मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और ज्यादातर जिलों में झमाझम बारिश हो रही है. भीषण गर्मी झेल चुके लोगों को इस बारिश ने राहत दी है और खेतों की ओर देख रहे किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं. लेकिन कुछ इलाकों में यही बारिश आफत बनकर बरसी है. भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और सड़कों पर जलभराव ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उज्जैन में शिप्रा नदी इतनी तेजी से उफनी कि घाट पर बने छोटे-छोटे मंदिर पानी में डूबते नजर आए. कहीं-कहीं तो बारिश का पानी इतना तेज बहा कि सड़क पर खड़े वाहन तक बह गए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए. 5 जुलाई 2026, रविवार को भी प्रदेश के मौसम का मिजाज कमोबेश वैसा ही बना हुआ है.
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने आज धार, मंडला, बैतूल, बड़वानी, रतलाम, शाजापुर, बालाघाट, डिंडौरी और पांढुर्णा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश होने की आशंका है और यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने इन जिलों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि बहुत जरूरी न हो तो आज घर से बाहर निकलने से परहेज करें.
इन जिलों के लिए येलो अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा मौसम विभाग ने आज बड़ी संख्या में जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है. इनमें शामिल हैं:
- भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर
- राजगढ़, गुना, सागर, दतिया, अशोकनगर
- शिवपुरी, भिंड, विदिशा, मुरैना, छिंदवाड़ा
- श्योपुरकलाां, सिंगरौली, मैहर, सीधी, रीवा
- मऊगांज, सतना, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर
- दमोह, अनूपपुर, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर
- निवाड़ी, खरगोन, रायसेन, सीहोर, हरदा
- बुरहानपुर, खंडवा, टीकमगढ़, अलीराजपुर, देवास
- आगर, मंदसौर, नीमच, सिवनी, कटनी, पन्ना
मौसम विभाग के मुताबिक इन येलो अलर्ट वाले जिलों में गरज-चमक के साथ 64.5 से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है और यहां भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है.
गरज-चमक के दौरान क्या करें, क्या न करें
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं:
- गरज-चमक के दौरान घर के भीतर ही रहें. अगर किसी वजह से बाहर निकलना पड़े तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें.
- बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालकर रखें.
- आंधी-तूफान के वक्त खुले मैदानों और खेतों में काम करने से बचें, साथ ही पेड़ों, बिजली की तारों और निर्माण स्थलों से दूरी बनाए रखें.
- वाहन चलाते समय रफ्तार धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूती से पकड़ बनाए रखें.
- कंक्रीट की दीवारों के सहारे खड़े होने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से परहेज करें.
पशुओं की सुरक्षा के लिए क्या सावधानी बरतें
बारिश और आंधी-तूफान के इस दौर में मौसम विभाग ने पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी सलाह दी है:
- पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या किसी भी जल स्रोत के आसपास न छोड़ें.
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और ढंके हुए शेड में ही रखें.
- दोपहर के वक्त तेज गर्मी में पशुओं को खुली चराई के लिए बाहर न भेजें.
- पशुओं के लिए पर्याप्त पीने का पानी और छांव की समुचित व्यवस्था करें.
- आकाशीय बिजली गिरने या तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधकर न रखें.













