29 जून को मेघालय हाईकोर्ट ने राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखी। यह फैसला सुनते ही राजा का पूरा परिवार टूट गया। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने साफ कह दिया कि वह इस निर्णय को नहीं मानेंगे और अब सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। शिलॉन्ग पुलिस और मेघालय सरकार से उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
सुप्रीम कोर्ट में सीधे देंगे चुनौती
विपिन रघुवंशी ने कहा कि परिवार अब हाईकोर्ट में कोई अपील नहीं करेगा, बल्कि सीधे सुप्रीम कोर्ट जाएगा। वहां उनकी एकमात्र मांग होगी कि सोनम की जमानत तुरंत रद्द की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिलॉन्ग पुलिस और मेघालय सरकार से उन्हें अब कोई उम्मीद नहीं रह गई है।
सिया गोयल का जिक्र, जमानत पर उठाए तीखे सवाल
विपिन रघुवंशी ने पुणे हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा कि सोनम को देखकर ही सिया गोयल ने पुणे में अपने मंगेतर केतन की हत्या की। उनका मानना है कि इतने गंभीर मामले में जमानत देने से आपराधिक सोच रखने वाली महिलाओं का हौसला बढ़ता है।
उन्होंने दोनों पक्षों के वकीलों के बीच आर्थिक असमानता का मुद्दा भी उठाया। विपिन ने कहा कि सोनम के वकील इतनी मेहनत इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मोटी फीस मिल रही होगी। इसके उलट, राजा की तरफ से मुकदमा लड़ रहे वकीलों को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली, जिसकी वजह से वे अदालत में अपना पक्ष ठीक से नहीं रख पा रहे। सोनम के वकील इसी कमजोरी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
हनीमून यात्रा जो त्रासदी में बदल गई
इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने मेघालय पहुंचा। कुछ दिनों बाद ही दोनों लापता हो गए। इसके बाद राजा का शव एक खाई में मिला, जिसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। सोनम का कोई अता-पता नहीं था। संदेह की सुई सोनम की ओर घूमी और पुलिस ने जांच तेज कर दी। अंततः उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम को गिरफ्तार किया गया।
पांच आरोपी, एक बाहर, एक जेल में
पुलिस ने इस हत्याकांड में सोनम, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य लोगों को आरोपी बनाया। सोनम और राज कुशवाहा पर आरोप था कि दोनों ने मिलकर राजा की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। बाद में मेघालय की एक अदालत ने सोनम को जमानत दे दी, लेकिन राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। 29 जून को हाईकोर्ट ने भी सोनम की जमानत बरकरार रखी, जिसके बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ने का पक्का फैसला कर लिया है।













