गुरु पूर्णिमा के खास मौके पर बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और निर्माता करण जौहर ने सोशल मीडिया पर अपने जीवन के दो सबसे अहम मार्गदर्शकों को याद किया। उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान और फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके करियर की नींव इन्हीं दो हस्तियों के अटूट विश्वास पर टिकी है। इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए उन्होंने दोनों दिग्गजों के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें पोस्ट कीं। करण जौहर ने अपनी इस विशेष पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में लिखा कि दो प्रमुख घटनाओं ने उनके पूरे जीवन का ढर्रा हमेशा के लिए बदल कर रख दिया।
रात एक बजे मिली वह सलाह जिसने बदला जिंदगी का रुख
करण जौहर ने अपने जीवन के पहले बड़े मोड़ का जिक्र करते हुए बताया कि यह किस्सा उनकी युवावस्था के उस दौर का है जब वे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाने की पूरी तैयारी कर रहे थे। उस समय उनकी दिनचर्या काफी भागदौड़ भरी थी और उन्होंने कभी निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने के बारे में गंभीरता से विचार नहीं किया था। इसी दौरान एक रात लगभग 1 बजे आदित्य चोपड़ा ने उनसे फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में साथ काम करने का प्रस्ताव रखा। आदित्य चोपड़ा ने न सिर्फ उन्हें अपनी टीम में शामिल होने को कहा, बल्कि यह सलाह भी दी कि उन्हें निर्देशन की दिशा में ही अपना करियर बनाना चाहिए।
आदित्य चोपड़ा का मानना था कि अगर करण जौहर ने निर्देशन का रास्ता नहीं चुना, तो यह उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल होगी। आदित्य की इस बात ने करण के मन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि वे उस पूरी रात सो नहीं सके। उनके विचारों का ताना-बाना पूरी तरह बदल चुका था और सुबह होते ही उन्होंने अपने करियर का नया रास्ता चुनने का मन बना लिया।
पिता से एक साल की मोहलत और सेट पर काम करने का फैसला
आदित्य चोपड़ा की बात से प्रेरित होकर करण जौहर अगली सुबह सीधे अपने पिता के पास पहुंचे। उन्होंने अपने विदेश जाने के प्लान को रोककर अपने पिता जी से जिंदगी का केवल एक साल मांगा। करण ने अपने पिता से कहा कि वे एक साल के लिए किसी फिल्म के सेट पर जाकर काम करना चाहते हैं और सिनेमा निर्माण की बारीकियों को करीब से समझना चाहते हैं। इस पर उनके पिता ने उनकी आंखों में आंखें डालकर पूछा कि क्या वे जानते हैं कि फिल्म के सेट पर आखिर क्या काम करना पड़ता है। करण जौहर ने बिना किसी झिझक के साफ कह दिया कि उन्हें इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है।
इसके बाद उनके पिता ने उनसे दो वादे मांगे। उन्होंने पूछा कि क्या वे सेट पर बहुत मेहनत करने और हर निर्देश का पूरी ईमानदारी से पालन करने के लिए तैयार हैं। पिता ने समझाते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और निर्देशों का पालन करने की आदत किसी व्यक्ति को एक अच्छा प्रोड्यूसर तो बना सकती है, लेकिन डायरेक्टर बनने के लिए इंसान के भीतर सिर्फ और सिर्फ जुनून की जरूरत होती है। करण जौहर ने स्वीकार किया कि उस वक्त उनके अंदर काम करने की लगन तो भरपूर थी, लेकिन खुद पर वह भरोसा नहीं था जो आदित्य चोपड़ा ने उन पर जताया था।
स्विट्जरलैंड की पहाड़ियों पर शाहरुख खान का अनोखा वादा
अपने जीवन के दूसरे सबसे बड़े मोड़ को साझा करते हुए करण जौहर ने स्विट्जरलैंड के शूटिंग शेड्यूल का एक यादगार वाकया सुनाया। वे स्विट्जरलैंड की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच खड़े होकर अपनों को याद कर रहे थे और उनके मन में घर लौटने की इच्छा के साथ-साथ थोड़ी सहानुभूति पाने की चाहत जग रही थी। उसी क्षण अभिनेता शाहरुख खान उनके पास आए और उन्होंने करण को एक ऐसा वादा दिया जिसने उनके भविष्य की दिशा तय कर दी। शाहरुख खान ने उनसे कहा, "तू डायरेक्टर बनेगा और तेरी पहली फिल्म मैं करूंगा।"
करण जौहर ने उस लम्हे को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें शाहरुख खान की इस बात पर बिल्कुल यकीन नहीं हुआ था। इतनी अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण करण को लगा कि शायद शाहरुख खान बिना सोचे-समझे यूं ही यह बात कह रहे हैं और उन्हें अंदाजा नहीं है कि वे कितना बड़ा वादा कर रहे हैं। हालांकि, भारत वापस लौटने के बाद शाहरुख खान ने इस वादे को बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने करण के पिता से मुलाकात की और उनसे करण के निर्देशन में बनने वाली पहली फिल्म के बारे में बातचीत की। उस समय करण के पिता को भी शाहरुख खान के इस आश्वासन पर पहली बार में भरोसा नहीं हुआ था, लेकिन शाहरुख अपनी बात पर पूरी तरह कायम थे।
गुरु पूर्णिमा पर जताया दिल से आभार
अपनी भावुक पोस्ट का समापन करते हुए करण जौहर ने लिखा कि वे आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान से बेहद प्यार करते हैं। आज वे अपनी सभी खूबियों, कमियों, खुशियों, कठिनाइयों, जीतों और हारों के साथ जो कुछ भी बने हैं, उसके पीछे केवल इन दोनों दिग्गजों की प्रेरणा और समर्थन है। उन्होंने कहा कि अगर वे आज पर्दे पर खूबसूरत कहानियां सुनाने में सक्षम हैं, तो यह सिर्फ आदित्य और शाहरुख के उन पर दिखाए गए विश्वास की बदौलत संभव हो पाया है।
करण जौहर ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर इन दोनों मार्गदर्शकों के प्रति अपना नमन व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने उन तमाम गुरुओं और मेंटर्स को भी सलाम किया जो बिना किसी स्वार्थी भाव के दूसरों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं और उनके सपनों को साकार करने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।



















