गोविंदा और सुनीता आहूजा का वैवाहिक विवाद सुलझा, बांद्रा फैमिली कोर्ट से तलाक की अर्जी वापसब्रिटिश एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी खराबी से मचा हड़कंप, 300 उड़ानें रद्द और यूरोप भर में सेवाएं प्रभावितAUD/USD में तेजी बरकरार, अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी और आरबीए की उम्मीदों से बहुवर्षीय शिखर के करीब पहुंचा भावAUD/JPY में कमजोरी, 111.00 के नीचे फिसला और 100-दिन के SMA से नीचे सीमितकच्चे तेल में तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव से भारतीय रुपये पर दबाव, 94.69 के स्तर पर फिसला USD/INRस्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी की धमकी से भड़का कच्चे तेल का बाजार, WTI क्रूड 92 डॉलर के पारहंगेरियन फ़ोरिंट में मजबूती और वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल, जानें प्रमुख मुद्राओं और कमोडिटी का रुखमणिपाल पेमेंट और रेंटोमोजo के IPO कल से खुलेंगे: जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, वित्तीय आंकड़े और GMP तुलनाभारतीय बैंकिंग क्षेत्र में 10 ट्रिलियन की नकदी उछाल से रुपये को मिली राहत, वैश्विक बाजारों में बड़े बदलावजर्मनी में राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद यूरोपियन करेंसी मजबूत, डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
इंदौर में ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत म्यूल अकाउंट गिरोह बेनकाब, छह गिरफ्तार और 200 ठगी के मामले उजागरमध्य प्रदेश
8 सित॰ 2026, 11:03 pm (58 मिनट पहले)· 2

इंदौर में ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत म्यूल अकाउंट गिरोह बेनकाब, छह गिरफ्तार और 200 ठगी के मामले उजागर

मध्यप्रदेश के इंदौर में एरोड्रम थाना पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट मुहैया कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करोड़ों रुपये के लेन-देन, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

मध्यप्रदेश के इंदौर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन मैट्रिक्स के अंतर्गत एरोड्रम थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी की वारदातों के लिए म्यूल अकाउंट यानी किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल छह आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है, जबकि इस मामले में एक अन्य संदिग्ध आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर फरार चल रहा है। शुरुआती जांच-पड़ताल से यह बात सामने आई है कि इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया था, जिनका इस्तेमाल सीधे तौर पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए हो रहा था। पुलिस की गहराई से की गई तकनीकी जांच में इन खातों से जुड़े देश भर के लगभग 200 साइबर फ्रॉड के मामलों का बड़ा खुलासा हुआ है।

अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये के भारी लेन-देन का खुलासा

इस पूरे मामले की शुरुआत एरोड्रम थाने में दर्ज हुई एक लाख 44 हजार रुपये की साइबर ठगी की एफआईआर से हुई थी। जब पुलिस ने इस धोखाधड़ी से जुड़े पैसों के ट्रेल की तकनीकी जांच की, तो वे खाते सूरज जायसवाल और अमन चौहान के नाम पर रजिस्टर्ड पाए गए। इन खातों की बैंक डिटेल और केवाईसी दस्तावेजों की गहन जांच करने पर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पुलिस के मुताबिक सूरज जायसवाल के बैंक खाते में करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये का भारी-भरकम ट्रांजेक्शन मिला, जबकि दूसरे आरोपी अमन चौहान के खाते में लगभग साढ़े 17 लाख रुपये का लेन-देन दर्ज पाया गया। इस अहम सुराग के हाथ लगने के बाद पुलिस ने सबसे पहले सूरज जायसवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसकी निशानदेही पर इस संगठित गिरोह की परतें उघड़ती चली गईं। इसके बाद पुलिस दल ने एमआईजी क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश देकर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

ये भी पढ़ें

किराए पर बैंक खाते लेकर अंजाम देते थे ठगी की वारदातें

पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस आपराधिक नेटवर्क का मुख्य सरगना हर्ष है, जो आर्थिक रूप से कमजोर या लालच में आने वाले अलग-अलग लोगों से महज चार से पांच हजार रुपये की मामूली रकम देकर उनके बैंक खाते किराए पर हासिल करता था। इन खातों के संचालन के लिए वह उनकी चेकबुक, एटीएम कार्ड और बैंक से जुड़ी सिम कार्ड का पूरा नियंत्रण अपने पास रख लेता था, जिसका इस्तेमाल बाद में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की अवैध रकम के आवागमन के लिए किया जाता था। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सूरज जायसवाल, हर्ष, संदीप उर्फ सौरभ, उमन उर्फ पवन, हरिओम और आयुष शामिल बताए गए हैं, जबकि अमन चौहान अभी भी फरार चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के कुल 34 एटीएम और डेबिट कार्ड, 12 बैंक पासबुक, 24 चेकबुक, एक वाई-फाई राउटर, आठ मोबाइल फोन, एक लाख आठ हजार रुपये नकद और हिसाब-किताब से भरी एक डायरी बरामद की है।

देश भर में फैला है जाल और बढ़ाई गई संगठित अपराध की धारा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन संदिग्ध बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 200 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली है। अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इन खातों में आने वाले करोड़ों रुपये किन-किन राज्यों और किन लोगों से ट्रांसफर किए गए थे और इस अवैध कमाई को आगे कहां ठिकाना लगाया गया। इसके अलावा इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे अन्य मुख्य मास्टरमाइंडों की तलाश भी तेज कर दी गई है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध से जुड़ी धारा 112 बीएनएस भी जोड़ दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि क्या इस खेल में बैंक कर्मचारियों की भी कोई मिलीभगत थी और बैंकिंग प्रणाली में इतने बड़े पैमाने पर हुए करोड़ों के ट्रांजेक्शन कैसे संभव हो पाए।

म्यूल अकाउंट तैयार करने वाला एक सुनियोजित संगठित गिरोह

पुलिस का यह भी कहना है कि यह केवल कुछ साधारण बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराने भर का नेटवर्क नहीं है, बल्कि यह सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट तैयार करने वाली एक सोची-समझी आपराधिक इकाई है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस वित्तीय जांच के जरिए साइबर धोखाधड़ी के इस विशाल जाल की अगली कड़ियों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

सवाल-जवाब

ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत किस थाने की पुलिस ने कार्रवाई की है?
मध्यप्रदेश के इंदौर में एरोड्रम थाना पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत यह कार्रवाई की है।
इस मामले में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड कौन बताया गया है?
पुलिस के अनुसार इस संगठित गिरोह का मास्टरमाइंड हर्ष है।
मुख्य आरोपी सूरज जायसवाल के खाते में कितने का ट्रांजेक्शन मिला?
सूरज जायसवाल के बैंक खाते में करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया है।
इन खातों से देश भर में कितने साइबर फ्रॉड के मामले जुड़े हैं?
जांच में इन संदिग्ध खातों से जुड़े देश भर में करीब 200 साइबर फ्रॉड के मामले सामने आए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या सामान बरामद किया है?
पुलिस ने 34 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, 24 चेकबुक, एक वाई-फाई राउटर, आठ मोबाइल फोन, 1 लाख 8 हजार रुपये नकद और एक डायरी जब्त की है।
मामले में पुलिस ने कौन सी गंभीर धारा बढ़ाई है?
पुलिस ने इस मामले में संगठित अपराध से जुड़ी धारा 112 बीएनएस बढ़ाई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·25 मिनट पहले

यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी में म्यूल खातों के बढ़ते खतरे और संगठित अपराधियों द्वारा गरीब या लालची व्यक्तियों के इस्तेमाल की गहरी समस्या को उजागर करता है। इंदौर पुलिस की यह तकनीकी कार्रवाई दिखाती है कि कैसे छोटे वित्तीय लेन-देन के ट्रेल से देश भर के सैकड़ों मामलों का पर्दाफाश किया जा सकता है। भविष्य में इस तरह के सिंडिकेट्स पर नकेल कसने के लिए बैंकिंग प्रणाली में केवाईसी नियमों को और अधिक कड़ा करने तथा संदिग्ध खातों पर रियल-टाइम निगरानी बढ़ाने की सख्त जरूरत है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 मिनट पहले

रोहन द्वारा उठाए गए बिंदु से आगे, यह स्पष्ट है कि महज छोटे प्यादों की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क की जड़ें नहीं कटेंगी। जांच एजेंसियों को अब उस वित्तीय तंत्र और उन डिजिटल माध्यमों की भी गहराई से पड़ताल करनी होगी, जिनके जरिए यह अवैध रकम देश की सीमाओं से बाहर या क्रिप्टो के रूप में डायवर्ट की गई है। जब तक सरगना हर्ष और फरार अमन से पूछताछ कर अंतिम लाभार्थियों तक हाथ नहीं डाला जाता, तब तक यह सिंडिकेट नए तरीकों से सक्रिय रहेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR