सागर के कर्रापुर टोल प्लाजा पर सोमवार को टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जब एक नाराज बिजली अधिकारी ने कथित तौर पर पूरे प्लाजा की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी. टोल प्रबंधन ने इसे सरकारी अमले की मनमानी बताते हुए कड़ा एतराज जताया है.
टोल मैनेजर का आरोप, अधिकारी पर मनमानी का इल्जाम
कर्रापुर टोल प्लाजा के मैनेजर मनोज कुमार तोमर ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उनका रवैया तानाशाही जैसा है. तोमर के मुताबिक बंडा में तैनात बिजली कंपनी अधिकारी मयंक कुमार रोजाना सागर और बंडा के बीच आना-जाना करते हैं और अब तक शिष्टाचार तथा आपसी सौहार्द के चलते टोल प्लाजा उनकी निजी गाड़ी से टैक्स नहीं वसूलता था. लेकिन हाल के दिनों में यही रियायत बड़े विवाद की वजह बन गई.
निजी गाड़ी से आगे बढ़कर कमर्शियल वाहनों तक पहुंची मांग
मैनेजर तोमर का कहना है कि धीरे धीरे अधिकारी की मनमानी इतनी बढ़ गई कि वे सिर्फ अपनी निजी गाड़ी ही नहीं, बल्कि पीछे से आने वाले लोडिंग वाहनों और अन्य कमर्शियल गाड़ियों को भी बिना टोल दिए निकालने का दबाव बनाने लगे. सोमवार को जब नियम के मुताबिक मयंक कुमार की गाड़ियों को टोल टैक्स के लिए रोका गया, तो विवाद ने तूल पकड़ लिया.
बहस के बाद कटी बिजली, मिलीभगत का आरोप
टोल मैनेजर के अनुसार, टोल टैक्स के लिए रोके जाने पर अधिकारी आगबबूला हो गए और मौके पर मौजूद टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए तीखी बहस की. आरोप है कि बहस खत्म होते ही मयंक कुमार ने कर्रापुर के बिजली अधिकारी रामनिवास आदिवासी को फोन लगाया. इसके तुरंत बाद पूरे टोल प्लाजा की बिजली आपूर्ति काट दी गई. मैनेजर तोमर का दावा है कि यह कार्रवाई आपसी मिलीभगत और पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर बदले की भावना से की गई.
टोल संचालन पर असर
बिजली सप्लाई ठप होने से टोल प्लाजा का रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हुआ और वहां मौजूद कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी. प्रबंधन ने इस पूरे घटनाक्रम को अधिकारियों द्वारा सरकारी संपत्ति और सत्ता के खुले दुरुपयोग की मिसाल बताया है.



















