ब्रिटेन के राष्ट्रीय हवाई यातायात नियंत्रण नेटवर्क में अचानक आई एक बड़ी तकनीकी खामी के कारण पूरे ब्रिटेन और यूरोपीय हवाई क्षेत्र में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई इस अप्रत्याशित समस्या के चलते लगभग 300 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जबकि सैकड़ों अन्य उड़ानों के समय में भारी बदलाव और देरी दर्ज की गई है। उड़ानों के प्रस्थान पर पड़े इस भीषण असर के कारण विभिन्न हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में खराबी और रिकवरी की कोशिशें
ब्रिटेन की राष्ट्रीय हवाई यातायात सेवा (एनएटीएस) ने मंगलवार दोपहर को आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि की कि उनकी मुख्य तकनीकी प्रणाली में एक गंभीर व्यवधान आया है। एनएटीएस के अधिकारियों ने बताया कि उनके समर्पित इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ सिस्टम की इस तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने और उड़ानों के संचालन को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि, एनएटीएस ने यह भी चेतावनी दी है कि तकनीकी समस्या को पूरी तरह से ठीक करने और पूरे हवाई यातायात ढांचे को सामान्य स्थिति में वापस लाने में कुछ समय लग सकता है। इस खराबी का प्राथमिक और सबसे बड़ा असर ब्रिटेन के हवाई अड्डों से प्रस्थान करने वाली उड़ानों के शेड्यूल पर पड़ा है, जिससे उड़ानों के टेक-ऑफ में लंबी देरी हो रही है।
ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट सहित कई प्रमुख एयरलाइंस प्रभावित
हवाई उड़ानों की वास्तविक समय में निगरानी करने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रणालीगत विफलता ने कई प्रमुख विमानन कंपनियों के संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इनमें ब्रिटेन की प्रमुख एयरलाइंस जैसे कि ब्रिटिश एयरवेज और ईजीजेट सहित कई अन्य अंतरराष्ट्रीय वाहक शामिल हैं। इस व्यवधान का असर ब्रिटेन के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर देखने को मिल रहा है। प्रभावित होने वाले मुख्य केंद्रों में लंदन के स्टैनस्टेड और सिटी एयरपोर्ट के साथ-साथ मैनचेस्टर, बर्मिंघम, गैटविक और स्कॉटलैंड क्षेत्र के विभिन्न हवाई अड्डे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित सूचना के अनुसार, यूरोप के विभिन्न शहरों और गंतव्यों की ओर जाने वाली कई कम दूरी की उड़ानों को या तो पूरी तरह रद्द कर दिया गया या वे घंटों की देरी से संचालित हुईं।
रनवे पर फंसे रहे यात्री और पूरे यूरोप में विमान सेवाओं पर असर
अचानक पैदा हुए इस संकट की वजह से हवाई अड्डों और उड़ानों के भीतर यात्रियों को भारी असुविधा उठानी पड़ी है। कई प्रभावित यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी आपबीती साझा करते हुए शिकायत की है कि उड़ानों के आधिकारिक निरस्तीकरण की घोषणा होने से पहले उन्हें भीषण गर्मी और अनिश्चितता के बीच घंटों तक रनवे पर खड़े विमानों के अंदर ही बिठाकर रखा गया। यात्रियों ने एयरलाइंस की तरफ से समय पर जानकारी न दिए जाने और संचार की कमी पर भी काफी निराशा और गुस्सा व्यक्त किया है। बजट एयरलाइन ईजीजेट ने अपनी ओर से बयान जारी कर स्वीकार किया कि इस सिस्टम विफलता के कारण उसकी कई उड़ानें संचालित नहीं हो सकीं और इसका असर पूरे यूरोप में उड़ानों की समयबद्धता पर पड़ा है। एनएटीएस और संबंधित एयरलाइनों ने यात्रियों को अपने-अपने हवाई अड्डों के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। हालांकि, इस पूरे तकनीकी तंत्र में आई इस भीषण खराबी के अंतर्निहित कारणों का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है और तकनीकी टीमों द्वारा जांच की जा रही है।



















