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26 तारीख और खौफनाक आपदाओं का इतिहास, भूकंप से लेकर बाढ़ और विमान हादसों तक दुनिया ने झेला बड़ा दर्दमहाराष्ट्र
1 सित॰ 2026, 1:57 pm (1 दिन पहले)· 2

26 तारीख और खौफनाक आपदाओं का इतिहास, भूकंप से लेकर बाढ़ और विमान हादसों तक दुनिया ने झेला बड़ा दर्द

दुनियाभर में 26 तारीख के दिन कई भयानक प्राकृतिक और मानवनिर्मित आपदाएं आ चुकी हैं, जिनमें नेपाल की बाढ़ से लेकर चेरनोबिल परमाणु हादसा और मुंबई आतंकी हमले शामिल हैं। इतिहास के इन काले अध्यायों में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

दुनियाभर के इतिहास में कुछ ऐसी तारीखें दर्ज हैं, जिन पर नजर डालते ही रूह कांप उठती है। इनमें से एक खास तारीख 26 है, जिस दिन पिछले कई दशकों और वर्षों में ऐसी भयंकर आपदाएं और हादसे हुए हैं, जिन्होंने पूरी मानव सभ्यता को हिलाकर रख दिया। नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से लेकर तुर्की, जापान और ईरान के शक्तिशाली भूकंपों तक, तारीख 26 अक्सर तबाही का पर्याय बनती रही है। प्राकृतिक आपदाओं के अलावा कई बड़े मानव निर्मित हादसे भी इसी तारीख को हुए हैं, जिनमें परमाणु दुर्घटनाएं, विमान क्रैश और खौफनाक आतंकवादी हमले शामिल हैं।

प्राकृतिक आपदाओं का खौफनाक इतिहास

प्राकृतिक आपदाओं की फेहरिस्त में 26 तारीख का दिन बेहद दुखद घटनाओं का गवाह रहा है। हाल ही में 26 अगस्त 2026 को नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक आए उफान और मलबे के बहाव ने रसुवा जिले और आसपास के निचले इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस अचानक आई बाढ़ ने बस्तियों को पानी में डुबो दिया, सड़कों के साथ पुलों का नामोंनिशान मिटा दिया और पनबिजली परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंचाई। 1 सितंबर तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में 987 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 4,500 लोग लापता हैं।

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इससे पहले 26 अक्टूबर 2015 को हिंदू कुश क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसकी चपेट में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तरी भारत के कई इलाके आए थे। इस आपदा में लगभग 400 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान और अफगानिस्तान में देखने को मिला। वहीं 26 मई 2006 को इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के नजदीक 6.3 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें हजारों मकान जमींदोज हो गए और 5,700 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

भारत के लिहाज से भी 26 जुलाई 2005 की तारीख काले अक्षरों में दर्ज है। इस दिन महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में मानसून की ऐसी मूसलाधार बारिश हुई कि रिकॉर्ड 24 घंटों के भीतर 944 मिमी पानी बरस गया। इससे पूरे शहर की रफ्तार थम गई, सड़कें, घर और रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गए और महाराष्ट्रभर में कुल 1,094 लोगों की मौत हो गई। इसी तरह 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए भीषण भूकंप ने राज्य के कच्छ क्षेत्र को खंडहर में बदल दिया, जिसमें लगभग 20,000 लोगों की जान गई और 1,66,000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

सुनामी और बड़े भूकंपों की विनाशलीला

दिसंबर का महीना भी 26 तारीख को लेकर कई बड़े जख्म दे चुका है। 26 दिसंबर 2004 को सुमात्रा के तट के पास 9.1 तीव्रता का महा-भूकंप आया, जिसके बाद उठी विशाल सुनामी ने हिंद महासागर के तटीय देशों में भारी तबाही मचाई। इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाइलैंड इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए। इस भयानक सुनामी में लगभग 2,28,000 लोग मारे गए या लापता हो गए, जिसे दर्ज इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। ठीक एक साल पहले 26 दिसंबर 2003 को ईरान के ऐतिहासिक बाम शहर में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे पूरा शहर मलबे के ढेर में बदल गया और लगभग 31,000 लोगों की जान चली गई।

इतिहास के पन्नों में पीछे जाएं तो 25-26 मार्च 2002 की रात उत्तरी अफगानिस्तान में कई झटकों ने बगलान प्रांत को हिला दिया था, जहां कच्चे मकान ढहने से हजारों लोग बेघर हो गए और शुरुआती आंकड़ों में 1,800 मौतें बताई गईं। इसके अलावा 26 अप्रैल 1990 को चीन के किंघाई प्रांत में आए 7 तीव्रता के भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 26 नवंबर 1987 को इंडोनेशिया के पंतार में आए भूकंप और सुनामी से 125 मौतें हुईं, जबकि 26 मई 1983 को जापान सागर में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने अकिता और आओमोरी प्रांतों में 104 लोगों की जान ली।

यूरोप और तुर्की में भी 26 तारीख कई बार कहर बनकर टूटी है। 26 जुलाई 1963 को यूगोस्लाविया के स्कोप्जे शहर में 6.1 तीव्रता के भूकंप ने शहर को तबाह कर दिया, जिसमें करीब 1,070 लोग मारे गए और दो लाख से अधिक लोग बेघर हो गए। तुर्की में 26 नवंबर 1943 को लादिक-सैमसन-हवज़ा क्षेत्र में 7.5 तीव्रता के भूकंप ने लगभग 4,020 लोगों की बलि ली। इससे पहले 26-27 दिसंबर 1939 को एर्ज़िनकन में 7.8 तीव्रता के भूकंप से लगभग 32,700 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 26 सितंबर 1932 को ग्रीस के लेरिसोस में आए भूकंप और 26 नवंबर 1930 को जापान के नॉर्थ इज़ु में आए 7.3 तीव्रता के भूकंप ने भी भारी तबाही मचाई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी।

मानव निर्मित त्रासदियां और हादसे

प्रकृति के अलावा इंसान की गलतियों और साजिशों ने भी 26 तारीख को खून से रंग दिया है। 26 सितंबर 2023 को इराक के मोसुल के पास काराकोश में एक वेडिंग हॉल में उस वक्त भीषण आग लग गई, जब अंदर आतिशबाजी की वजह से अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री ने आग पकड़ ली। इस दर्दनाक हादसे में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

अफगानिस्तान से विदेशी ताकतों की वापसी के दौरान 26 अगस्त 2021 को काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत के एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। उस समय वहां देश छोड़ने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी। इस भीषण हमले में 170 अफगान नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों समेत कम से कम 183 लोग मारे गए। भारत के आधुनिक इतिहास का सबसे काला अध्याय भी इसी तारीख से जुड़ा है, जब 26 नवंबर 2008 की रात मुंबई में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने ताज होटल और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस समेत कई जगहों पर एक साथ खूनी खेल खेला। तीन दिनों तक चले इस आतंकी संघर्ष में 9 आतंकवादियों समेत कुल 166 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए।

वैश्विक स्तर पर तकनीकी और औद्योगिक मोर्चे पर भी 26 तारीख को बड़े हादसे दर्ज हैं। 26 मई 1991 को बैंकॉक से वियना जा रही लाउडा एयर की फ्लाइट 004 का बोइंग 767 विमान थाईलैंड में क्रैश हो गया। इंजन का थ्रस्ट रिवर्सर अचानक खुल जाने से विमान हवा में ही बिखर गया और उसमें सवार सभी 223 लोगों की मौत हो गई। वहीं 26 अप्रैल 1986 को सोवियत संघ के चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में सुरक्षा परीक्षण के दौरान रिएक्टर नंबर 4 में भयानक विस्फोट हुआ, जिससे भारी मात्रा में रेडियोधर्मी विकिरण फैल गया। इससे यूरोप के बड़े हिस्से पर गंभीर खतरा मंडराया और इसने आने वाली पीढ़ियों पर भी गहरा असर छोड़ा। इससे भी दशकों पहले 26 अप्रैल 1942 को चीन के लियाओनिंग प्रांत की बेनक्सीहू कोयला खदान में गैस और धूल के विस्फोट के बाद फैली जहरीली गैस से 1,549 खनिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जो इतिहास के सबसे घातक खनन हादसों में से एक है।

सवाल-जवाब

नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ में कितने लोगों की जान गई है?
अधिकारियों के अनुसार नेपाल में आई बाढ़ से 987 से अधिक लोगों की मौत हुई है और लगभग 4,500 लोग लापता हैं।
26 दिसंबर 2004 की सुनामी से कौन से देश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे?
इस भयंकर सुनामी से इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।
मुंबई में 26 जुलाई 2005 को कितनी बारिश दर्ज की गई थी?
मुंबई में 24 घंटों के भीतर लगभग 944 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
गुजरात में 26 जनवरी 2001 को आए भूकंप में कितने लोगों की मौत हुई थी?
गुजरात के उस भीषण भूकंप में लगभग 20,000 लोगों की जान गई थी।
चेरनोबिल परमाणु आपदा कब और कहां हुई थी?
चेरनोबिल परमाणु आपदा 26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत यूक्रेन में हुई थी।
मुंबई में आतंकी हमले किस तारीख को हुए थे?
मुंबई में आतंकी हमले 26 नवंबर 2008 की रात को हुए थे।
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