सांपों के नाम से लोगों के मन में बैठने वाले डर को अब ज्ञान और कौतूहल में बदलने की अनूठी तैयारी पूरी हो चुकी है। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी उज्जैन में भारत का पहला आधुनिक स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इस अनोखे उद्यान में आधुनिक डिजिटल तकनीक और मल्टीमीडिया के माध्यम से सांपों की रहस्यमयी दुनिया को बेहद आकर्षक और ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों के दिलों से भय दूर कर उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
आधुनिक तकनीक से मिलेगा जंगल का रोमांच
इस स्नेक इन्फोटेनमेंट पार्क में कदम रखते ही पर्यटकों को किसी घने जंगल के बीच होने का जीवंत और रोमांचक अनुभव होता है। यहां भारत सहित दुनियाभर में पाई जाने वाली करीब 4600 सर्प प्रजातियों के बारे में विस्तृत और ज्ञानवर्धक जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। आधुनिक इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से इन सांपों की पहचान, उनके स्वभाव, खान-पान, प्राकृतिक आवास और विशिष्ट शारीरिक लक्षणों को बहुत ही सरल तरीके से समझाया गया है।
डिजिटल प्रस्तुति के अलावा इस पार्क में भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था में सांपों के महत्व को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। भगवान महाकाल के गले में विराजमान नाग के धार्मिक प्रतीक से लेकर पौराणिक मान्यताओं और परंपराओं तक को इस इन्फोटेनमेंट केंद्र में बहुत सुंदर ढंग से संजोया गया है। इससे यहां आने वाले लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर और वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों को एक साथ समझ सकते हैं।
शोध और शिक्षा के केंद्र के रूप में विकास
इस परियोजना के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए सर्प विशेषज्ञ मुकेश इंगले ने स्पष्ट किया कि यह स्थान केवल एक साधारण पर्यटन केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसे एक प्रमुख शोध और शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए एक अत्याधुनिक मल्टीमीडिया लाइब्रेरी और आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जहां सर्प विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
इसके साथ ही इस केंद्र में आम लोगों, वन कर्मियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इनमें सांपों की सटीक पहचान करने, संकट के समय उनका सुरक्षित रेस्क्यू करने तथा सर्पदंश की स्थिति में बचाव और त्वरित प्राथमिक उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी, ताकि हादसों में कमी लाई जा सके।
उज्जैन का चयन और संरक्षण की पहल
इस अनूठी पहल के लिए उज्जैन का चुनाव एक विशेष सोच के तहत किया गया है। महाकाल की नगरी होने के कारण उज्जैन में हिंदू धर्म और मान्यताओं के तहत नागों को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु इस परिसर को धार्मिक आस्था और आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के एक अद्भुत संगम के रूप में देख रहे हैं।
डॉ. इंगले और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में सांपों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और अकारण भय फैला हुआ है। जानकारी के अभाव में लोग अक्सर गैर-विषैले सांपों को भी देखते ही मार देते हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश सांप विषैले नहीं होते और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पार्क लोगों में संवेदनशीलता जगाकर सांपों के संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा।



















