मध्य प्रदेश की राजनीति और आम जनजीवन के लिहाज से आज का दिन बेहद सरगर्मियों और हलचल से भरा हुआ है। एक तरफ राज्य विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज से विधिवत शुरू होने जा रहा है, जो आने वाले दिनों में कई बड़े राजनीतिक टकरावों और बहसों का गवाह बनेगा। वहीं दूसरी ओर, धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
विपक्ष ने तैयार की सरकार को घेरने की अचूक रणनीति
विधानसभा के इस मानसून सत्र में विपक्ष पूरी तरह से आक्रामक और हमलावर रुख अपनाने की तैयारी कर चुका है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष सत्ताधारी दल को कई ज्वलंत और विवादास्पद मुद्दों पर कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करेगा। इनमें मुख्य रूप से हाल ही में सामने आए जमीन खरीदी के विवादित मामले शामिल हैं। इसके साथ ही, प्रदेश भर के युवाओं में भारी आक्रोश का कारण बने पेपर लीक के गंभीर मुद्दे और राज्य की लगातार चरमराई कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी विपक्ष सरकार से कड़े सवाल पूछेगा। इन सभी संवेदनशील मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार और तीखी बहस होने के पूरे आसार बन रहे हैं, जिससे पूरे सत्र का माहौल काफी गर्म और हंगामेदार रहने वाला है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पर रहेगी सबकी नजर
विपक्ष के इन तीखे हमलों का मजबूती से जवाब देने के लिए सरकार ने भी अपनी खास विधायी तैयारी कर ली है। सत्ता पक्ष इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान सदन पटल पर बहुचर्चित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता विधेयक पेश कर सकता है। इस संभावित विधेयक को लेकर राज्य में पहले ही काफी राजनीतिक हलचल मची हुई है और इसके सदन में आते ही विधायकों के बीच व्यापक चर्चा, बहस और गहरे विवाद की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस बड़े कदम के अलावा, इस पूरे मानसून सत्र के दौरान कई अन्य जरूरी और लंबित विधेयकों तथा जनता के सीधे सरोकार वाले विकास के मुद्दों पर भी विस्तृत रूप से मंथन किया जाएगा।
मुलताई में ताप्ती जन्मोत्सव के दौरान मची चीख-पुकार
विधानसभा की इस राजनीतिक गहमागहमी से दूर, बैतूल जिले में एक बड़ा और संभावित रूप से जानलेवा हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। मुलताई क्षेत्र में पवित्र ताप्ती सरोवर के परिक्रमा मार्ग पर उस वक्त अचानक भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कहीं से एक बेकाबू सांड घुस आया। ताप्ती जन्मोत्सव के पावन अवसर के कारण यह पूरा मार्ग दर्शनार्थियों से खचाखच भरा हुआ था, जिसके चलते अचानक सांड को अपने बीच देखकर वहां तुरंत खौफनाक भगदड़ मच गई।
प्रशासन रहा नदारद, श्रद्धालुओं ने खुद संभाला मोर्चा
इस अचानक मची भगदड़ में खुद को बचाने की जद्दोजहद और धक्के-मुक्की के दौरान दो से तीन महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं। इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन का कोई भी पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आया। अंततः वहां मौजूद साहसी श्रद्धालुओं ने ही भारी मशक्कत के बाद किसी तरह उस खतरनाक सांड को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को पूरी तरह बेकाबू होने से बचाया। इस पूरी घटना के बाद से नगर पालिका और जिला प्रशासन की घोर लापरवाही खुलकर जनता के सामने आ गई है। इतनी भीड़ वाले परिक्रमा मार्ग पर ऐसी भयानक सुरक्षा चूक को लेकर आम श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि, इन सबके बावजूद आज ताप्ती नदी के सभी प्रमुख तटों पर ताप्ती जन्मोत्सव का मुख्य धार्मिक कार्यक्रम पूरे विधि-विधान और आस्था के साथ आयोजित किया जाएगा।



















