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बिजली गिरने से होने वाली मौतें रोकने के लिए नर्मदापुरम में चला खास अभियान, शुभंकर 'इलेक्ट्रा' सिखाएगा बचाव के गुरमध्य प्रदेश
4 जुल॰ 2026, 1:31 am (45 दिन पहले)· 4

बिजली गिरने से होने वाली मौतें रोकने के लिए नर्मदापुरम में चला खास अभियान, शुभंकर 'इलेक्ट्रा' सिखाएगा बचाव के गुर

नर्मदापुरम जिले में मानसून से पहले आकाशीय बिजली से होने वाली मौतें रोकने के लिए 'प्रोजेक्ट दामिनी' शुरू किया गया है, जिसमें बाल-अनुकूल शुभंकर 'इलेक्ट्रा' के जरिए बच्चों और ग्रामीणों को बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे।

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में शुक्रवार को एक खास मुहिम की शुरुआत हुई, जिसका मकसद आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों को कम करना और गांव-गांव तक लोगों को इससे बचाव के तरीके सिखाना है। जिला प्रशासन, यूनिसेफ मध्यप्रदेश और आपदा प्रबंधन संस्थान यानी डीएमआई ने मिलकर इसे शुरू किया है और इसे नाम दिया गया है 'प्रोजेक्ट दामिनी'।

क्या है प्रोजेक्ट दामिनी की पूरी योजना

इस पहल का पूरा नाम रखा गया है 'प्रोजेक्ट दामिनी-नर्मदापुरम जिला लाइटनिंग सेफ्टी कम्युनिटी अवेयरनेस प्रोग्राम'। इसका मकसद साफ है, मानसून शुरू होने से पहले जिले के अंतिम व्यक्ति तक चेतावनी और जागरूकता पहुंचाना, जान बचाने वाली आदतों को बढ़ावा देना और समुदायों को आपदा के लिए पहले से तैयार करना। लॉन्च कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले कार्यकर्ता और स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस मौके पर सभी ने मिलकर यह संकल्प दोहराया कि आकाशीय बिजली जैसी जानलेवा मौसमी आपदा से लोगों को सुरक्षित रखा जाएगा।

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बच्चों के लिए तैयार किया गया शुभंकर 'इलेक्ट्रा'

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन ने एक बाल-अनुकूल शुभंकर का भी अनावरण किया, जिसका नाम रखा गया है 'इलेक्ट्रा'। यह शुभंकर खासतौर पर बच्चों और समुदायों को आकाशीय बिजली से बचने के आसान और जान बचाने वाले उपाय सिखाने के लिए तैयार किया गया है। यूनिसेफ मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख विलियम हैनलॉन ने इस मौके पर जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली से होने वाली ज्यादातर मौतों को रोका जा सकता है। उनके मुताबिक अगर समय पर चेतावनी मिले, समुदाय जागरूक हों और स्थानीय नेतृत्व आपस में तालमेल बनाकर काम करे, तो यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि हर चेतावनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार को सुरक्षित रहने के उपाय पता हों।

कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताई तैयारी की रणनीति

नर्मदापुरम के जिलाधिकारी सोमेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी आपदा के आने से पहले ही तैयारी शुरू हो जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि 'प्रोजेक्ट दामिनी' के जरिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल मजबूत किया जा रहा है। साथ ही 'लाइटनिंग मित्रों' को खास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि समय पर चेतावनी और जान बचाने वाली जानकारी जिले के हर गांव तक पहुंच सके।

ऐप और प्रशिक्षण को लेकर विशेषज्ञों की राय

यूनिसेफ मध्यप्रदेश के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने 'दामिनी लाइटनिंग अलर्ट ऐप' के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल और सामुदायिक जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी तकनीक तभी जान बचा सकती है, जब लोगों को उसके बारे में पता हो और चेतावनी मिलने पर वे सही समय पर सही कदम उठाएं। डीएमआई भोपाल के तकनीकी विशेषज्ञ अभिषेक मिश्रा ने बताया कि इस परियोजना के तहत 'दामिनी ऐप' का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, 'लाइटनिंग मित्रों' को प्रशिक्षित किया जाएगा, स्कूलों में जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां चलाई जाएंगी और गांव के स्तर पर तैयारियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचेगा यह अभियान

'प्रोजेक्ट दामिनी' के तहत किसानों, स्कूली बच्चों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और ग्रामीण समुदायों के बीच पारंपरिक और डिजिटल, दोनों तरह के माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि मानसून के मौसम में आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को कम से कम किया जा सके।

सवाल-जवाब

प्रोजेक्ट दामिनी कब और कहां शुरू किया गया?
इसे शुक्रवार को मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में शुरू किया गया।
प्रोजेक्ट दामिनी किसके सहयोग से चलाया जा रहा है?
जिला प्रशासन, यूनिसेफ मध्यप्रदेश और आपदा प्रबंधन संस्थान यानी डीएमआई के आपसी सहयोग से।
प्रोजेक्ट दामिनी का असली मकसद क्या है?
मानसून से पहले जिले के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाना, जान बचाने वाले व्यवहार को बढ़ावा देना और समुदायों की तैयारी मजबूत करना।
शुभंकर 'इलेक्ट्रा' कौन है?
यह जिला प्रशासन द्वारा अनावरण किया गया एक बाल-अनुकूल शुभंकर है, जो बच्चों को आकाशीय बिजली से बचाव के सरल उपाय सिखाएगा।
'लाइटनिंग मित्र' कौन होते हैं?
ये वे लोग हैं जिन्हें समय पर चेतावनी और जीवनरक्षक जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
'दामिनी लाइटनिंग अलर्ट ऐप' किस काम आता है?
यह ऐप आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी समय रहते लोगों तक पहुंचाता है, ताकि वे सुरक्षित उपाय अपना सकें।
लॉन्च कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ?
जिला प्रशासन के अधिकारी, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और स्कूली छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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