मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में एक विधवा महिला ने गाड़ासरई थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके सूने घर में लाखों रुपये की चोरी हुई थी, लेकिन पुलिस ने इस चोरी की घटना को एफआईआर में पारिवारिक और जमीन विवाद के रूप में दर्ज कर दिया। अब न्याय की मांग को लेकर पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुकी है।
1 जुलाई को घर से गायब हुए लाखों के जेवर
पीड़िता का नाम रीता आर्मो है। उन्होंने गाड़ासरई थाने में दिए अपने शिकायती पत्र में बताया कि 1 जुलाई 2026 को वह घर पर ताला लगाकर बाहर गई थीं। जब वह लौटीं तो घर का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। रीता के मुताबिक घर से सोने-चांदी के जेवर समेत अन्य कीमती सामान चोरी हो गया, जिसकी कीमत करीब 4 से 5 लाख रुपये आंकी गई है। शिकायत में उन्होंने कुछ परिचित लोगों पर शक जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया। रीता ने अपने आवेदन में पुलिस से चोरी गया सामान बरामद करने और दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग रखी है।
चोरी की शिकायत बनी जमीन और पारिवारिक विवाद
रीता का सबसे बड़ा आरोप यह है कि गाड़ासरई पुलिस ने उनकी लिखित शिकायत के मुताबिक चोरी का मामला दर्ज करने के बजाय एफआईआर में पूरी घटना को पारिवारिक और जमीन संबंधी विवाद का रंग दे दिया। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ उनकी असली शिकायत की प्रकृति बदल गई, बल्कि चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच भी अटक गई है। पीड़िता के अनुसार इस तरह एफआईआर की भाषा बदलने से आरोपियों को सीधा फायदा मिल रहा है और उनका मामला कमजोर पड़ रहा है।
एसपी दफ्तर से मिला सिर्फ आश्वासन
न्याय की उम्मीद में रीता पुलिस अधीक्षक कार्यालय डिंडौरी भी पहुंचीं, लेकिन उनके मुताबिक वहां से उन्हें केवल आश्वासन मिला और अब तक शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। मध्य प्रदेश पुलिस आमतौर पर नागरिकों को संपत्ति से जुड़े अपराधों सहित हर तरह के मामलों में शिकायत दर्ज कराने और उसकी जांच कराने की सुविधा देती है, लेकिन रीता का अनुभव इससे उलट रहा है। इस मामले में पुलिस की तरफ से पक्ष जानने की कोशिश की गई, मगर समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिल सका। इससे पहले जून महीने में मंदसौर जिले के सुवासरा इलाके में भी चोरों ने एक के बाद एक कई जगहों पर वारदातों को अंजाम दिया था और उनकी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
जिले में 271 गुम मोबाइल फोन बरामद
दूसरी तरफ डिंडौरी पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज गुम मोबाइल फोन की शिकायतों पर काम करते हुए कुल 271 मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने बताया कि जिले में गुम हुए मोबाइल फोन की बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं और ऐसी हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई एक तरफ पुलिस की सक्रियता दिखाती है, तो दूसरी तरफ रीता जैसी पीड़िताओं के सवाल यह भी उठाते हैं कि चोरी और संपत्ति से जुड़े गंभीर मामलों में भी उतनी ही तेजी से इंसाफ क्यों नहीं मिल पाता।





















