मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को एक चूक ने बड़े हादसे की शक्ल ले ली। विजय नगर थाना क्षेत्र के सुमन नगर जैन मंदिर के पास बोरिंग का काम चल रहा था कि अचानक जमीन के नीचे बिछी अवंतिका गैस की पाइपलाइन फट गई। तेज रिसाव के बाद हुए धमाके और आग की लपटों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस घटना में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती गंभीर रूप से झुलस गईं, जबकि तीन और लोग घायल हुए। आसपास खड़े कई दोपहिया वाहन भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए।
कैसे हुआ हादसा
सुमन नगर जैन मंदिर परिसर के पास खुदाई और बोरिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के अंदर से गुजर रही अवंतिका गैस की पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा और गैस लीक होने लगी। चंद मिनटों में ही जोरदार धमाके के साथ आग भड़क उठी। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
एक्टिवा पर सवार थीं युवती, 20 प्रतिशत झुलसीं
आग की चपेट में आने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राजकुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि वह उस वक्त अपनी एक्टिवा पर सवार थीं, तभी अचानक आग की लपटें उन तक पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि वह करीब 20 प्रतिशत तक झुलस गई हैं। आग इतनी भीषण थी कि उनकी एक्टिवा समेत कई दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। वाहन में रखे जरूरी दस्तावेज, लैपटॉप और दूसरा सामान भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। इस मामले में पुलिस की ओर से आगे की जानकारी का अभी इंतजार है।
चार लोग हुए घायल
इस हादसे में राजकुमारी के अलावा सुभाष ठाकुर, गोपाल मालाकार और श्याम बरोड़ा भी जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
पार्षद ने उठाए सवाल
घटनास्थल पर मौजूद वार्ड 31 के पार्षद बालमुकुंद सोनी ने बताया कि यह काम नगर निगम की ओर से कराया जा रहा था। उन्होंने इसे वाटर रिचार्जिंग का काम बताया और गैस एजेंसी की लापरवाही पर सीधे सवाल खड़े किए।
गैस कंपनी ने ठेकेदारों पर डाली जिम्मेदारी
अवंतिका गैस के अधिकारी रोहित जैन ने सफाई देते हुए कहा कि कंपनी की ओर से हर 30 मीटर पर चेतावनी बोर्ड और दिशा-निर्देश लगाए गए हैं। उनके मुताबिक किसी भी तरह की खुदाई या बोरिंग से पहले हेल्पलाइन पर सूचना देना जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
फोम के जरिए बुझाई गई आग
फायर अधिकारी शिवकुमार दुबे के मुताबिक सूचना मिलते ही दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। आग पर काबू पाने के लिए विशेष फोम लिक्विड का इस्तेमाल किया गया।
जांच में जुटी पुलिस
एसीपी पराग सैनी ने बताया कि हादसे में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि बोरिंग का यह काम सरकारी था या निजी स्तर पर कराया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर गैस पाइपलाइन के ठीक ऊपर बोरिंग की इजाजत किसने दी और क्या इस दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि इस लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है।













