नर्मदा नदी रविवार को एक ही दिन में दो जिलों के चार लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई। जबलपुर और नरसिंहपुर में हुए दो अलग-अलग हादसों में कुल चार लोग नदी की गहराई में समा गए। इनमें से दो के शव बाहर निकाल लिए गए हैं, जबकि बाकी दो की तलाश में बचाव दल अब भी जुटे हुए हैं।
जबलपुर: दोस्त को बचाने उतरा युवक खुद भी डूबा
पहली घटना जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम सिलुआ घाट की है। यहां पास के गांव चौखडा के पांच दोस्त रविवार को नर्मदा में नहाने पहुंचे थे। नहाते-नहाते इनमें से एक युवक ध्रुव पटेल का पैर अचानक गहरे पानी की ओर बढ़ गया और वह डूबने लगा।
ध्रुव को संकट में देखकर उसके साथी सागर पटेल ने बिना देर किए उसे बाहर खींचने की कोशिश की। लेकिन पानी इतना गहरा था कि बचाने की यह कोशिश दोनों पर भारी पड़ गई और दोनों ही डूब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर घाट पर पहुंचे और तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की लगातार मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव पानी से बाहर निकाले जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरसिंहपुर: रेलवे विद्युतीकरण परियोजना के दो कर्मचारी लापता
दूसरा हादसा नरसिंहपुर जिले के सतधारा भीमकुंड घाट पर हुआ। यहां इटारसी-श्रीधाम रेलवे विद्युतीकरण परियोजना में काम कर रहे दो कर्मचारी नहाने के दौरान नदी में लापता हो गए। प्रशासन ने इनकी पहचान राजस्थान के रहने वाले आजाद सिंह (25 वर्ष) और छोटू गोस्वामी (33 वर्ष) के रूप में की है। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन को खबर दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नरसिंहपुर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। दोनों लापता कर्मचारियों को ढूंढने के लिए SDRF की टीम और स्थानीय गोताखोर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। खबर लिखे जाने तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका था और तलाशी अभियान जारी है।













