मध्य प्रदेश की बहुचर्चित दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सभी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चुनावी मुकाबले में कुल 2.20 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता 21 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए गुरुवार, 30 जुलाई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मंगलवार शाम को चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद अब जिला प्रशासन मतदान की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में जुटा हुआ है। वोटों की गिनती रविवार, 3 अगस्त को की जाएगी, जिसके बाद दतिया के नए जनप्रतिनिधि का नाम स्पष्ट हो जाएगा।
मतदान केंद्रों का गणित और मतदाताओं की संख्या
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,20,344 मतदाता पंजीकृत हैं। इस मतदाता सूची में 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिलाएं शामिल हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेंगी। सभी योग्य नागरिकों को सुविधापूर्वक वोट डालने का अवसर देने के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरे क्षेत्र में कुल 291 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। क्षेत्र के भौगोलिक विभाजन के आधार पर 186 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में बनाए गए हैं, जबकि 105 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। सभी पोलिंग बूथों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी
चुनाव के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने जानकारी दी कि क्षेत्र के संवेदनशील और सामान्य सभी स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम चालू किया गया है। मयूर खंडेलवाल के मुताबिक, "कंट्रोल रूम में मिलने वाली हर शिकायत पर तुरंत कदम उठाया जाएगा।" पुलिस प्रशासन असामाजिक और संदिग्ध तत्वों पर पैनी नजर रख रहा है। इसके साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मतदान में बाधा डालने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस ने सभी मतदाताओं से बिना किसी डर या दबाव के मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डालने का आह्वान किया है।
त्रिकोणीय मुकाबले और उम्मीदवारों की स्थिति
इस उपचुनाव में मुख्य रूप से 21 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े पृष्ठभूमि वाले आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से घनश्याम सिंह अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इनके अलावा आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव भी चुनाव मैदान में मजबूती से डटे हुए हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय रूप लेता दिख रहा है। इन तीन प्रमुख प्रत्याशियों के अलावा 18 अन्य निर्दलीय व छोटे दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। ये अन्य प्रत्याशी मुख्य दलों के जीत और हार के अंतर तथा वोटों के समीकरण को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सीट खाली होने की वजह और पिछला इतिहास
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की स्थिति 2023 के आम चुनावों के बाद उत्पन्न हुए विधिक घटनाक्रम के कारण बनी है। साल 2023 के राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था। हालांकि, अप्रैल महीने में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की जेल की सजा सुनाई। इस अदालती फैसले के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और यह सीट रिक्त हो गई। यद्यपि बाद में राजेंद्र भारती को अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव कराना अनिवार्य हो गया। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी पर अपना भरोसा जताया है।



















