मुंबई में निर्माण कारोबारियों से हथियार दिखाकर अवैध वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 ने एक साहसिक कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम समेत कुल 12 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को बांद्रा क्षेत्र में एक निर्माण व्यवसायी से 25 लाख रुपये की रंगदारी की रकम स्वीकार करते समय रंगे हाथों धर दबोचा।
निर्माता और ठेकेदारों को हथियार दिखाकर धमकाने का मामला
मामले के विवरण के अनुसार, पिछले कुछ समय से मुंबई के एक बिल्डर को लगातार निशाना बनाया जा रहा था। जुल्फिकार बेहलीम और उसका भाई मोहसिन अपने गुर्गों के जरिए संबंधित व्यवसायी पर दबाव बना रहे थे। गिरोह का कहना था कि क्षेत्र में किसी भी नए ठेके या निर्माण कार्य को शुरू करने के एवज में उन्हें 25 लाख रुपये की प्रोटेक्शन मनी देनी होगी। जब व्यवसायी ने रकम देने में आनाकानी की, तो आरोपियों ने अवैध आग्नेयास्त्र दिखाकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी।
बांद्रा में 27 जुलाई को बिछाया गया विशेष जाल
रंगदारी और जानलेवा धमकियों की शिकायत मिलने के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-9 की टीम हरकत में आई। पुलिस अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से 27 जुलाई 2026 को मुंबई के बांद्रा इलाके में एक गुप्त घेराबंदी की। जैसे ही गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम, उसका भाई मोहसिन बेहलीम और उनके 10 अन्य साथी रंगदारी की 25 लाख रुपये की नकदी लेने पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस टीम ने पूरे गिरोह को मौके पर ही दबोच लिया।
भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बांद्रा पुलिस स्टेशन में कानूनी कार्रवाई शुरू की। सभी 12 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(3), 61(2), 3(5) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की धारा 3 और 25 के तहत गंभीर आपराधिक मामले पंजीकृत किए गए हैं। अपराध के प्रसार और संगठित स्वरूप को देखते हुए मामले की आगे की विस्तृत विवेचना क्राइम ब्रांच यूनिट-9 को सौंप दी गई है।
अदालत से 31 जुलाई तक मिली पुलिस हिरासत
गिरफ्तार किए गए सभी 12 आरोपियों को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत स्थानीय अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाने के लिए रिमांड की मांग की, जिस पर अदालत ने सभी आरोपियों को 31 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
वित्तीय लेन-देन और विस्तृत नेटवर्क की पड़ताल जारी
प्रारंभिक पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ है कि जुल्फिकार बेहलीम का गिरोह मुख्य रूप से निर्माण परियोजनाओं, रियल एस्टेट विकास और स्थानीय बुनियादी ढांचा कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को हथियारों के बल पर डराकर वसूली करता था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संभावित सहयोगियों तथा मुंबई और शहर के बाहर अन्य किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी गई है, इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।



















