराइल को सभी इस्लामिक देशों का साझा शत्रु करार दिया। गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले में उनके पिता और अन्य शीर्ष नेताओं की मौत के छह महीने बीत जाने के बाद भी मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
  9. अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने दिए और कड़े प्रतिबंधों के संकेत, बैंकों पर रहेगा मुख्य ध्यान

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार (30 अगस्त 2026) को रॉयटर्स से बातचीत में संकेत दिया कि ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए हर हफ्ते नए द्वितीयक (सेकेंडरी) प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है, जिनमें मुख्य ध्यान बैंकों पर होगा। बेसेंट ने कहा, "हम बैंकों से शुरुआत कर रहे हैं और उन्हें स्पष्ट बता रहे हैं कि ईरानी धन रखना और वहां के शासन की मदद करना सही नहीं है।" ईरान से कथित वित्तीय संबंधों को लेकर शुक्रवार को मिस्र के बैंक मिस्र (Banque Misr) की यूएई शाखाओं पर प्रतिबंध लगाने के बाद, बेसेंट ने G20 वित्त मंत्रियों की बैठक से पहले कहा कि अगला कदम किसी संस्थान को डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह बाहर करना हो सकता है।
  10. महीने भर में पहली बार अमेरिका ने ईरान पर किए हमले, तेहरान ने किया तीखा पलटवार

    अमेरिका ने रविवार (30 अगस्त 2026) को बताया कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक छोटे द्वीप पर बने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमले किए। एक महीने में ईरान पर यह पहला अमेरिकी हमला था, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बताया कि अमेरिकी हमलों में नुकसान हुआ है, जिसके बाद उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सरकारी टीवी के मुताबिक, गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिका द्वारा संचालित किंग हुसैन और अल-अज़रक एयरबेस पर तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों के ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया, जिससे भारी तबाही हुई।
  11. जॉर्डन की सेना ने कहा: हवा में मार गिराईं आठ मिसाइलें

    जॉर्डन की सेना ने सोमवार (31 अगस्त 2026) को कहा कि उसने आठ मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। यह बयान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के दावे के तुरंत बाद आया। सेना के प्रवक्ता के हवाले से जारी बयान में कहा गया, "वायु रक्षा प्रणालियों ने सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।"
  12. ईरान के लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 1% से अधिक का उछाल

    होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी द्वीप पर अमेरिकी हमले और तेहरान के पलटवार के बाद सोमवार को कच्चे तेल के दामों में 1 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब छठे महीने में प्रवेश कर चुका है। 0040 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.08 डॉलर (1.23%) बढ़कर 89.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 92 सेंट (1.10%) चढ़कर 84.32 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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